गृह मंत्री अमित शाह बोले- आत्मनिर्भर भारत के सपने को सिद्ध करने के लिए सहकारिता से बड़ा कोई मार्ग नहीं

अहमदाबाद। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने रविवार को सहकारिता के क्षेत्र में सरदार वल्लभ भाई पटेल के योगदान का उल्लेख करते हुए कहा कि आत्मनिर्भर भारत के सपने को सिद्ध करने के लिए सहकारिता से बड़ा कोई मार्ग नहीं हो सकता है। केंद्रीय गृह मंत्री ने गुजरात के आणंद में अमूल के 75वें स्थापना वर्ष समारोह में कहा कि सरदार पटेल का अमूल से गहरा रिश्ता है। प्राइवेट डेयरी के अन्याय के खिलाफ किसानों के संघर्ष को सरदार पटेल की प्रेरणा और कर्मठ नेता त्रिभुवन दास पटेल ने सकारात्मक सोच की तरफ मोड़ने का काम किया।
शाह ने कहा कि आज अमूल का 75वां स्थापना वर्ष अमृत महोत्सव चल रहा है। जब मात्र 200 लीटर दूध एकत्रित होता था तब कल्पना भी नहीं की होगी कि आज अमूल का 2020-21 का वार्षिक टर्नओवर 53,000 करोड़ को पार कर चुका है। आज अमूल ने प्रतिदिन 30 मिलियन दूध की प्रोसेसिंग और स्टोरेज करने की क्षमता विकसित की है। 36 लाख किसान परिवार इसको अपना व्यवसाय बनाकर, अमूल के साथ जुड़े हुए हैं और अपना जीवन सम्मान से जी रहे हैं।
शाह ने कहा कि 18,600 से ज्यादा गांव की छोटी-छोटी दुग्ध सहकारी समितियां अमूल से जुड़कर इसे एक वटवृक्ष बनाने में अपना योगदान दे रही हैं। 18 जिला स्तरीय डेरियां और पूरे देश में 87 मिल्क प्रोसेसिंग प्लांट अमूल द्वारा लगाए गए हैं। मोदी जी ने सहकारिता मंत्रालय बनाया है वो ‘सहकार से समृद्धि’ के सूत्र वाक्य के साथ बनाया गया है। मुझे पूरा विश्वास है कि पांच ट्रिलियन डॉलर इकोनॉमी के अंदर सहकारिता बहुत बड़ा योगदान कर सकती है। आत्मनिर्भर भारत के सपने को सिद्ध करने के लिए सहकारिता से बड़ा कोई मार्ग नहीं हो सकता है।
इससे पहले केंद्रीय गृह मंत्री ने गुजरात के केवड़िया में राष्ट्रीय एकता यात्रा दिवस पर आयोजित कार्यक्रम को संबोधित किया। इसमें उन्होंने कहा कि आज सरदार पटेल की जन्म जयंती है। मैं पूरे देश में करोड़ों देशवासियों को बताना चाहता हूं- सदियों में कोई एक सरदार बन पाता है, वो एक सरदार सदियों तक अलख जगाता है। सरदार पटेल जी की दी हुई प्रेरणा ने ही आज देश को एक और अक्षुण्ण रखने का कार्य किया है। आज उनकी प्रेरणा देश को आगे ले जाने में, हमें एकजुट रखने में सफल हुई है।
केंद्रीय गृह मंत्री ने कहा कि केवड़िया किसी जगह का नाम नहीं है, ये तीर्थ स्थान बन गया है। राष्ट्र की एकता का तीर्थ स्थान, देश भक्ति का तीर्थ स्थल और आज ये आसमान को छूने वाली स्टैच्यू आफ यूनिटी पूरी दुनिया को संदेश दे रही है कि भारत का भविष्य उज्ज्वल है। सरदार पटेल किसी भी बात को बेबाक तरीके से रखने में जरा भी झिझकते नहीं थें, इसलिए आज जब भारत माता अखंड स्वरूप देख रहे हैं वो केवल और केवल सरदार जी के कर्म का ही नतीजा है।






