ब्रेकिंग
NEET Exam Stress: लातूर में पेपर लीक और परीक्षा रद्द होने के तनाव में NEET छात्रा ने की खुदकुशी Bakrid 2026: बकरीद पर गाय की कुर्बानी न करें मुस्लिम समुदाय; ऑल इंडिया पसमांदा उलेमा बोर्ड की बड़ी अ... J&K NIA Raid: जम्मू-कश्मीर में NIA की बड़ी कार्रवाई; शोपियां और श्रीनगर के कई ठिकानों पर छापेमारी Karnataka River Accident: कर्नाटक के भटकल में बड़ा हादसा; नदी में सीपियां निकालने गए एक ही परिवार के... Muzaffarpur Crime: मुजफ्फरपुर में जिगरी दोस्त की पत्नी को लेकर फरार हुआ युवक; चाकू लेकर घर पर बोला ध... Delhi-Gurugram Traffic: द्वारका एक्सप्रेसवे मायापुरी रिंग रोड तक बढ़ेगा; दिल्ली-गुरुग्राम के बीच 55%... Mamata Banerjee News: ममता बनर्जी का केंद्र पर तीखा हमला, बोलीं- 'देखूंगी संविधान में ज्यादा ताकत है... Ganga Dussehra Haridwar: हरिद्वार में गंगा दशहरा पर उमड़ा श्रद्धालुओं का जनसैलाब; हर की पैड़ी पर लगी... Palwal Rajak Case: पलक रजक मौत मामले में आरोपी पति अमित का सरेंडर; सास और देवर अब भी फरार Falta Bypoll Result: फालता में बीजेपी की ऐतिहासिक जीत; देबांग्शु पांडा ने 1.09 लाख वोटों से दर्ज की ...
देश

रायपुर में धनतेरस के दिन 275 लोगों ने कराई रजिस्ट्री

रायपुर। धनतेरस पर मंगलवार को बाजार गुलजार रहा। राजधानी और नवा रायपुर के रजिस्ट्री कार्यालय में जमकर भीड़ उमड़ी। मंगलवार को करीब 275 लोगों ने जमीन, मकान और फ्लैट की रजिस्ट्री करवाई। धनतेरस के दिन को शुभ मुहुर्त मानकर लोगों ने कुछ दिन पहले ही रजिस्ट्री के लिए पंजीयन करा लिया था। जिनका पंजीयन पहले हो गया था उनकी रजिस्ट्री हुई।
पंजीयन कार्यालय का साफ्टवेयर ठीक होने की वजह से समय पर सभी दस्तावेज की रजिस्ट्री हो गई। जमीन, फ्लैट और घर की रजिस्ट्री होने पर खरीददारों के चेहरों पर चमक देखी गई। पंजीयन अधिकारी का कहना है कि नवरात्रि से रजिस्ट्री में तेजी आई है। इससे राजस्व का भी इजाफा हो रहा है।
फैलता शहर, मालामाल राजधानी
छत्‍तीसगढ़ की राजधानी रायपुर की जनसंख्या और बसाहट में दिनोंदिन विस्तार हो रहा है। शहर का दायरा 10 किलोमीटर बढ़ गया है। बड़ी-बड़ी इमारतें खड़ी हो रही हैं। इससे सरकार के राजस्व में भी वृद्धि हो रही है। वर्ष 2005 की तुलना में रायपुर रजिस्ट्री कार्यालय से राजस्व में लगभग चार गुना वृद्धि हुई है। वर्ष 2005 में 120 करोड़ राजस्व प्राप्त हुआ था, जो वर्ष 2021 में 31 अक्टूबर तक 433 करोड़ पहुंच गया है। रायपुर उप पंजीयन कार्यालय की स्थापना 15 वर्ष पहले किया गया था।
शहर की बसाहट बढ़ने के साथनई-नई कालोनियां बस रही हैं। रायपुर और नगर बिरगांव निगम क्षेत्र में जमीन खरीदी-बिक्री केकाम लिए करीब 500 लोग प्रतिदिन रायपुर पंजीयन कार्यालय आते हैं। यहां के पंजीयन कार्यालय में एक दिन में 150 रजिस्ट्रियां होती है। एक रजिस्ट्री में करीब सात से आठ मिनट का समय लगता है। पंजीयन कार्यालय में पांच काउंटर हैं। इसके अलावा जिले में आरंग, अभनपुर और तिल्दा में उप पंजीयन कार्यालय हैं। पांचवां उप पंजीयन कार्यालय नवा रायपुर में खोला गया है।
वर्ष पंजीयन राजस्व

2005-06 60,390 120

2010-11 74,080 370

2015-16 42,718 390

2020-21 34,132 433

(नोट: राशि करोड़ रुपये में, वर्ष 2020-21 के आंकड़े 31 अक्टूबर तक के)
पंजीयन की रफ्तार हुई कम, लेकिन राजस्व बढ़ा
पिछले 15 वर्षों के आंकड़े पर नजर डाले तो वर्ष 2010-11 में सबसे अधिक पंजीयन 74,080 हुआ। जिससे 370 करोड़ का राजस्व मिला। वहीं सबसे कम 35,503 पंजीयन वर्ष 2018-19 में हुआ। विशेषज्ञों की मानें तो मार्च 2019 में कोरोना से प्रदेश में दस्तक दे दी थी, आमतौर पर मार्च के महीने में सर्वाधिक पंजीयन होते है, लाकडाउन के कारण पंजीयन दफ्तर बंद रहा और लोग घरों पर दुबके रहे।

इस बार पंजीयन का बनेगा नया रिकार्ड
प्रदेश के साथ राजधानी रायपुर में साल-दर-दर पंजीयन से राजस्व बढ़ा है। स्थापना काल वर्ष 2005 में जहां 120 करोड़ रुपये के राजस्व की प्राप्ति हुई, वहीं इस वर्ष अभी तक 433 करोड़ राजस्व मिल चुका है। वित्तीय वर्ष में अभी पांच माह शेष है, ऐसे में यह उम्मीद की जा रही है कि इस वर्ष पंजीयन का नया रिकार्ड बनेगा। – बीएस नायक, पंजीयक रायपुर

Related Articles

Back to top button