नहाय खाय परंपरा निभाने के साथ सोमवार से शुरू होगा छठ महापर्व

रायपुर। परिवार की सुख-समृद्धि के लिए किया जाने वाला छठ महापर्व सोमवार से शुरू हो रहा है। चार दिवसीय छठ महापर्व की शुरुआत सोमवार को नहाय खाय परंपरा निभाने के साथ होगी। मुख्य आयोजन 10 नवंबर की शाम को रायपुर में होगा। अस्त हाेते सूर्य और छठी माता को अध्र्य देने हजारों लोग उमड़ेंगे। इस मौके पर मुख्य अतिथि के रूप में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल होंगे और अध्यक्षता पूर्व मुख्यमंत्री डा.रमन सिंह करेंगे।
चना दाल-लौकी की सब्जी का का सेवन करेंगे
महादेवघाट छठ पर्व आयोजन समिति के संयोजक सुनील सिंह ने बताया कि पहले दिन नहाय खाय परंपरा में पूरे घर की साफ- सफाई की जाएगी। स्नान करने के बाद व्रत का संकल्प लिया जाएगा। 8 नवंबर को चना दाल, कद्दू की सब्जी और चावल का प्रसाद ग्रहण करेंगे। बिहार, उत्तरप्रदेश की संस्कृति से जुड़े हजारों लोग जो रोजीरोटी कमाने छत्तीसगढ़ आकर बस गए हैं, वैसे हजारों परिवार धूमधाम से पर्व मनाएंगे।
नौ नवंबर को खीर-रोटी
लोहंडा एवं खरना की परंपरा 9 नवंबर मनाएंगे। इसमें खीर-रोटी का सेवन करके छठ महापर्व का व्रत रखन का संकल्प लेंगे। खरना खाने के बाद 36 घंटे तक पानी तक नहीं पीएंगे।
10 नवंबर की शाम अर्घ्य
10 नवंबर की शाम को नदी और तालाब के किनारे अर्घ्य देने की परंपरा निभाएंगे। महादेवघाट पर रात भर सांस्कृतिक आयोजन होगा। भोजपुरी गायक और सुर संग्राम विजेता वीरेन्द्र भारती, लोक गायिका सुनीता पाठक, छत्तीसगढ़ के गायक दिलीप षड़ंगी भजनों की प्रस्तुति देंगे। प्रयागराज से नृत्य नाटिका कलाकार सोनाली तरुण चोपड़ा धामिक आख्यानों पर झांकी की प्रस्तुति देंगी।
नदी किनारे बनेंगी 300 से अधिक वेदियां
छठ महापर्व आयोजन समिति महादेवघाट के सदस्यों ने खारुन नदी के महादेव घाट की लगातार दूसरे दिन सफाई की। मंगलवार को घाट के किनारे पूजा के लिए ईंटों से वेदी बनाने का सिलसिला शुरू हो जाएगा। घाट के किनारे 300 से अधिक वेदियां बनाई जाएगी। पांच-पांच फीट की दूरी पर वेदी बनाकर दो दिन तक वहीं पूजा-अर्चना की जाएगी।





