ब्रेकिंग
BJP OBC Politics: काशी में बीजेपी का मास्टरस्ट्रोक; अशोक चौरसिया को कमान देकर पिछड़ा वर्ग को साधने क... Lohagad Murder Case: पुणे मंगेतर हत्याकांड में SIT जांच के निर्देश; विधानसभा में गूंजा केतन अग्रवाल ... WB Anti-Social Activities Bill: पश्चिम बंगाल में 'निवारक हिरासत' का प्रावधान; विधानसभा में पेश होगा ... Sanjay Dina Patil Controversy: शिवसेना सांसद के 'बम' वाले बयान पर मचा बवाल; ठाकरे गुट ने दर्ज कराई श... Fake Helmet Factory Ghaziabad: गाजियाबाद में दो हेलमेट इकाइयों पर BIS का छापा; लाइसेंस खत्म होने के ... Passport Fees Hike 2026: 1 जुलाई से महंगा होगा पासपोर्ट बनवाना; जानिए नई दरों की पूरी लिस्ट Ram Mandir Donation Controversy: चांदी का काकभुशुण्डि मिलने के बाद भी खड़े हुए सवाल; दानदाताओं ने रसी... Ram Mandir Donation Scam: राम मंदिर चढ़ावा गबन मामले में FIR दर्ज; गबन और धोखाधड़ी की धाराओं में 8 आ... LPG Supply Rules Changed: सरकार का बड़ा फैसला; व्यावसायिक LPG पर लगे सभी प्रतिबंध हटाए गए Ram Mandir Donation Scam: राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में बड़ी कार्रवाई; ट्रस्ट की शिकायत पर 8 लोगों...
देश

अगले कुछ दिन सांस लेना भी होगा मुश्किल, CSE की इस रिपोर्ट में बड़ी चेतावनी

नई दिल्ली। अगर आप दिल्ली एनसीआर में रहते हैं तो अगले कुछ दिन आपको घने स्मॉग का सामना करना पड़ सकता है। सेंटर फॉर साइंस एंड इनवायरमेंट CSE की एक रिपोर्ट के मुताबिक इस सीजन में पहली बार धुंध की एक मोटी चादर अगले सात दिनों तक पूरे इंडो गैंजेटिक प्लेन में देखी जाएगी। इस धुंध का प्रमुख कारण दिवाली पर जलाए गए पटाखे और पराली जलाने से निकला धुआं और बदलता मौसम है। इस साल पिछले चार सालों में पराली का धुंआ सबसे कम दर्ज किया जा रहा है।

दिल्ली और एनसीआर में दर्ज किए जाने वाली धुंध में PM 2.5 के अलावा बड़े पैमाने पर ओजोन, कार्बन मोनोऑक्साइड, नाइट्रोजन डाइऑक्साइड और सल्फर डाइऑक्साइड सहित जहरीली गैसों का घातक मिश्रण दर्ज किया जा रहा है। 2017 के बाद से दिवाली की रात 8 बजे से सुबह 8 बजे तक हवा में पीएम 2.5 का स्तर सबसे अधिक रहा। वहीं हवा में सल्फर डाइऑक्साइड और नाइट्रोजन ऑक्साइड का अनुपात भी काफी अधिक रहा है, जो पटाखों के प्रभाव को दर्शाता है।

सीएसएई के मुताबिक हवा में घने स्मॉग को देखते हुए तुरंत आपातकालीन कदम उठाए जाने की जरूरत है ताकि प्रदूषण को और अधिक बढ़ने से रोका जा सके। वहीं सरकारों को एक दीर्धकालिक पॉलिसी अपनाने की भी जरूरत है।

दिल्ली की हवा में PM 2.5 का औसत स्तर 250 माइक्रोग्राम प्रति क्यूबिक मीटर तक बना हुआ है। 05 नवम्बर को हवा में PM 2.5 का स्तर 501 माइम्रोग्राम प्रति क्यूबिक मीटर तक पहुंच गया था। मानकों के तहत हवा में PM 2.5 का स्तर 60 माइक्रोग्राम प्रति क्यूबिक मीटर से अधिक नहीं होना चाहिए। 8 नवम्बर तक हवा में PM 2.5 का स्तर घट कर 256 माइक्रोग्राम प्रति क्यूबिक मीटर तक आ गया। लेकिन अब भी ये खतरनाक स्तरों के ऊपर बना हुआ है।

इस साल आठ नवम्बर को हवा में पराली के धुएं का स्तर पिछले चार सालों में सबसे कम दर्ज किया गया। इस साल आठ नवम्बर को हवा में इसका स्तर 12 फीसदी रहा। 2020 में हवा में इसका स्तर 17 फीसदी था। वहीं 2019 में 14 फीसदी और 2018 में 16 फीसदी था।

दिल्ली की हवा में स्मॉग का स्तर सबसे अधिक 7 नवम्बर को रहा। ये 48 फीसदी तक पहुंच गया था। ये दिल्ली की हवा में प्रदूषण के स्तर पर नजर रखने वाली संस्था SAFAR के बनने के बाद 2018 में सबसे अधिक था। 5 नवम्बर को दिल्ली की हवा में स्मॉग का स्तर 58 फीसदी पर पहुंच गया था।

हवा में बढ़ीं खतरनाक गैसें

सीएसई की रिपोर्ट के मुतबाकि प्रदूषण के चलते दिल्ली की हवा में खतरनाक गैसों का स्तर भी लगातार बढ़ रहा है। हवा में ओजोन गैस का स्तर मानकों से अधिक दर्ज किया जा रहा हे। वहीं स्मॉग के चलते हवा में कार्बन मोनो ऑक्साइड का स्तर भी मानकों से अधिक बना हुआ है।

पिछले पांच सालों में सबसे प्रदूषित रही दिवाली की रात

सीएसई की रिपोर्ट के मुताबिक पिछले पांच सालों में इस साल दिवाली की रात 8 बजे से अगले दिन सुबह 8 बजे तक हवा में प्रदूषण का स्तर काफी अधिक रहा। पिछले पांच सालों में इस दौरान हवा में PM 2.5 का औसत स्तर 747 माइक्रोग्राम प्रति क्यूबिक मीटर रहा जो 2020 की तुलना में 22 फीसदी तक अधिक है। वहीं दिवाली की रात हवा में PM 2.5 का ये स्तर सामान्य स्तर से 4.5 गुना ज्यादा है।

Related Articles

Back to top button