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न्याय योजना की मिली राशि तो खिल उठे अन्नदाताओं के चेहरे

बिलासपुर। समर्थन मूल्य पर धान बेचने वाले जिले के एक लाख छह हजार 233 किसानों के बैंक खाते में राजीव गांधी किसान न्याय योजना की राशि जमा हो गई है। यह राशि दीपावली से पहले ही राज्य सरकार ने जमा करा दी थी। किसानों की दीपावली इस बार अच्छी रही। अब धान कटाई और मिसाई का समय है। न्याय योजना की राशि से धान की कटाई और मिसाई भी बेिफक्री के साथ कर सकेंगे। राजीव गांधी किसान न्याय योजना की तीसरी किस्त की राशि मिलने से किसानों के परिवार में त्योहारों की खुशी दोगुनी हो गई।

तखतपुर विकासखंड के ग्राम लाखासार निवासी जगदीश प्रसाद ने बताया कि उनके पास 10 एकड़ कृषि भूमि हैं। उन्हें 25 हजार रूपये प्राप्त हुए हैं। उन्होंने बताया कि दीपावली के ठीक पहले यह राशि मिलने से उन्होंने न केवल त्यौहार उत्साह से मनाया बल्कि इसी राशि से खेती-किसानी में भी मदद मिलेगी।

वे बताते हैं कि इस योजना से किसानों की जिंदगी बदल गई है। समय-समय पर राशि मिलने से अतिरिक्त आर्थिक बोझ नहीं होता। ग्राम सरगांव निवासी कजरा वर्मा को तीसरी किश्त के रूप में 50 हजार रूपये की राशि मिली है। उनकी दस एकड़ कृषि भूमि है। परिवार में छह सदस्य हैं। खेती-किसानी से ही परिवार का गुजर-बसर होता है। उन्होंने बताया कि इस राशि से परिवार की जरूरतें पूरी करेंगी।

इसके अलावा बच्चों की शिक्षा में भी यह राशि काम आएगी। वे कहती हैं कि इस योजना के चलते खेती. किसानी अब मुनाफे का व्यवसाय बन गया है। धन्नूलाल लोनिया को छह हजार 500 रूपये की तीसरी किस्त मिली है। वे कहते हैं कि इस योजना से उन्हें आर्थिक मजबूती मिली है। अन्नदाता किसानों का कहना है कि छत्तीसगढ़ शासन द्वारा चलाई जा रही किसान हितैषी योजनाओं से हमारी जिंदगी बदल गयी है। अब हमें साहूकारों पर निर्भर नहीं रहना पड़ता है।

इस बार बढ़ गए साढे पांच हजार किसान

समर्थन मूल्य पर धान बेचने के लिए साढे पांच हजार किसानों ने नया पंजीयन कराया है। इसके साथ ही इस वर्ष जिले के एक लाख 10 हजार 600 किसान समितियों के माध्यम से समर्थन मूल्य पर अपना धान बेचेंगे। इन किसानों ने 125172.1 हेक्टेयर में धान की फसल ली है।

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