ब्रेकिंग
Bangladesh Election 2026: क्या बांग्लादेश चुनाव का बहिष्कार करेंगे हिंदू? हत्याओं और जनमत संग्रह पर ... Delhi Riot: ताहिर हुसैन को बड़ा झटका! दंगे की साजिश में जमानत याचिका खारिज, कोर्ट बोला- 'केस चलाने क... 'अजित पवार पर लगे करप्शन के आरोप वापस ले BJP, यही होगी सच्ची श्रद्धांजलि', संजय राउत का बड़ा सियासी ... सुप्रीम कोर्ट का बड़ा सवाल: 'फर्जी आधार की तरह पासपोर्ट भी बन सकता है', चुनाव आयोग के साथ सुनवाई में... कलकत्ता HC का ममता सरकार को कड़ा आदेश: 'बॉर्डर फेंसिंग के लिए BSF को तुरंत दें जमीन', राष्ट्रीय सुरक... 'सुप्रीम कोर्ट ने वही किया जो मैंने कहा था...', UGC नियमों पर रोक के बाद निशिकांत दुबे का बड़ा दावा;... Ajit Pawar Plane Crash Reason: सामने आई अजित पवार के विमान हादसे की असली वजह! एक्सपर्ट ने एनालिसिस म... SC का चुनाव आयोग को सख्त निर्देश: तमिलनाडु चुनाव में 'लॉजिकल डिस्क्रेपेंसी लिस्ट' करें जारी, पारदर्श... Land for Job Scam: लालू-राबड़ी और तेजस्वी यादव को बड़ी राहत, कोर्ट ने दी व्यक्तिगत पेशी से छूट; अब 9... 'कोर्ट ने सही किया...': UGC नियमों पर SC की रोक के बाद नेताओं में मची होड़, जानें किसने बताया इसे जी...
देश

डायबिटीज का दायरा बढ़ रहा, शहर से ज्यादा ग्रामीण क्षेत्रों में गंभीर स्थिति

रायपुर। देश में और विशेषकर छत्तीसगढ़ में डायबिटीज के बढ़ते रोगियों की संख्या पर चिकित्सकों ने चिंता प्रकट करते हुए कहा है कि भारत को डायबिटीज की राजधानी के रूप में बनने से रोकना होगा। इसके लिए समाज को दैनिक दिनचर्या में बदलाव करने होंगे, साथ ही डायबिटीज के रोगियों के लिए अत्याधुनिक उपचार की सुविधा उपलब्ध करानी होगी। डायबिटीज के रोगियों को अन्य गंभीर बीमारियां जैसे कोविड-19 आदि होने की संभावना अधिक होती है अतः डायबिटीज पर नियंत्रण की आवश्यकता है।

विश्व मुधमेह दिवस पर अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान के एंडोक्रीनोलॉजी और सामान्य चिकित्सा विभाग के तत्वावधान में सेमीनार हुआ। उद्घाटन करते हुए निदेशक प्रो. नितिन एम नागरकर ने कहा कि कोविड के दौरान सर्वाधिक चुनौतीपूर्ण स्थिति डायबिटीज के रोगियों की वजह से हुई। ऐसे में अभी से डायबिटीज के प्रति सभी को जागरूक बनाने की जरूरत है। सरकार इस दिशा में कार्यरत है परंतु समाज के सभी वर्गों को इस दिशा में मिलकर कार्य करना होगा।

उन्होंने कहा कि डायबिटीज की शीघ्र पहचान और उपचार से रोगियों को गंभीर परिस्थितियों से बचाया जा सकता है। इस दिशा में एम्स पहल कर रहा है और विभिन्न विभागों में डायबिटीज के रोगियों के लिए विशेष सुविधाएं प्रदान की गई हैं। प्रो. विनय पंडित का कहना था कि अब शहर के साथ ग्रामीण क्षेत्रों में भी बदलती दिनचर्या की वजह से डायबिटीज बढ़ती जा रही है। ग्रामीण क्षेत्रों में डायबिटीज पिछले दो दशकों में तीन गुना बढ़ी है जबकि शहरी क्षेत्रों में डेढ़ गुना बढ़ी है। डायबिटीज के लिए नई दवाइयां बाजार में उपलब्ध हैं मगर महंगी हैं। ऐसे में दवाइयों की उपलब्धता पर भी ध्यान देने की आवश्यकता है।

जिपमर पुदुचेरी के डा डी.बी नायक का कहना था कि भारत डायबिटीज की राजधानी बन गया है। युवा वर्ग में डायबिटीज तेजी के साथ बढ़ रही है। इसका स्वास्थ्य के साथ आर्थिक प्रभाव भी देखने को मिल रहा है। एम्स भुवनेश्वर के डा. किशोर के बेहरा ने बताया कि स्वास्थ्य सर्वे में 29 राज्यों और सात केंद्र शासित प्रदेशों में डायबिटीज रोगियों की संख्या 42 प्रतिशत तक है। लगभग 10 प्रतिशत भारतीयों को डायबिटीज है।

Related Articles

Back to top button