ब्रेकिंग
कमजोर मॉनसून से भाखड़ा डैम का जलस्तर गिरा, BBMB ने 3 राज्यों को जारी किया अलर्ट लुधियाना के पक्खोवाल रोड पर हथियार के बल पर लूटपाट, वैगनआर से रास्ता रोककर छीनी सोने की अंगूठी लुधियाना में मेडिकल स्टोर पर बड़ा छापा: 49 हजार प्रतिबंधित नशीली गोलियों के साथ संचालक पवन गिरफ्तार लुधियाना में बैंक ऑफ बड़ौदा के ATM का शटर तोड़कर नकदी चोरी का प्रयास: मशीन में की भारी तोड़फोड़, 2 न... पंजाब में थमी मॉनसून की रफ्तार: 9 जिलों में हल्की बारिश के आसार, फिरोजपुर में पारा 37°C पार; जानें म... पंजाब में BJP-SAD गठबंधन की चर्चाओं पर ब्रेक: कार्यकर्ताओं के विरोध के बाद सभी सीटों पर चुनाव लड़ने ... लुधियाना नगर निगम FNCC चुनाव में बड़ा बदलाव: हाथ खड़े करवाकर नहीं होगा मतदान, आज सिर्फ नामांकन; विधा... जालंधर में 70 वर्षीय बुजुर्ग की पत्थरों से कुचलकर हत्या: मकसूदां पुलिस ने 10 घंटे में आरोपी को दबोचा... अमृतसर व जालंधर से चलने वाली 14 प्रमुख ट्रेनों के रूट में बदलाव; ढंडारी कलां स्टेशन पर 31 दिसंबर तक ... लुधियाना में 15 वर्षीय नाबालिग को बंधक बनाकर दुष्कर्म: जागीरपुर के मकान में दिया वारदात को अंजाम, पॉ...
देश

NMC बिल प्रदर्शनः डॉक्टरों की हड़ताल का तीसरा दिन, अस्पतालों में तड़प रहे मरीज

नई दिल्लीः पिछले तीन दिन से लगातार दिल्ली के एम्स के डॉक्टर हड़ताल पर हैं और डॉक्टरों का विरोध प्रदर्शन जारी है। ऐसे में अस्पताल के मरीजों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। एम्स ने स्वास्थय संबंधी सारी सेवाएं बंद कर दी है। जिसके चलते मरीजों को काफी दिक्कतें आ रही हैं

गौरतलब है कि राज्यसभा में एमएनसी बिल के पास किये जाने से एम्स के डॉक्टर काफी नाराज हैं, लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ये बिल पास करवा दिया और सरकार का दावा है कि ये बिल डॉक्टरों के हित में है। मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया (एमसीआई) की जगह नेशनल मेडिकल कमीशन (एनएमसी) बिल को मोदी सरकार राज्यसभा में भी पास कराने में कामयाब रही, वहीं इस बिल के खिलाफ देशभर में डॉक्टर सड़कों पर उतर आए और गुरुवार को अधिकांश डॉक्टर हड़ताल पर रहे।

नेशनल मेडिकल कमिशन विधेयक (NMC) के विरोध में देशभर में डॉक्टर्स हड़ताल पर हैं। इस मामले पर केंद्रीय स्वास्थ्य राज्य मंत्री अश्विनी चौबे ने डॉक्टरों से हड़ताल पर न जाने की अपील की है। उन्होंने कहा है कि यह बिल डॉक्टरों के हित में है।

विरोध के बावजूद सरकार गुरुवार को राज्यसभा में यह बिल पास कराने में कामयाब हो गई जबकि 29 जुलाई को लोकसभा में यह बिल पास हो गया था। बिल पास होने के बाद अगले 3 सालों में नेशनल मेडिकल कमीशन का गठन किया जाएगा। इससे पहले एमसीआई के पास एडमिशन, मेडिकल शिक्षा, डॉक्टरों की रजिस्ट्रेशन से जुड़े काम होते थे, लेकिन अब इस बिल के पास होने के बाद यह सारा काम एनएमसी के पास चला जाएगा। इस तरह से एमसीआई की जगह नेशनल मेडिकल कमीशन ले लेगा।

बता दें कि केंद्रीय मंत्रिमंडल ने इस विधेयक को 17 जुलाई के दिन मंजूरी दे दी थी। विधेयक का मुख्य उद्देश्य मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया (एमसीआई) के स्थान पर एक चिकित्सा आयोग स्थापित करना है। बताया जाता है कि इससे भारतीय चिकित्सा परिषद अधिनियम 1956 निरस्त हो जाएगा।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button