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प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि स्कीम की तीसरी किस्त के लिए बेहद जरूरी है आधार कार्ड

एक बार फिर जनता का दिल जीतकर सत्ता में आए पीएम मोदी ने जनता से किए वादें तो पूरे किए हैं। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि स्कीम के तहत अब तक देश के 6 करोड़ 35 लाख किसानों को पहली और दूसरी किस्त के 2-2 हजार रुपए मिल चुके हैं। लेकिन जो एक अगस्त से तीसरी किस्त भेजी जानी थी अब तक कृषि मंत्रालय ने स्पष्ट नहीं किया है कि तीसरी किस्त कितने किसानों को भेजी गई। अब तक जितने किसानों के पास पहली और दूसरी किस्त का पैसा गया है उनका आधार बायोमैट्रिक वेरीफिकेशन नहीं हुआ है। यह काम तीसरी किस्त के लिए होगा।

खास बात यह है कि जिन लोगों ने पैसा ले लिया है और इसके लिए पात्र नहीं हैं सरकार उनसे यह पैसा वापस लेगी। कोशिश ये है कि असली किसानों को ही लाभ मिले। तो क्या केंद्र सरकार ने पहली और दूसरी किस्त के लिए आधार बायोमैट्रिक लेने में ढील दी? इसके बारे में कृषि मंत्रालय के अधिकारियों ने जानकारी दी है। मंत्रालय ने बताया है कि स्कीम की दूसरी किस्‍त के लिए मंत्रिमंडल ने आधार को अनिवार्य बनाया था। लेकिन बाद में इसमें ढील दे दी गई। तर्क यह था कि लाभार्थियों के आधार ब्‍योरे को प्रमाणित करने के कारण दूसरी किस्‍त को जारी करने में देर होती। इससे किसानों में असंतोष बढ़ता, इसलिए आधार शर्त में ढील दी गई थी। यह शर्त तीसरी किस्‍त जारी करने के लिए मान्‍य है।

आपको बता दें कि दूसरी किस्‍त के लिए केवल आधार संख्‍या को ही अनिवार्य माना गया था। तीसरी किस्त का भुगतान करने से पहले सरकार आंकड़ों को प्रमाणित करने के लिए पर्याप्‍त कदम उठाएगी। तो क्या किसी गड़बड़ी की आशंका है? योजना के सीईओ विवेक अग्रवाल के मुताबिक ऐसी किसी गड़बड़ी की सूचना नहीं है कि किसी अपात्र को पैसा मिला हो, लेकिन इतनी बड़ी योजना है तो संभावना बनी ही रहती है। अगर अपात्र लोगों के खातों में पैसा ट्रांसफर हुआ तो उसे वापस तो लिया ही जाएगा। ऐसे लोगों को पैसा डीबीटी से गया है और डीबीटी से ही वापस लिया जाएगा। यह हमने राज्यों को बताया है।

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