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किम्स हास्पिटल में रेलकर्मी की मौत, स्वजनों ने लगाया लापरवाही का आरोप

बिलासपुर। बिलासपुर रेल मंडल के बिजुरी में पदस्थ ट्रैकमैन दूधनाथ सिंह की किम्स में इलाज के दौरान मौत हो गई। स्वजनों का आरोप है कि डाक्टर व अस्पताल प्रबंधन की लापरवाही के कारण उनकी मौत हुई है।

स्वजनों का कहना है कि ट्रैकमैन दूधनाथ सिंह की अचानक तबीयत बिगड़ने पर 22 नवंबर को अंबिकापुर के एक हास्पिटल से लेकर रेलवे केंद्रीय चिकित्सालय बिलासपुर पहुंचे। यहां से उन्हें किम्स हास्पिटल के लिए रेफर कर दिया गया। रेलवे व किम्स के बीच अनुबंध है। किम्स में उनका न्यूरो से संबंधित इलाज चल रहा था।

दूधनाथ की पत्नी अंजली को डाक्टरों ने कहा कि अभी तक उन्हें क्या तकलीफ है यह स्पष्ट नहीं हुआ है, लेकिन हम दवाइयां देकर इलाज कर रहे हैं। बाद में डाक्टरों ने उनके फेफड़े में भी इंफेक्शन की बात कही। इसका इलाज यहां नहीं हो पाएगा। तब उनकी पत्नी ने डाक्टर से निवेदन भी किया कि अगर इलाज नहीं हो पा रहा है तो आप हमें वापस रेलवे हास्पिटल भेज दें। जिससे हम दूसरी जगह रेफर करा सकें, तब डाक्टर द्वारा कहा गया कि स्थिति ज्यादा खराब होने के एक दो दिन पहले ही यहां से ले जाने को कह देंगे।

अचानक शुक्रवार की रात 2:30 से 3:00 बजे के बीच दूधनाथ की मृत्यु की सूचना हास्पिटल प्रबंधन ने स्वजनों को दी। यह सुनकर स्वजनों के पैरों तले जमीन खिसक गई। डाक्टरों पर आक्रोश भी जताया। इस घटना के लिए स्वजनों ने रेलवे केंद्रीय अस्पताल प्रबंधन को भी जिम्मेदार ठहराया गया। मृतक की पत्नी एक दिन पहले शुक्रवार केंद्रीय चिकित्सालय में पहुंचकर अपोलो या किसी अच्छे अस्पताल में रेफर करने का निवेदन किया।

लेकिन उनकी गुहार किसी ने नहीं सुनीं। यहां कहा कि केंद्रीय चिकित्सालय से डाक्टरों की टीम किम्स भेजेंगे, ताकि वे डाक्टरों से बात करें। लेकिन केंद्रीय चिकित्सालय से कोई भी डाक्टर नहीं पहुंचे। इसके साथ ही ट्रैकमेंटेनर एसोसिएशन के हस्तक्षेप पर सही उचित वजह बताते हुए मृत्यु प्रमाण पत्र जारी किया गया, जबकि पहले दूसरी वजह बताई गई। एसोसिएशन इस मामले में उच्चाधिकारियों से शिकायत करेगा।

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