छत्तीसगढ़ में कस्टम मिलिंग का चावल एफसीआई में जमा करा रहे मिलर्स

रायपुर। एक दिसंबर से छत्तीसगढ़ में समर्थन मूल्य पर धान की खरीदी शुरू हुई। खरीदी केंद्रों पर आने वाले धान की उठाव मिलर्स कर रहे हैं। धान कूटने के बाद चावल को एफसीआई गोदाम में जमा करा रहे हैं। सरकार के निर्देश के बाद अफसरों की मीटिंग में मिलर्स धान का उठाव कई जिलों में खरीदी केंद्रों में शुरू कर दिए हैं।
मिलर्स द्वारा धान ले जाने के बाद चावल जमा करने की शुरूआत रायगढ़ जिले से हुई है। रायगढ़ में सोमवार को आकांक्षा राइस मिल के संचालक ने एफसीआई रायगढ़ में 290 क्विंटल चावल जमा करके शुरुआत की। राज्य में ऐसा पहली बार हुआ है जब धान खरीदी की शुरूआत के साथ-साथ एफसीआई में कस्टम मिलिंग का चावल जमा कराना भी शुरू हो गया है। एफसीआई में इस साल के कोटे का चावल जमा कराने की रियल टाइम आनलाइन एंट्री भी हो रही है
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने राइस मिलर्स को आटो पंजीयन की सुविधा, पुराने बारदाने के मूल्य को 18 रुपये से बढ़ाकर 25 रुपये करने और कस्टम मिलिंग के लिए प्रति क्विंटल राइस मिलर्स को 120 रुपये की प्रोत्साहन राशि देने के फैसले से मिलर्स उत्साहित हैं। छत्तीसगढ़ राइस मिलर्स एसोसिएशन सरकार के पहल पर एकजुट और संकल्पित हैं।
61.65 लाख मीट्रिक टन अरवा चावल सेंट्रल पूल में देना है
छत्तीसगढ़ को इस साल 61.65 लाख मीट्रिक टन अरवा चावल सेंट्रल पूल में देना है। इस लक्ष्य को देखते हुए मुख्यमंत्री बघेल ने राइस मिलर्स से पूरी क्षमता और गुणवत्ता के साथ कस्टम मिलिंग करने और एफसीआई में चावल जमा कराने का आह्वान किया है। मुख्य सचिव अमिताभ जैन ने भी रायगढ़ जिले में कस्टम मिलिंग का चावल जमा होने की शुरुआत होने पर प्रसन्नता जताई है और इसके लिए जिला प्रशासन और मिलर्स एसोसिएशन को बधाई दी है।