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सुषमा स्वराज: 25 साल की उम्र में बनी थी केंद्रीय मंत्री, 2 साल बाद ही जनता दल की अध्यक्षा

नई दिल्ली: पूर्व केंद्रीय मंत्री सुषमा स्वराज का 67 वर्ष की उम्र में निधन हो गया है। उनके निधन से देश में शोक की लहर है। सुषमा स्वराज भारतीय राजनीति की एक ऐसी नेता थी जिनका सभी दल सम्मान करते थे। कांग्रेस पार्टी ने ट्वीट कर उनके निधन गहरी संवेदना व्यक्त किया है। सुषमा स्वराज भाजपा के कद्दावर नेताओं में से एक थी। विदेश मंत्री रहते हुए सुषमा स्वराज ने सर्वाधिक लोकप्रियता हासिल की। सोशल मीडिया पर सुषमा काफी सक्रिय रहती थी और कई बार ट्विटर से ही वो लोगों की समस्या का समाधान कर लेती थीं।

कुछ सालों से चल रही थी बीमार
पिछले कुछ सालों से उनके स्वास्थ्य में लगातार गिरावट आ रही थी, इसी वजह से उन्होंने 2019 लोकसभा चुनाव नहीं लड़ने का फैसला किया। 2016 में एम्स में ही उनका किडनी प्रत्यारोपण हुआ था। जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 खत्म होने पर मंगलवार शाम को उन्होंने ट्वीट किया था, जिसमें उन्होंने लिखा था, प्रधानमंत्री जी- आपका हार्दिक अभिनन्दन। मैं अपने जीवन में इस दिन को देखने की प्रतीक्षा कर रही थी।

सुषमा स्वराज का राजनीतिक सफर
सुषमा स्वराज ने भारतीय राजनीति में अपनी शुरुआत वर्ष 1970 में छात्र नेता के रूप में की थी। इन्होंने इंदिरा गांधी की सरकार के खिलाफ कई विरोध प्रदर्शन आयोजित किए थे। वह एक आसाधारण वक्ता और प्रचारक थी। उन्होंने जनता पार्टी में शामिल होने के बाद आपातकाल के विरोध में सक्रिय रूप से भाग लिया था। भारतीय राजनीति में इनकी भूमिका ने इन्हें पहले दिल्ली की पहली महिला मुख्यमंत्री और बाद में विपक्ष की पहली महिला नेता का पद दिलाया। इन्होंने हरियाणा में महज़ 27 साल की उम्र में ही जनता पार्टी की राज्य अध्यक्षा का पद संभाला था।

सुषमा स्वराज की प्रमुख उपलब्धियां
1977 में जब वह 25 साल की थीं तब वह भारत की सबसे कम उम्र की कैबिनेट मंत्री बनी थीं।
1979 में, 27 साल की उम्र में, वह हरियाणा में जनता पार्टी की राज्य अध्यक्ष बनीं।
सुषमा स्वराज को राष्ट्रीय स्तर की राजनीतिक पार्टी की पहली महिला प्रवक्ता होने का गौरव प्राप्त है।
वह पहली महिला मुख्यमंत्री भी हैं।
वह पहली महिला केंद्रीय कैबिनेट मंत्री भी हैं।
सुषमा स्वराज विपक्ष की पहली महिला नेता भी हैं।

सुषमा स्वराज व्यक्तिगत जीवन
सुषमा स्वराज का जन्म 14 फरवरी 1952 को हरदेव शर्मा और लक्ष्मी देवी के अंबाला छावनी में हुआ था। इनके पिता राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के एक प्रतिष्ठित सदस्य थे। इन्होंने राजनीति विज्ञान और संस्कृत जैसे प्रमुख विषयों से अंबाला छावनी के एसडी कॉलेज से स्नातक की उपाधि प्राप्त की। सुषमा स्वराज ने चंडीगढ़ में पंजाब विश्वविद्यालय के कानून विभाग से एलएलबी की डिग्री हासिल की। 1970 में इन्होंने, अंबाला छावनी के एसडी कॉलेज से सर्वश्रेष्ठ छात्रा का पुरस्कार प्राप्त किया।

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