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UP: गाजियाबाद से लखनऊ तक बनाया जाएगा एक्सप्रेस-वे, नितिन गड़करी ने मेरठ में किया ऐलान

केंद्रीय सड़क एवं परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने गुरुवार को मेरठ में दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेस वे को उद्घाटन के मौके पर कहा कि गाजियाबाद से लखनऊ तक एक नया एक्सप्रेसवे बनाया जाएगा जिसके लिये अगले 10 दिनों के भीतर इसका भूमि पूजन किया जायेगा। उन्होंने बताया कि यह एक्सप्रेसवे दो चरणों में गाजियाबाद से कानपुर और कानपुर से लखनऊ तक बनाया जायेगा। गडकरी ने कहा कि उत्तर प्रदेश में जल्द ही 36 हजार करोड़ की लागत से विभिन्न परियोजनाएं शुरू की जायेंगी।

गडकरी ने देश के पहले ऑटोमेटिक नंबर प्लेट रीडिंग सिस्टम और टोल वसूली प्रक्रिया के अलावा ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे पर लगाये गये इंटेलिजेंट ट्रांसपोर्ट सिस्टम का लोकार्पण भी किया। यह यातायात से जुड़ी तमाम गतिविधियों पर नजर बनाये रखेगा। इसके लिये दिल्ली-मेरठ और ईस्टर्न पेरिफेरल दोनों एक्सप्रेसवे पर जापानी तकनीक पर आधारित कैमरे लगाए गए हैं, जिससे यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों के ई-चालान किए जा सकेंगे। इसके अलावा गडकरी ने करीब 8364 करोड़ रुपये की परियोजनाओं का शिलान्यास किया।

केन्द्रीय मंत्री ने घोषणा की कि मेरठ से करनाल चार लेन सड़क का निर्माण 817 करोड़ की लागत से जनवरी 2023 तक पूरा हो जायेगा। हापुड़ मुरादाबाद 6 लेन सड़क निर्माण करीब ढाई हजार करोड़ की लागत से मार्च 2022 तक पूरा हो जायेगा। मेरठ यमुना ब्रिज वाया बागपत 372 करोड़ की लागत से अप्रैल 2022 तक पूरा हो जायेगा। मेरठ बदायूं 4 लेन 65 किलोमीटर दो हजार करोड़ की लागत से चार माह में शुरू किया जा रहा है। मेरठ गढ़मुक्तेश्वर 4 लेन मार्ग अप्रैल 2024 में पूरा होगा। मेरठ नजीबाबाद 4 लेन 24 सौ करोड़ की लागत से 2023 तक पूरा हो जायेगा।

उल्लेखनीय है कि दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे कुल चार चरणों में पूरा हुआ है जिसका पहला चरण निजामुद्दीन ब्रिज से दिल्ली यूपी बॉडर्र तक 8.7 किलोमीटर का है जबकि दूसरा चरण दिल्ली यूपी बॉडर्र से डासना 19.2 किलोमीटर का, तीसरा चरण डासना से हापुड़ तक 22.2 किलोमीटर और चौथा और आखिरी सबसे लम्बा चरण डासना से मेरठ 46 किलोमीटर का है। दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे की शुरुआत दिल्ली के सराय काले खां से 14 लेन से होती है जो डासना तक जारी रहती है।

डासना से मेरठ तक यह छह लेन पर सीमित है लेकिन इसे ग्रीन एक्सप्रेसवे बनाने के लिये सड़क के दोनों ओर 50 हजार पेड़ लगाये जाने का काम भी पूरा कर लिया गया है। साथ ही हर 8 से 10 किलोमीटर पर स्पीडोमीटर सेंसर भी लगा दिये गये हैं जो आने जाने वाले वाहनों की गति डिस्प्ले पर दर्शाते रहते हैं ताकि अधिकतम सीमा से ऊपर जाने वाले वाहन चालक सावधान हो सकें। इस मौके पर केंद्रीय परिवहन और नागरिक उड्डयन राज्यमंत्री जनरल वीके सिंह और उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य भी मौजूद थे।

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