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ISRO की एक और बड़ी कामयाबी, चंद्रमा की कक्षा में दाखिल हुआ चंद्रयान-2ISRO की एक और बड़ी कामयाबी, चंद्रमा की कक्षा में दाखिल हुआ चंद्रयान-2

बेंगलुरु: भारतीय अंतरिक्ष यान चंद्रयान-2 के मंगलवार को चंद्रमा की कक्षा में प्रवेश करने के साथ ही भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) ने एक और मील का पत्थर स्थापित कर दिया। इसरो ने आज बताया कि चंद्रयान-2 आज सुबह 9:02 पर सफलतापूर्वक चंद्रमा की कक्षा में प्रवेश कर गया। प्रक्षेपण के 29 दिनों के बाद चंद्रयान-2 ने चंद्रमा की कक्षा में प्रवेश किया है। चंद्रयान-2 का प्रक्षेपण 22 जुलाई को आंध्र प्रदेश के श्रीहरिकोटा स्थित सतीश धवन अंतरिक केंद्र से किया गया था। चंद्रयान-2 चंद्रमा के ‘साउथ पोल’ में 7 सितंबर को उतरेगा। पहले 22 दिन पृथ्वी की कक्षा में चक्कर लगाने के बाद 14 जुलाई को तड़के 2.21 बजे इसकी छह दिन की चंद्र यात्रा शुरू हुई थी। भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) ने बताया कि चंद्रयान 20 अगस्त को चंद्रमा की कक्षा में पहुंच जाएगा।

आरंभ में इसे 118 किलोमीटर गुणा 18,078 किलोमीटर की कक्षा में स्थापित किया जाएगा। इसके बाद 21 अगस्त, 28 अगस्त, 30 अगस्त और एक सितंबर को इसकी कक्षा में चार बार बदलाव किए जाएंगे। एक सितंबर को आखिरी बदलाव के बाद चंद्रयान 114 किलोमीटर गुणा 128 किलोमीटर की वक्र चंद्र कक्षा में पहुंच जाएगा। चंद्रयान के तीन हिस्से हैं -ऑर्बिटर, विक्रम नाम का लैंडर और प्रज्ञान नाम का रोवर। विक्रम और उसके साथ जुड़ा रोवर 02 सितंबर को ऑर्बिटर से अलग हो जाएगा और 03 सितंबर को इनकी गति कम की जाएगी। मिशन का सबसे महत्वपूर्ण दिन सात सितंबर को होगा जब लैंडर चंद्रमा की कक्षा से उसकी सतह की ओर उतरना शुरू करेगा और अंतत: चंद्रमा के दक्षिण ध्रुव के क्षेत्र में उतरेगा।

चंद्रमा पर उतरने के बाद रोवर भी विक्रम से अलग हो जायेगा और 500 मीटर के दायरे में घूम कर तस्वीरें अन्य जानकारी एकत्र करेगा। यह मिशन इस मायने में महत्वपूर्ण है कि चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर आज तक कोई और देश नहीं पहुंच पाया है। वैज्ञानिकों के लिए यह क्षेत्र बिल्कुल अछूता रहा है और वहां से मिलने वाली जानकारी चंद्रमा के बारे में इंसानी समझ को सिरे से बदल भी सकती है। इस मिशन में काफी नयी जानकारियां मिलने की उम्मीद है।

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