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योगी सरकार का किसानों को लेकर बड़ा फैसला, अब फसलों की बेहतर कीमत के साथ बिचौलियों से मिलेगी मुक्ति

लखनऊ. योगी सरकार किसानों को बड़ी सुविधा देने जा रही है.वहीं, सरकार के इस कदम से किसानों को उनकी फसल का और बेहतर मूल्य मिलेगा, तो बिचौलियों के जाल से मुक्ति मिल सकेगी. भाजपा सरकार एक वर्ष में विकासखंडवार 825 एफपीओ स्थापित करने जा रही है, इसके लिए 354.75 करोड़ रुपये के बजट का प्रावधान किया गया है. इससे प्रदेश के 4 लाख किसानों को लाभ पहुंचेगा. साथ ही 100 दिनों में प्रत्येक विकासखंड में एक विशेष फसल का चुनाव किया जाएगा.

बता दें कि योगी सरकार किसानों की आर्थिक स्थिति को सुधारने में जुट गई है. वर्ष 2022-23 में प्रदेश सरकार विशिष्ट एफपीओ योजना के तहत 825 एफपीओ स्थापित करने जा रही है. संगठित खेती करने से किसानों को उनके उपज की और बेहतर कीमत मिल सकेगी.

एफपीओ क्‍या है और कैसे मिलेगा किसानों को फायदा
एफपीओ यानी किसान उत्पादक संगठन (Farmer Producer Organisation) किसानों का एक समूह है, जो कृषि उत्पादन करता हो और खेती-किसानी से जुड़ी व्यावसायिक गतिविधियां भी चलाएगा. एफपीओ के माध्यम से सामूहिक खेती को बढ़ावा मिलेगा और किसानों को अपनी फसल बेचने के लिए बाजार आसानी से उपलब्ध होगा. एफपीओ के तहत संगठित रूप से खेती करने के लिए सरकार सहायता भी उपलब्ध कराएगी, जिससे एक साथ खाद, बीज, दवाइयां और कृषि उपकरण खरीदने में आसान होगी. इसके अलावा प्रोसेसिंग यूनिट और स्टोरेज की व्यवस्था की जा सकती है और फसल की अच्छी कीमत प्राप्त की जा सकती है.

अगर किसान अकेले अपनी फसल को बेचने जाता है तो उसका फायदा बिचौलिया उठाता है. एफपीओ व्यवस्था में बिचौलिये नहीं होंगे, इसलिए किसानों को उनके उत्पाद की अच्छी कीमत मिलेगी. इससे किसानों की शक्ति भी बढ़ेगी. इसके साथ ही प्रदेश सरकार 100 दिनों में हर विकासखंड के लिए विशेष फसल का चयन करने जा रही है, जिसकी खेती को बढ़ावा दिया जाएगा.

बता दें कि यूपी विधानसभा चुनाव के दौरान विपक्ष ने भाजपा पर किसानों की आय दोगुनी करने के साथ फसल की उचित कीमत नहीं देने का आरोप लगाया था. यही नहीं, सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने तो साफतौर पर कहा था कि भाजपाराज में किसान बदहाली के दौर से जूझ रहे हैं. हालांकि भाजपा ने किसानों को लेकर चलाई जारी रहीं कई योजनाओं को जिक्र कर विपक्ष पर हमला किया था.

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