ब्रेकिंग
लोकसभा के बाद अब राज्यसभा से भी पास हुआ 'एंटी पेपर लीक बिल', राष्ट्रपति की मंजूरी के बाद बनेगा कानून जोशीमठ के किमाणा गांव में भू-धंसाव से हड़कंप! चंडिका माता मंदिर क्षतिग्रस्त, प्राथमिक विद्यालय और पं... दिल्ली सरकार की बड़ी पहल: 'विद्या वाहिनी' योजना के तहत 1.40 लाख छात्राओं को मिलेगी मुफ्त साइकिल! CM ... 'Idiots' और 'Andhbhakts' टिप्पणी पर घिरे राहुल गांधी: अनुराग ठाकुर ने विशेषाधिकार समिति को मामला भेज... हरियाणा मतदाता सूची पुनरीक्षण: 26.29 लाख वोटरों के रिकॉर्ड में मिलीं गड़बड़ियां, 33 लाख नाम ड्राफ्ट ... समालखा नगर परिषद में सियासी ड्रामे का पटाक्षेप! मनीषा कुहाड़ निर्विरोध बनीं वाइस चेयरपर्सन हरियाणा में JBT शिक्षकों की TGT पदोन्नति प्रक्रिया तेज! 13 अगस्त तक मांगे आवेदन, DEEO पर गाज की तैया... ग्लासगो कॉमनवेल्थ गेम्स 2026: 'गोल्डन बॉय' नीरज चोपड़ा का धमाकेदार प्रदर्शन, जैवलिन थ्रो के फाइनल मे... पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट का बड़ा फैसला: धारा 24(2) का सहारा लेकर नहीं खोले जा सकते दशकों पुराने भू... राज्यसभा में उठी गुरुग्राम में हाईकोर्ट सर्किट बेंच की मांग! सांसद संजय भाटिया ने 'टॉवर ऑफ जस्टिस' क...
मध्यप्रदेश

बीजेपी पर कांग्रेस का निशाना,’जहां संभावना नहीं वहां चुनाव के लिए एक्सपो का सहारा ले रही सरकार’

इंदौर   मप्र ऑटो शो-2020 को लेकर कांग्रेस ने निशाना साधा है। कांग्रेस ने ऑटो शो को एक चुनावी शगूफा बताया है। कांग्रेस का आरोप है कि शिवराज सरकार के उद्योगमंत्री राज्यवर्द्धन सिंह दत्तीगांव अपने राजशाही शौक पूरे करने के लिए जनता के टैक्स के पैसों से ऑटो शो 2020 का आयोजन किया। इस तरह के आयोजन से न पीथमपुर ऑटो हब बन सकता है न ही बेरोजगारों को रोजगार मिल सकता है। कांग्रेस का आरोप है कि शिवराज के ये मंत्री सरकारी खजाने का दुरुपयोग करके आयोजन करके झूठे सपने दिखा रहे है।

कई उद्योग बंद हुए, पानी की भी दिक्कत

एमपीसीसी के प्रदेश सचिव राकेश सिंह यादव का कहना है कि हकीकत यह है कि पीथमपुर में कई उद्योग बंद हो चुके है। वहां पानी की भी काफी दिक्कत है। इस वजह से नए उद्योग पीथमपुर में आने को तैयार नहीं है। ऑटो शो के बड़े-बड़े दावे करने से पूर्व सीएम शिवराज सरकार ने अपने इंवेस्टर समिट आयोजित की थी सबसे पहले शिवराज सरकार के उद्योगमंत्री को वह लिस्ट सार्वजनिक करना चाहिए जिसमें इंवेस्टर समिट में आए उद्योगपतियों के उद्योग पीथमपुर में लगे हो। कितने युवाओं को पीथमपुर में नौकरी या रोजगार मिला उनके नामों की लिस्ट भी राज्य सरकार को जारी करना चाहिए।

बिजली की दरों में भी विसंगतियां – सिंह

उन्होंने कहा पीथमपुर के हालात यह है कि मप्र की उद्योग नीति के तहत सुविधाएं भी विशेष आर्थिक प्रक्षेत्र में लागू नहीं है। उद्योगों की बिजली की दरों में भी विसंगतियां है। पीथमपुर एसईजेड में तो चार रुपए यूनिट जबकि पीथमपुर के अन्य उद्योगों को महंगी बिजली मिल रही है। जबकि समान रूप से एमपीआईडीसी को पूरे पीथमपुर में समान दरों पर विद्युत आपूर्ति करना चाहिए लेकिन उद्योगमंत्री ने आज तक यह समस्या हल नहीं की है। सेक्टर-3 में एक विद्युत सबस्टेशन स्थापित करने की मांग सालों से की जा रही है लेकिन शिवराज सरकार ने आज तक ध्यान नहीं दिया।

शो के जरिए रोजगार की बात बेबुनियाद

यादव ने कहा ऑटो शो के जरिए रोजगार की बात करना ही बेबुनियाद है। यह मात्र उद्योग मंत्री की बैंड बाजा कार बाइक रेस की बरात है। बेरोजगारों को रोजगार के लिए कई बार शिवराज सरकार से मांग की गई की राज्य की क्रय नीति में 50 प्रतिशत आरक्षण स्थानीय उद्योगों को मिलना चाहिए जिससे स्थानीय लोगों को रोजगार मिल सके।आज सिर्फ चुनावी रणनीति के अंतर्गत मनोरंजन नाच गाने का ऑटो शो कराकर वोट कबाड़ने की खानापूर्ति हो रही है।

Related Articles

Back to top button