शेयर बाजार में भयंकर गिरावट, लेकिन खरीदारी का सही मौका बता रहा है यह दिग्गज निवेशक

क्रिस्टोफर वुड (Chropher Wood) ग्रीड एंड फीअर (Greed and Fear) नाम से नोट लिखते हैं. अपने हालिया नोट में क्रिस्टोफर वुड ने लिखा है कि यह एक ऐसा साल है जहां गिरावट पर निवेशकों को अपने फेवरेट शेयर खरीदकर जमा करते रहना चाहिए.
नई दिल्ली. भारतीय शेयर बाजार में पिछले कुछ दिनों से अस्थिरता जारी है. शुक्रवार को भी शेयर बाजार लाल निशान पर ही खुला है. बाजार में जारी इस गिरावट के दौर से निवेशकों में घबराहट बढ़ गई है. उन्हें समझ नहीं आ रहा कि वो क्या करें. वहीं, बाजार में जारी इस गिरावट को ब्रोकरेज फर्म जेफरीज (Jefferies) के ग्लोबल इक्विटीज हेड क्रिस्टोफर वुड (Chropher Wood) अपने पसंदीदा शेयर खरीदने का सुनहरा मौका बता रहे हैं.
क्रिस्टोफर वुड ग्रीड एंड फीअर (Greed and Fear) नाम से नोट लिखते हैं. अपने हालिया नोट में क्रिस्टोफर वुड ने लिखा है कि यह एक ऐसा साल है जहां गिरावट पर निवेशकों को अपने फेवरेट शेयर खरीदकर जमा करते रहना चाहिए. वुड का कहना है कि अगर लंबी अवधि की बात करें तो इक्विटी के मामले में एशिया की सबसे बेहतरीन कहानी भारतीय बाजार में रची जा सकती है.
लॉन्ग टर्म में होगा फायदामनीकंट्रोल डॉट कॉम की एक रिपोर्ट के मुताबिक, क्रिस्टोफर वुड ने अपने नोट में लिखा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अगुआई में सरकार ने कई बड़े सुधार किए हैं. इन सुधारों का फायदा दीर्घावधि में मिलेगा. जैसा कि ब्रिटेन की प्रधानमंत्री मारग्रेट थैचर (Margaret Thatcher) के द्वारा किए गए सुधारों के मामले में हुआ था.
आर्थिक सुधारों का होगा फायदाक्रिस्टोफर वुड का कहना है कि मोदी सरकार का संदेश है कि कोविड-19 से अर्थव्यवस्था को लगे झटके के बावजूद सरकार अपने रिफॉर्म के एजेंडे के लिए प्रतिबद्ध है. उन्होंने कहा कि बैंकरप्सी रिफॉर्म (Bankruptcy reform) इसका उदाहरण है. इससे पहले तक देश के बड़े कारोबारी या प्रमोटर्स सरकार के स्वामित्व वाले बैंकों को निजी पिगी बैंक के रूप में इस्तेमाल करते थे. लेकिन, अब ऐसा नहीं है. मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल में सरकारी खाते काफी हद तक क्लीन हो गए हैं. अकाउंटिंग के लिहाज से बैलेंसशीट से जुड़ी वित्तीय समस्याएं दूर कर दी गई हैं.
अपने नोट में वुड ने लिखा, “प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की राजनीतिक हैसियत मजबूत बनी हुई है. एक ऑब्जर्वर ने ग्रीड एंड फीअर से कहा कि भाजपा के 50 साल तक देश की सत्ता पर काबिज रहने की उम्मीद है. अगर यह भविष्यवाणी अतिश्योक्ति भी है तो किसी मजबूत विपक्ष की गैर मौजूदगी में धारणाएं तो कुछ ऐसी ही बनी हुई हैं.”





