ब्रेकिंग
Jabalpur-Bhopal NH-45 Toll News: जबलपुर-भोपाल हाईवे पर शाहपुरा टोल टैक्स वसूली पर रोक; नितिन गडकरी न... Nitin Gadkari Bhopal Visit: केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी का सख्त रुख; RTO में भ्रष्टाचार पर बोले— 'गा... Mandla CMO Bribe Trap: मंडला में लोकायुक्त की बड़ी कार्रवाई; 2 लाख रुपये की रिश्वत लेते रंगेहाथ पकड़... Rajasthan Mayor Election Results: राजस्थान के नगर निगमों में बीजेपी का ऐतिहासिक परचम; जयपुर, जोधपुर ... UP Assembly Election Prep: टिकट के लिए अब दिल्ली-लखनऊ में लॉबिंग नहीं चलेगी, जिलों से तैयार होगी उम्... UP International Trade Show Greater Noida: 85 देशों के खरीदार होंगे शामिल, जानिए यूपी इंटरनेशनल ट्रे... SIR Process Controversy India: चुनाव आयोग पर उठे सवालों के बाद सड़कों पर उतरी कांग्रेस, CEC ज्ञानेश ... Babulal Marandi on SIR Process: एसआईआर देश हित में; नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी का विपक्ष पर तंज, ... Pakur Police Action: पाकुड़ के नयाग्राम में 13 साल के दीनानाथ की निर्मम हत्या; एसडीपीओ कुमार गौरव ने... Jharkhand Voter List SIR Dispute: झारखंड में SIR प्रक्रिया को लेकर घमासान; सीजेपी चलाएगी देशव्यापी आ...
देश

संतोष गंगवार का बड़ा बयान, कहा- देश में नौकरियों की नहीं, उत्तर भारतीयों में योग्यता की कमी

बरेलीः केंद्रीय मंत्री संतोष गंगवार ने उत्तर भारतीयों की योग्यता पर सवाल खड़ा करते हुए बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि देश में नौकरियों की नहीं बल्कि हमारे उत्तर भारत के लोगों में योग्यता की कमी है।

उन्होंने कहा कि हम इसी मंत्रालय को देखने का काम करते हैं। इसलिए मुझे जानकारी है कि देश में रोजगार की कोई कमी नहीं है। रोजगार दफ्तर के आलावा हमारा मंत्रालय भी इसकी मॉनिटरिंग कर रहा है। उन्होंने कहा कि जो भी कंपनियां रोजगार देने आती हैं उनके मुताबिक, जिस पद के लिए हम रख रहे हैं उस क्वालिटी का व्यक्ति हमें नहीं मिल रहा है। युवाओं में योग्यता ही नहीं है। बता दें कि, केंद्रीय मंत्री बरेली में केंद्र सरकार के 100 दिन पूरे होने पर उपलब्धियों और भावी योजनाओं की जानकारी दे रहे थे।

देश में आर्थिक मंदी जैसी स्थिति नहीं
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि मोदी सरकार ने पिछले 5 साल में अपने कार्य से जनता में शासन के प्रति विश्वास जगाया है। देश में आर्थिक मंदी जैसी स्थिति नहीं है। सरकार ने अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए कई कदम उठाए हैं। इनमें सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों का विलय भी शामिल है।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button