ब्रेकिंग
₹200 जुर्माने वाले मामले में 12 साल की देरी: मंडी कोर्ट ने पुलिस का चालान किया खारिज, आरोपी बरी कानपुर के नत्थापुरवा गांव में गिरा 4-सीटर ट्विन-इंजन विमान; ट्रेनर सचिन भाटिया और ट्रेनी अभिषेक की म... राहुल गांधी के दबाव में बैकफुट पर मोदी सरकार? कांग्रेस जनता के बीच ले जाएगी ये 5 बड़े मुद्दे, प्रचार... धमतरी: 10 साल से बिस्तर पर जिंदगी काट रहे शशिकांत ने मांगी इच्छामृत्यु; हमले की CBI जांच और इलाज की ... उत्तर प्रदेश सर्किल रेट लिस्ट 2026: 9 साल बाद बदलने जा रहे हैं प्रॉपर्टी के सरकारी रेट, जेवर एयरपोर्... झारखंड हाईकोर्ट का बड़ा फैसला: असिस्टेंट पब्लिक प्रॉसिक्यूटर परीक्षा पर रोक से इनकार, सरकार से 2 हफ्... गोरखपुर में पति-पत्नी के झगड़े से 1000 घरों की बिजली गुल: गुस्से में 11 KV हाईटेंशन तार पर फेंके कपड... कोटा में फिर NEET छात्रा ने की खुदकुशी: फ्लैट में फंदे से लटकी मिली खुशबू पटेल, छतरपुर से आकर कर रही... अंकित बालियान मर्डर केस में बड़ा खुलासा: सोनीपत में मिल रही थी रंगदारी व जान से मारने की धमकी, 7 मही... 'पढ़ेगा इंडिया' के दावों की खुली पोल: प्रतापगढ़ में पेड़ के तने के सहारे नाला पार करने को मजबूर मासू...
मध्यप्रदेश

सरकार की योजनाओं को पलीता लगा रहे अधिकारी, खाद्यान पर्ची बनाने के बदले पंचायत रोजगार सहायक और सचिव ने मजदूर से मांगे 2 हजार रु.

मुरैना: सबलगढ़ जनपद पंचायत के अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत सिमरौदा किरार के रोजगार सहायक हरिओम धाकड़ पर हितग्राही संजय धाकड़ ने खाद्यान पर्ची बनाने के बदले में रुपए की मांग करने के आरोप लगाए हैं। जबकि हितग्राही जनपद कार्यालय से लेकर पंचायत कार्यालय तक आवेदन देकर खाद्यान पर्ची की मांग कर चुका है। हितग्राही संजय धाकड़ रोजगार गारंटी में मजदूरी का कार्य करता है। सरकार के प्रावधान के अनुसार जो व्यक्ति मजदूरी करता है उसे खाद्यान पर्ची जारी कर दिया जाता है। खाद्यान्न पर्ची को ऑनलाइन करने के लिए ग्राम पंचायत के रोजगार सहायक के द्वारा हितग्राही से 2000 रुपए की मांग की जा रही है।

हितग्राही मजदूर वर्ग का है आखिर कहां से रोजगार सहायक सचिव को भुगतान करें जो व्यक्ति रोजगार गारंटी में 204 रुपए में मजदूरी कर कर परिवार का पेट पाल रहा हो वह पंचायत के अधिकारियों को कहां से रिश्वत के रुपए देगा।

जबकि मध्य प्रदेश सरकार लोगों को खाद्यान्न पर्ची से कोई भी गरीब व्यक्ति या मजदूर वर्ग वंचित ना रहे इस पर जोर दे रही है। कहीं ना कहीं पंचायत रोजगार सहायक और सचिव मिलकर सरकार की योजनाओं को पलीता लगाते दिख रहे हैं।

Related Articles

Back to top button