ब्रेकिंग
NEET Re-Exam 2026: पेपर लीक रोकने के लिए वायुसेना की मदद; IAF हेलीकॉप्टर से परीक्षा केंद्रों तक पहुं... West Bengal Politics: टीएमसी छोड़ बीजेपी की ओर बागी सांसद? भूपेंद्र यादव के घर हुई हाई-वोल्टेज बैठक Hajipur Crime News: अवैध हथियार के साथ युवक गिरफ्तार; हाजीपुर पुलिस ने अमृतपाल सिंह को दबोचा Shocking Incident in Phagwara: गुरुद्वारा साहिब में बच्ची से दरिंदगी; चॉकलेट का लालच देकर आरोपी ने क... Heatwave in Punjab: 45 डिग्री के करीब पहुंचा तापमान; 11 जून तक लू से सावधान रहने की सलाह, जानें मौसम... Abhijay Arora Vuyyuru: पंचकूला से न्यूयॉर्क तक का संघर्ष; जानिए कैसे एक असफल छात्र बना गूगल का इंजीन... Punjab Mayor Election: मेयर चुनाव से पहले पंजाब की राजनीति गरम; पार्षदों की 'बाड़ाबंदी', मोबाइल फोन ब... Ludhiana News: अब कमिश्नर खुद करेंगे सड़कों की चेकिंग; लुधियाना निगम अधिकारियों को फील्ड में उतरने क... Amritsar Crime News: अमृतसर पुलिस का बड़ा प्रहार; अफगान नागरिक समेत 4 गिरफ्तार, 8 हाई-टेक विदेशी हथि... Gurdaspur Election News: नगर निकाय चुनावों के मद्देनजर गुरदासपुर में धारा 163 लागू; हथियार लेकर चलने...
देश

74 वर्ष की महिला ने दिया जुड़वां बच्चों को जन्म, बना विश्व रिकॉर्ड 

गुंटूर । दुनियाभर में हमेशा कुछ न कुछ ऐसा होता रहता है, जो अद्भुत कहलाता है। ये ऐसी बातें या घटनाएं होती हैं, जिन पर हमें विश्वास नहीं होता है। लेकिन ऐसा होता है। आज हम जिस बात के बारे में बताने जा रहे हैं, वह भी कुछ ऐसी ही है। दरअसल आंध्र प्रदेश के गुंटूर शहर के अस्पताल में गुरुवार सुबह एक 74 वर्षीय महिला ने जुड़वां बच्चों को जन्म दिया। इन व्रिटो फर्टिलाइजेशन (आईवीएफ) प्रक्रिया के माध्यम से गर्भ धारण करने वाली मंगायम्मा ने जुड़वां बच्चों को जन्म दिया। यह सर्वाधिक उम्र में मां बनने का विश्व रिकॉर्ड है।

इसके पहले 70 वर्षीय दलजिंदर कौर को बच्चे को जन्म देने वाली दुनिया की सबसे बुजुर्ग महिला माना जाता था। हरियाणा की कौर ने 2016 में एक आईवीएफ प्रक्रिया के माध्यम से एक बच्चे को जन्म दिया था।  चार डॉक्टरों की एक टीम ने सिजेरियन ऑपरेशन किया। डॉक्टरों की टीम का नेतृत्व करने वाले उमाशंकर ने कहा कि मां और बच्चे दोनों स्वस्थ और ठीक हैं। नेललापतीर्पाडू की रहने वालीं मंगायम्मा शादी के 57 साल बाद भी संतानहीन थीं।

मंगायम्मा ने अपने पति वाई. राजा राव के साथ मिलकर पिछले साल के अंत में नर्सिंग होम में आईवीएफ विशेषज्ञों से संपर्क किया। इसके बाद नर्सिंग होम ने दंपति की मदद करने का फैसला किया। डॉक्टर नियमित रूप से मंगायम्मा के स्वास्थ्य पर नजर बनाए हुए थे।  यहां तक कि नर्सिंग होम ने प्रसव से पहले दंपति के सत्कार की व्यवस्था की। राजा राव ने कहा कि मैं बहुत खुश हूं। हम नौ महीनों से अस्पताल में थे। आज बच्चों को देखकर हम अपने सारी परेशानियां भूल गए। अब हमें बच्चों की देखभाल करनी है।

Related Articles

Back to top button