ब्रेकिंग
Gwalior Crime News: पुरानी रंजिश में युवक पर कुल्हाड़ी और सरिये से जानलेवा हमला; पुरानी छावनी पुलिस ... Train AC Maintenance: ट्रेनों में अब नहीं खराब होगा एसी! भोपाल वर्कशाप में 527 कोचों की होगी मरम्मत Housing Board Gwalior: चंबल कॉलोनी में सड़क पर पेड़ देख भड़के लोग; इंजीनियरों की लापरवाही पर खड़े हु... MP Urban Body Election 2027: प्रत्याशी चयन के लिए कांग्रेस ने कसी कमर; पुराने अनुभवों से सीखकर बनाई ... Madhya Pradesh Politics: सीएम मोहन यादव की संपत्ति पर छिड़ी जंग; बीजेपी विधायक ने रॉबर्ट वाड्रा का न... MP High Court on Missing Case: "अगर वह जिंदा होती तो खुद लौट आती"; 10 साल पुराने लापता केस में कोर्ट... Indore Honor Killing Case: इंदौर के पहले ऑनर किलिंग मामले में कोर्ट का फैसला; तेजकरण भालसे हत्याकांड... Jyotiraditya Scindia Guna Visit: गुना को मिली बड़ी सौगात; 42 करोड़ की कूनो नदी पुनर्जीवन परियोजना का ह... Indore Police Controversy: एमडी ड्रग्स के नाम पर फंसाया, निकला यूरिया; आरोपी आरक्षक ने अधिकारियों के... Jabalpur Accident: नर्मदा नदी में नहाने गए 3 दोस्तों की डूबने से मौत; एक को बचाने के चक्कर में गई जा...
विदेश

बॉलीवुड-क्रिकेट हैं भारत के साथ अफगानिस्तान के संबंधों के दो असल सितारेः रोया रहमानी

वाशिंगटनः अमेरिका में अफगानिस्तान की राजदूत रोया रहमानी ने कहा कि बॉलीवुड और क्रिकेट अफगानिस्तान के भारत के साथ संबंधों के असल सितारें हैं और दोनों देशों की संस्कृतियों के बीच गहरा संबंध है। रहमानी ने बृहस्पतिवार को कहा कि यह मानना पड़ेगा कि दोनों देशों के बीच संबंधों के ये दो असल सितारे हमारे लोगों को निकट लाने में जितने प्रभावशाली रहे हैं, उतनी प्रभावी कोई सरकारी पहल भी नहीं हो सकती। मैं किसी एक नेता की बात नहीं कर रही। सच्चाई यह है कि भारत और अफगानिस्तान के बीच संबंधों पर कोई भी चर्चा बॉलीवुड और क्रिकेट का जिक्र किए बिना अधूरी है।

उन्होंने कहा कि मैं जब छोटी थी तो बृहस्पतिवार रात का बेसब्री से इंतजार किया करती थी, क्योंकि उसी दिन काबुल में टीवी चैनल पर कोई भारतीय फिल्म दिखाई जाती थी। मैं जानती हूं कि केवल मैं ही ऐसा नहीं किया करती थी। रहमानी ने ‘‘भारत-अफगानिस्तान संबंध: ऐतिहासिक, राजनीतिक, आर्थिक एवं सांस्कृतिक संबंधों की समीक्षा’’ विषय पर ‘हडसन इंस्टीट्यूट’ थिंक टैंक द्वारा आयोजित एक समारोह में कहा कि तालिबान शासन के काले दिनों में खुशी देने वाली केवल ये फिल्में ही अफगानिस्तानियों के जीवन में रंग भरने वाली चीजें थीं, जिनका लोग इंतजार करते थे। इन फिल्मों ने अलग दुनिया की झलक और उम्मीद दिखाई।

उन्होंने कहा कि वह जिनते अफगानिस्तानियों को जानती हैं वे सभी इन फिल्मों के कारण थोड़ी-बहुत हिंदी जानते हैं। रहमानी ने कहा कि क्रिकेट की बात करें, तो यह समय बिताने का राष्ट्रीय तरीका है। भारत ने पिछले साल ग्रेटर नोएडा स्टेडियम को अफगानिस्तानी टीम का आधिकारिक प्रशिक्षण केंद्र घोषित किया क्योंकि इस समय अफगानिस्तान में कोई केंद्र नहीं है। भारत सरकार ने भी प्रशिक्षण एवं तकनीकी सुविधाएं मुहैया कराई हैं और साथ ही कंधार में स्टेडियम के लिए आर्थिक मदद भी दी है।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button