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उत्तरप्रदेश

खिड़की पर यात्रियों को लटका देख गार्ड ने ट्रेन चलाने से किया इनकार

उज्जैनी एक्सप्रेस के साधारण कोच में यात्रियों को लटका देख गार्ड ने ट्रेन चलाने से इनकार कर दिया। करीब 30 मिनट ट्रेन सिटी स्टेशन पर खड़ी रही, जिससे यात्रियों को दिक्कत झेलनी पड़ी। स्टेशन अधीक्षक ने आरपीएफ की मदद से यात्रियों को अंदर कराया, तब ट्रेन रवाना हुई। स्टेशन अधीक्षक ने पूरे मामले की रिपोर्ट मुख्यालय भेज दी है।

ट्रेन संख्या 14309 दोपहर 2:11 बजे मेरठ के सिटी स्टेशन पर आकर रुकी। इस दौरान टिकट चेकिंग स्टॉफ ने आरक्षित कोच में सवार साधारण टिकट यात्रियों को उतार दिया। सभी यात्री भागकर साधारण कोच में सवार हो गए।

जगह नहीं होने की वजह से कई यात्री दरवाजे पर खड़े हो गए तो कोई लटक गया। जैसे ही ट्रेन रवाना हुई वैसे ही गार्ड ने साधारण कोच में यात्रियों को लटका देख ट्रेन को रोक दिया। ट्रेन के रुकने पर पावर केबिन पर तैनात कर्मियों ने तुरंत संपर्क किया।

जब मामले की जानकारी स्टेशन अधीक्षक को हुई तो वह भी पहुंच गए। उनके तमाम कहने के बावजूद गार्ड ने सवारियों के कोच के अंदर नहीं जाने तक ट्रेन नहीं चलाने की जिद कर दी। इसके बाद स्टेशन अधीक्षक ने तुरंत आरपीएफ को बुलाकर यात्रियों को गेट से अंदर किया तब कहीं जाकर ट्रेन रवाना हुई।

स्टेशन अधीक्षक आरपी शर्मा ने बताया गार्ड की जिद की वजह से स्टेशन पर करीब 30 मिनट तक उज्जैनी एक्सप्रेस खड़ी रही। आरपीएफ के मदद से यात्रियों को कोच के अंदर कराया। पूरे मामले की रिपोर्ट बनाकर मंडल मुख्यालय भेज दी गई है।

 

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