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महाराष्ट्र: BJP को समर्थन के लिए शरद पवार ने रखी थीं ये 2 शर्तें, PM मोदी नहीं मानें

नई दिल्ली/मुंबई: महाराष्ट्र में सियासी उठापटक के बाद आखिरकार 26 नवंबर को वहां उद्धव सरकार बनी। वहीं भाजपा सूत्रों के मुताबिक एनसीपी अध्यक्ष शरद पवार भाजपा को समर्थन देने के लिए तैयार थे। समर्थन के लिए शरद पवार ने भाजपा के सामने दो शर्तें रखी थीं लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसे मानने से इंकार कर दिया। पवार ने भाजपा के सामने जो दो शर्ते रखी थीं वो-पहली शर्त थी केंद्र की राजनीति में सक्रिय बेटी सुप्रिया सुले के लिए भारी भरकम कृषि मंत्रालय। दूसरी शर्त- देवेंद्र फडणवीस की जगह किसी और को मुख्यमंत्री बनाना।

जब शरद पवार की इन शर्तों की बात पीएम मोदी तक पहुंची तो वे इन शर्तों को मानने को तैयार नहीं हुए। भाजपा सूत्रों के मुताबिक अगर भाजपा महाराष्ट्र में राकांपा को कृषि मंत्रालय दे देती तो बिहार में पुराना सहयोगी जद (यू) रेल मंत्रालय के लिए दावा ठोक कर धर्मसंकट पैदा कर सकता था। ऐसे में बहुमत के लिए एनसीपी से हाथ मिलाने पर केंद्र के हाथ से दो बड़े मंत्रालय जा सकते थे जो प्रधानमंत्री मोदी को मंजूर नहीं हुए। वहीं भाजपा ने दूसरी शर्त इसलिए नहीं मानी क्योंकि पीएम मोदी ने महाराष्ट्र में चुनावी प्रचार के दौरान फडणवीस के ही नेतृत्व में सरकार बनने की घोषणा की थी, इसके बाद फडणवीस की जगह किसी दूसरे को सीएम बनाने की शर्त मानना भी भाजपा के लिए नामुमकिन था।

वैसे भी फडणवीस पांच साल तक बेदाग सत्ता चलाने में सफल रहे हैं। वहीं जब 20 नवंबर को संसद भवन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से शरद पवार मिले तो उनके बीच करीब 40-45 मिनट तक बैठक चली। बताया जा रहा है कि बैठक के दौरान भी पीएम मोदी पवार की मांगों पर राजी नहीं हुए और गठबंधन न हो सका। इसके बाद अजित पवार की बागी होना और रातों-रात महाराष्ट्र में फडणवीस सरकार बनना सुर्खियों में रहा लेकिन आखिर में शरद पवार ने शिवसेना के साथ जाना सही समझा और महाराष्ट्र में शिवसेना, एनसीपी-कांग्रेस की तिकड़ी सरकार बनी।

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