ब्रेकिंग
Ayodhya Ram Mandir Controversy: 'राम मंदिर कर्मचारियों की हो CDR जांच', अखिलेश यादव बोले- 99% लोग BJ... Old Delhi Redevelopment: 'शाहजहानाबाद पुनर्विकास निगम' का बदला नाम, अब 'इंद्रप्रस्थ विरासत पुनर्विका... Datia By-Election: दतिया में ASP के दामोदर यादव ने भरा नामांकन, क्षत्रिय समाज ने किया BJP का समर्थन Datia By-Election: नरोत्तम मिश्रा ने उपचुनाव से पहले दिखाई ताकत, सैकड़ों महिलाओं-युवाओं को दिलाई BJP... Chhattisgarh Police Transfer: पुलिस विभाग में बड़ा फेरबदल, 15 इंस्पेक्टर और 1 SI का तबादला, आदेश जार... Rajasthan Oil Production: बाड़मेर में खोदे जाएंगे 1000 नए तेल कुएं, 3 लाख बैरल प्रतिदिन क्रूड ऑयल उत... Yamuna Jal Pariyojana: शेखावाटी के लिए खुशखबरी! सीकर में खुलेंगे 3 नए कार्यालय, 46 पदों को भी मंजूरी Pakistan Water Crisis: पानी के लिए भारत पर आरोप लगाने वाले पाकिस्तान की खुली पोल, खुद की गलती से जल ... Haryana Super 100 Scheme: नायब सरकार ने बढ़ाईं 100 सीटें, 9 जुलाई से शुरू होगी आवेदन प्रक्रिया PM Modi in Melbourne: मेलबर्न में गूंजा 'भारत माता की जय', पीएम मोदी ने किया 'ऑपरेशन सिंदूर' का जिक्...
धार्मिक

अयोध्या से 3500 किमी दूर ‘अयुत्या’ की संस्कृति में रचे बसे हैं राम, थाईलैंड के शहर से भी भेजी जा रही मिट्टी

नई दिल्ली। अयोध्या में राम मंदिर का निर्माण कार्य अंतिम चरणों में है। 22 जनवरी को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मौजूदगी में अयोध्या में नवनिर्मित राम मंदिर में रामलला की मूर्ति की प्राण प्रतिष्ठा होगी और इससे पहले थाईलैंड के अयुत्या शहर से भी राम मंदिर के लिए मिट्टी भेजी जा रही है।

अयोध्या से 3500 किमी दूर है अयुत्या

भारत में अयोध्या और थाईलैंड के अयुत्या शहर के बीच भले ही 3500 किमी की दूरी हो लेकिन दोनों ही शहर भगवान राम में रमे हुए हैं और यहां के लोग एक-दूसरे से सांस्कृतिक बंधन में बंधे हुए हैं। दोनों ही देशों में भगवान राम आस्था के केंद्र हैं। ऐसा माना जाता है कि थाईलैंड के सियाम राज्य में अयुत्या शहर की स्थापना 13वीं शताब्दी में हुई थी। अयुत्या शहर सियाम राज्य की राजधानी होने के साथ-साथ आर्थिक केंद्र भी हैं।

‘अयुत्या’ में दिखता है हिंदू धर्म का प्रभाव

‘अयुत्या’ शब्द की जड़ें भी भगवान राम की जन्मभूमि अयोध्या से जुड़ी हुई है। ‘अयुत्या’ शहर में हिंदू धर्म के प्रभाव को साफ देखा जा सकता है। थाईलैंड में रामायण के थाई संस्करण ‘रामकियेन’ को आस्था के साथ देखा जाता है। यह भी मान्यता है कि राजा रामथिबोडी अयुत्या राज्य के पहले राजा थे और उन्होंने ही इस शहर की स्थापना की थी।

‘अयुत्या’ से भेजी जा रही मिट्टी

भगवान राम थाई संस्कृति में इतने रच-बस गए हैं कि अयुत्या के लोग भी अपनी यहां मिट्टी अयोध्या में बन रहे राम मंदिर के लिए भेज रहे हैं। यह पहल विश्व हिंदू परिषद और विश्व हिंदू फाउंडेशन की ओर से की जा रही है। विश्व हिंदू फाउंडेशन के स्वामी विज्ञानानंद ने कहा है कि हमने 51 देशों की पहचान की है, जो अयोध्या में भगवान राम की प्रतिष्ठा का गवाह बनेंगे ।

दीपावली की तरह थाईलैंड में ‘लोय क्रथोंग’ त्यौहार

भारत और थाईलैंड में कई सांस्कृतिक समानताएं है। भारत में कार्तिक पूर्णिमा और देव दीपावली मनाई जाती है, उसी प्रकार थाईलैंड में भी रोशनी के त्योहार में रूप में ‘लोय क्रथोंग’ फेस्टिवल मनाया जाता है। यह थाईलैंड का एक प्रमुख त्योहार है, जो पूरे देश में उत्साह के साथ मनाया जाता है। इस दौरान प्रमुख स्थानों पर भगवान शिव, पार्वती, गणेश और इंद्र की मूर्तियां स्थापित की जाती है।

Related Articles

Back to top button