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Muzaffarpur shelter home Verdict: आज दिल्ली की कोर्ट सुनाएगी फैसला, बिहार की राजनीति में बवाल तय

नई दिल्ली। बिहार के बहुचर्चित मुजफ्फरपुर शेल्टर होम (Muzaffarpur shelter home Case) मामले  में दक्षिण दिल्ली स्थित साकेत कोर्ट सोमवार को अहम फैसला सुनाएगी। दोषियों को दोषी करार देने के साथ उनकी  सजा पर भी एलान हो सकता है। कानून के  जानकारों की मानें तो कोर्ट अगर जांच एजेंसी अपनी चार्जशीट में लगाए गए आरोपों को साबित करने में सफल होती है, तो मुख्य आरोपित ब्रजेश ठाकुर समेत दोषियों को न्यूनतम 10 साल और अधिकतम उम्रकैद की सजा मिल सकती है।

वहीं, फैसले के बाद बिहार में मुख्य विपक्षी राष्ट्रीय जनता दल के साथ कांग्रेस और अन्य दल भी राज्य में सत्तासीन जनता दल युनाइटेड और भारतीय जनता पार्टी पर हमलावर हो सकते हैं।

गौरतलब है कि पिछली सुनवाई में साकेत कोर्ट के अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश सौरभ कुलश्रेष्ठ ने फैसले को टालते हुए 20 जनवरी की तारीख तय की थी। केंद्रीय जांच एजेंसी मुख्य आरोपित ब्रजेश ठाकुर समेत 21 आरोपितों के खिलाफ कोर्ट में चार्जशीट दाखिल हो चुकी है।

शेल्टर होम केस में मुख्य आरोपित समेत सभी जेल में बंद है, जिन्होंने सोमवार को होने वाले  फैसले के दिन कोर्ट में पेश किया जाएगा। सीबीआइ ने अपनी चार्जशीट में आरोपितों पर दुष्कर्म और बाल यौन शोषण रोकथाम अधिनियम (Protection of Children from Sexual Offences) की धारा-6 के तहत भी आरोल लगाए हैं, ऐसे में कोर्ट इस धारा के मद्देनजर सख्त फैसला सुना सकता है।

यह है पूरा मामला

सीबीआइ की चार्जशीट के मुताबिक, मुजफ्फरपुर शेल्टर होम में बच्चियों के साथ कर्मचारी भी गलत काम कर रहे थे। इतना ही वहीं, यह भी आरोप है कि बिहार सरकार के सामाजिक कल्याण विभाग के अधिकारी भी बच्चियों के साथ गलत काम में संलिप्त थे।

34 बच्चों से हुई हैवानियत

मामला सामने आने पर मेडिकल टेस्ट में तकरीबन 34 बच्चियों के यौन शोषण की पुष्टि हुई थी। सुनवाई के दौरान पीड़ितों ने यह भी खुलासा किया कि उन्हें नशीला दवाएं देने के साथ मारा-पीटा जाता था, फिर उनके साथ जबरन यौन शोषण किया  जाता था।

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