ब्रेकिंग
PM Modi in Indonesia: 'भारत मदर ऑफ डेमोक्रेसी', इंडोनेशिया की संसद में पीएम मोदी ने पेश किया 'गंगा-म... Welcome to the Jungle Budget: 250 करोड़ नहीं, डायरेक्टर अहमद खान ने बताया फिल्म का असली बजट Ramayana Movie Rights: करण जौहर ने 250 करोड़ में खरीदे 'रामायण' के डिस्ट्रीब्यूशन राइट्स, दिवाली पर ... Prabhas Fauzi Update: प्रभास की 'फौजी' में होगा हाई-वोल्टेज एक्शन, 10 जुलाई से शुरू होगी इंटरवल सीन ... Akshay Kumar 2016 Movies: 'एयरलिफ्ट' से 'रुस्तम' तक, जब अक्षय कुमार ने 8 महीने में दी थीं लगातार 3 स... UP ATS Action: लखनऊ NIA कोर्ट का बड़ा फैसला, 13 बांग्लादेशी और 2 रोहिंग्या घुसपैठियों को 5-5 साल की ... डबरा में सफाई कर्मचारी की संदिग्ध मौत, अपहरण के शक में पुलिसकर्मियों पर पिटाई का आरोप Khajrana Civil Hospital: जमीन का नहीं हुआ हस्तांतरण, इसलिए अटका खजराना सिविल अस्पताल का काम Haridwar Mansa Devi Temple: राम मंदिर विवाद के बाद मनसा देवी ट्रस्ट सख्त, पुजारियों के लिए बनाए कड़े... Ketan Agrawal Murder Case: केतन हत्याकांड में चौंकाने वाला खुलासा, आरोपी चेतन-सिया ने 4 महीने पहले क...
मध्यप्रदेश

भाई-बहन एक साथ बने डिप्टी कलेक्टर, बहन नायब तहसीलदार, भाई ने टीसीएस की नौकरी छोड़ी

उज्जैन। उज्जैन में एक भाई-बहन ने मप्र लोक सेवा आयोग परीक्षा एक साथ पास की और फिर दोनों का डिप्टी कलेक्टर पद के लिए चयन हुआ। बहन की 14वीं और भाई की 21वीं रैंक आई। बहन राजनंदनी ठाकुर वर्तमान में नायब तहसीलदार है और भाई अर्जुनसिंह ठाकुर ने मप्र लोक सेवा आयोग परीक्षा के लिए टीसीएस की नौकरी छोड़ी। इंजीनियरिंग कालेज में पदस्थ प्रो. डा. वायएस ठाकुर के पुत्र अर्जुनसिंह ठाकुर व पुत्री राजनंदनी सिंह ठाकुर ने मप्र लोक सेवा आयोग की परीक्षा दी। दोनों का चयन एमपी पीएससी में हुआ।

राजनंदनी की 14वीं और अर्जुनसिंह की 21वीं रैंक बनी। राजनंदनी वर्ष 2020 में नायब तहसीलदार के पद पर चयनित हुई और वर्तमान में वह सीहोर में पदस्थ हैं। अर्जुनसिंह की भी टीसीएस में नौकरी लग गई, लेकिन उन्होंने नौकरी न करते हुए अपने लक्ष्य के लिए मेहनत करते रहे। दोनों ने मप्र लोक सेवा आयोग की परीक्षा एक साथ पास की।

दोनों का एक साथ डिप्टी कलेक्टर के लिए चयन हुआ। दोनों भाई बहन ने अपनी पढ़ाई क्रिस्ट ज्योति स्कूल में 12वीं तक की। इसके बाद भोपाल से इंजीनियरिंग की। राजनंदनी बास्केट बाल की स्टेट प्लेयर भी रही है। अर्जुन ने बताया कि अपने लक्ष्य को हासिल करने के लिए वे लगातार मेहनत करते रहे।

मोबाइल, सोशल मीडिया से भी लगभग दूरी बनाए रखे। आवश्यक खबरें और जानकारी के लिए ही मोबाइल का उपयोग किया। प्रतिदिन लगातार 8 से 10 घंटे पढ़ाई पर ध्यान दिया।

राजनंदनी ने भी नायब तहसीलदार की नौकरी करते हुए आगे की पढ़ाई जारी रखी। हालांकि यह काम बहुत मुश्किल था, लेकिन लक्ष्य हासिल करने के लिए अतिरिक्त समय निकाल कर पढ़ाई पर ध्यान दिया।

Related Articles

Back to top button