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मध्यप्रदेश

चोरों की राह में रोड़ा बनी नदी, तो बुलडोजर लेकर पहुंचे स्टापडेम तोड़ने… गांव वालों ऐसे भगाया

मंदसौर। मंदसौर जिले के सुवासरा तहसील मुख्यालय से 15 किमी दूर ग्राम धानडाखेड़ा के पास कालीसिंध नदी में शुक्रवार को करीब 50 से अधिक कंजरों ने स्टापडेम तोड़ने का प्रयास किया। इसके बाद आसपास के ग्रामीणों ने ही पत्थर फेंककर कंजरों को भगाया। जवाब में उन्होंने फायर भी किए। ग्रामीणों के ज्यादा संख्या में पहुंचने पर कंजर भाग गए। इसी स्टापडेम में बने इंटकवेल से ही सुवासरा में पेयजल सप्लाई होता है।

राजस्थान से कुछ लोग कथा सुनने धानडाखेड़ा आए, उन्होंने कंजरों द्वारा स्टापडेम को तोड़ने की जानकारी ग्रामीणों को दी। इसके बाद कुछ ग्रामीण नदी पर स्थित नगर परिषद के पेयजल इंटकवेल के पास पहुंचे। यहां ग्रामीणों ने उन्हें स्टामडेम तोड़ने से मना किया।

ग्रामीणों ने रोका तो कंजर धमकाने लगे

कंजर ग्रामीणों को धमकाने लगे। कुछ ही देर में बड़ी संख्या में ग्रामीण वहां पहुंच गए और पत्थर फेंककर कंजरों को भगाने की कोशिश की। इसके बाद कंजरों ने दो से तीन हवाई फायर किए। ग्रामीणों को बढ़ती संख्या देख कंजर भाग गए। वो यहां स्टापडेम तोड़ने के लिए लाया गया बुलडोजर छोड़ गए।

गांव के लोगों ने इस घटना की जानकारी नगर परिषद सीएमओ संजयसिंह राठौर और पुलिस को दी। करीब एक घंटे बाद पुलिस की टीम मौके पर पहुंची। इतनी बड़ी घटना होने के बाद भी प्रशासन इसे अज्ञात लोगों द्वारा डेम को क्षति पहुंचाने का मामला बता रहा है।

पुलिस बोली- इस घटना में अब तक कोई शिकायत नहीं आई

पुलिस टीआई कमलेश प्रजापति से जब मामले की जानकारी ली गई, तो उन्होंने कहा कि अभी तक इस घटना को लेकर किसी का भी कोई आवेदन नहीं आया है। जबकि परिषद के सीएमओ संजय सिंह राठौर ने अज्ञात लोगों द्वारा डैम को क्षति पहुंचाने वाले के खिलाफ कार्रवाई को लेकर आवेदन थाने में दे दिया था।

सुवासरा में खड़ा हो जाता पानी का संकट

परिषद अध्यक्ष प्रतिनिधि डॉ. बालाराम परिहार ने भी थाने में आवेदन देने की बात कही है। यदि यह स्टापडेम तोड़ दिया जाता तो सुवासरा में पानी का संकट गहरा जाता। नगर में इसी पेयजल योजना से पानी का वितरण होता है।

किसका है बुलडोजर

अब मामले में दोनों प्रशासनिक अधिकारी के अलग-अलग बयानों से संशय बना हुआ है। जो बुलडोजर थाने में लाया गया है, वह किसका है इसकी कोई जानकारी पुलिस द्वारा नहीं दी गई है।

नदी पार करने में मुश्किल, इसलिए तोड़ रहे थे स्टापडेम

ग्रामीणों ने बताया कि कंजरों को इस स्टापडेम से मुख्य परेशानी यह है कि इसमें पानी होने पर रात में कालीसिंध नदी पार कर आने-जाने में परेशानी होती है। हालांकि नदी में अभी पानी बहुत कम है, इसका फायदा उठाकर ये लोग स्टापडेम को तोड़ने पहुंचे थे। कंजरो की सक्रियता के चलते क्षेत्र में बाइक, मोटर व घरों में चोरी की घटनाए हो रही हैं।

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