ब्रेकिंग
ED Officers SC ST Act Case Ranchi: हाईकोर्ट ने जवाब दाखिल करने के लिए मांगा समय, 2 नवंबर को होगी अगल... Jharkhand Food Department Guidelines: अवैध एलपीजी उपयोग रोकने के लिए जिला प्रशासन और तेल कंपनियों मे... Charged for Impact Event Dhanbad: इंडस्ट्री और एकेडमिक सहयोग पर विशेष चर्चा, कई दिग्गज हुए शामिल 174 यात्रियों की जान बचाने वाले जांबाज कैप्टन: स्मित मछार को 'गुजरात गरिमा पुरस्कार' से नवाजेगी सरका... Ranchi News: नामकुम में स्वच्छता ही सेवा-2026 अभियान के तहत विशेष कार्यक्रम, मंत्री योगेंद्र प्रसाद ... चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका: संवैधानिक और कानूनी प्रक्रियाओं पर उठे... Dhamtari Snake Bite News: घर में सो रही मां और मासूम बेटी को करैत सांप ने डसा, डेढ़ साल की बच्ची की द... INDIA गठबंधन के साथ हैं, लेकिन राहुल गांधी की पीएम उम्मीदवारी पर साधी चुप्पी: मध्यावधि चुनाव के संके... CGPSC and UPSC Success Story: कैंसर को मात देकर अधिकारी बने संजय डहरिया की कहानी से युवाओं को मिली प... Chhattisgrah Politics Update: विकसित भारत के संकल्प के साथ आगे बढ़ रही यात्रा, 7 अक्टूबर को पहुंचेगी...
मध्यप्रदेश

MP अजब है… साइकिल पंचर की दुकान का बिजली बिल आया 1,22,383 रूपए… सिर पकड़कर रोने लगा दुकानदार

छतरपुर : छतरपुर जिले के बमीठा थाना क्षेत्र के इमलाहा गांव में एक साइकिल पंचर की दुकान में जहां एक पंखा, दो बल्ब लगे हैं उस दुकान का एक माह का बिल 1,22,383 (एक लाख बाइस हज़ार तीन सौ तेरासी रुपए) आया है। जिसको देख गरीब दुकानदार और बिल की कीमत सुनने वाले लोगों के होश उड़ गए। हैरान कर देने मामला छतरपुर जिले राजनगर ब्लॉक के इमलहा गांव में संतोष साहू पिता लखन साहू जो कि गांव में ही एक साइकिल पंचर की दुकान खोले हुए है। जिसके नाम एक माह का बिजली का बिल सवा लाख रुपए आ गया है। संतोष के पिता छोटी सी खेती करते हैं तो वहीं संतोष अपने पिता का घर के खर्च में हाथ बंटाकर अपने भाइयों की पढ़ाई और परिवार का भरण पोषण करने के लिए साइकिल पंचर की दुकान चलाता है।

मीडिया को जानकारी देते हुए पीड़ित ने बताया कि मेरा पिछला बिल 2,000 रुपए आया था जिसे उन्होंने यहां-वहां से से कर्ज लेकर के जमा कर दिया था। लेकिन अब जून माह का बिल 1,22,383 रुपया आ गया। जिससे दुकानदार के होश उड़ गए और सोचने लगा कि इतना बिल कैसे चुकेगा। वही पर हाथ रख कर रोने लगा। जब ये बात उसने अपने घर जाकर सबको बताई तो सभी चौंक गए।

मामले में मीटर रीडर जालम सिंह यादव को बताई तो मीटर रीडर ने मीटर की रीडिंग में सुधार के लिए खर्च-पानी की बात उपभोक्ता से करने लगा।अब इसे बिजली विभाग के निचले कर्मचारी की लापरवाही मानें या फिर मीटर रीडर की, लेकिन एक माह में लाख रुपये से ऊपर बिजली का बिल आना आश्चर्यजनक है। वहीं अगर कहा जाए तो यहा बिजली से नहीं बिजली के बिल से झटका लगाना माना जायेगा।

PunjabKesari

इनका कहना है..

मामले में जब बिजली विभाग के कनिष्ठ अभियंता बी.के. तिवारी से बात की तो उन्होंने कहा कि आपके द्वारा हमें जानकारी प्राप्त हुई है मामले को विशेष रूप से संज्ञान में लेकर सुधार करवाया जायेगा।

Related Articles

Back to top button