ब्रेकिंग
पीएम मोदी के 'दिमागी नक्सल' बयान पर किरेन रिजिजू का विपक्ष पर तीखा पलटवार रामपुरहाट टीएमसी दफ्तर में फंदे से लटके मिले पूर्व डिप्टी स्पीकर आशीष बनर्जी: सुसाइड नोट में मानसिक ... बॉम्बे हाईकोर्ट क्लर्क टाइपिंग टेस्ट में तकनीकी गड़बड़ी: वाशिम समेत कई केंद्रों पर हंगामा, छात्रों न... 'बिहार बन रहा पेपर लीक की राजधानी': तेजस्वी यादव का NDA सरकार पर तीखा हमला, 19 अगस्त को राजभवन मार्च... पीएम मोदी के 'दिमागी नक्सल' बयान पर BJP-कांग्रेस आमने-सामने, छिड़ा सियासी घमासान बरेली: सरकारी नौकरी का झांसा देकर रचाई शादी, विरोध पर बेल्ट से पीटा और छीने जेवर; पति समेत ससुराल वा... सुखबीर बादल पर हमले की NIA जांच की मांग: हरसिमरत कौर बादल ने गृह मंत्री अमित शाह को लिखा पत्र, बड़ी ... भिवंडी: दरगाह में इलाज के नाम पर महिला से अघोरी रस्में व प्रताड़ना; UP भागने की फिराक में था मौलवी, ... दिल्ली में पूरा हुआ 100 'अटल कैंटीन' का संकल्प: DU मेट्रो स्टेशन से 25 नई कैंटीन शुरू, मात्र ₹5 में ... रीवा में स्वास्थ्य तंत्र की लापरवाही: 2 घंटे तक नहीं पहुंची 108 एंबुलेंस, सांस लेने में तकलीफ से जूझ...
देश

ट्रंप की यात्रा से भारतीयों के जीवन पर रत्ती भर नहीं पड़ेगा फर्क: शिवसेना

डोनाल्ड ट्रंप की यात्रा को लेकर शिवसेना ने सोमवार को कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति की करीब 36 घंटे की भारत यात्रा से गरीब और मध्यम वर्गीय भारतीयों के जीवन पर रत्ती भर असर नहीं पड़ेगा। पार्टी ने कहा कि ट्रंप ने भारत के लिए रवाना होने से पहले कहा कि वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से व्यापार पर बातचीत करने जा रहे हैं जिससे साफ होता है कि उनकी यात्रा का उद्देश्य अमेरिकी व्यापार बढ़ाना है।

शिवसेना के मुखपत्र सामना के संपादकीय के अनुसार ट्रंप की यात्रा से भारत में गरीब और मध्यमवर्गीय लोगों के जीवन पर रत्ती भर भी असर नहीं पड़ने वाला। तो उनकी यात्रा के गुणगान और उस पर उत्साहित होने का सवाल ही कहां उठता है। महाराष्ट्र में सत्तारूढ़ दल ने अपने संपादकीय में लिखा कि अगर ट्रंप की यात्रा को लेकर कहीं उत्सुकता है तो वह अहमदाबाद में हो सकती है, जहां वह सबसे पहले पहुंच रहे हैं। ट्रंप के दौरे से ज्यादा इस बात की चर्चा हो रही है कि वह जिस सड़क से गुजरेंगे वहां झुग्गियों को छिपाने के लिए कैसे दीवार बनाई जा रही है।

संपादकीय में लिखा गया कि खबर है कि ट्रंप भारत में धार्मिक आजादी पर रोकटोक के मुद्दे पर भी बात कर सकते हैं। ये हमारे आंतरिक विषय हैं। यह देश लोकतांत्रिक तरीके से चुने गये लोगों से चलता है और उन्हें किसी बाहरी से इस पर मार्गदर्शन की जरूरत नहीं है। ‘सामना’ के अनुसार इसके बजाय ट्रंप को अहमदाबाद, आगरा और दिल्ली में पर्यटन का आनंद उठाना चाहिए। शिवसेना ने कहा कि जब ट्रंप अपने आगमन के करीब 36 घंटे बाद भारत से रवाना होंगे तो भारत की धरती पर उनकी यात्रा की कोई छाप नहीं रहेगी।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button