ब्रेकिंग
India Maritime Strategy: इंडो-पैसिफिक में भारत का बड़ा कूटनीतिक कदम, AIME-2026 से मजबूत हुआ समुद्री ... INDIA Alliance Protest: EVM और वोटर लिस्ट में गड़बड़ी का आरोप, खरगे बोले- 6 अक्टूबर को चुनाव आयोग तक... महात्मा गांधी जयंती पर राहुल गांधी का बड़ा ऐलान: आंदोलनों को एकजुट करने के लिए डिजिटल प्लेटफॉर्म ‘सत... ईटानगर में ABVP की दो दिवसीय राष्ट्रीय बैठक संपन्न: छात्र हितों और आगामी रणनीतियों पर हुआ गहन मंथन Vrindavan News: रसिक दुलारी शरण की संदिग्ध मौत से गरमाया माहौल, प्रेमानंद महाराज के दूसरे आश्रम में ... Dhanbad News: गैंगस्टर फहीम खान के घर 2004 में हुई अंधाधुंध फायरिंग मामले में 3 दोषियों को सजा, बॉडी... Bulandshahr Crime News: 4 महीने पहले हुआ था निकाह, पति ने पीट-पीटकर की पत्नी की हत्या; आरोपी फरार Okhla Landfill Site Visit: सीएम रेखा गुप्ता ने ओखला लैंडफिल साइट का किया निरीक्षण, 100 एकड़ जमीन कूड... AIIMS Delhi: उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू ने AIIMS छात्रों से की 'कॉफी पर चर्चा', सुरक्षा और मेडिकल श... नासिक फैमिली कोर्ट से आरोपी निदा खान को वारंट: पति की तलाक याचिका पर 16 अक्टूबर को पेशी के निर्देश
गुजरात

24 घंटे में चोरों का हृदय परिवर्तन! पहले चोरी की बाइक, फिर पछतावे में कर दी वापस

गुजरात के जामनगर से एक अजीबोगरीब मामला सामने आया है. इलाके में चोरों ने एक बाइक चुरा ली, लेकिन उन्हें अपने किए पर पछतावा हो गया. ऐसे में वो अगले दिन बाइक लौटा कर चले गए. घटना नीमदा लाइन की है.

जानकारी के मुताबिक नीमदा लाइन में एक घर के पास खड़ी बाइक चोरी हो गई. बाइक पूरे दिन तस्करों के पास रही, लेकिन चोरों ने अगली रात बाइक वापस कर दी. दोनों दिन की घटना सीसीटीवी में भी कैद हो गई है.

पछतावे में वापस कर दी बाइक

सीसीटीवी वीडियो के मुताबिक रात करीब 8 बजे बाइक सवार दो लोग वहां पहुंचे और घर के बाहर खड़ी बाइक लेकर भाग जाते हैं. वहीं अगले दिन की फुटेज में दिखाई दे रहा है कि चोर बाइक वास कर जाते हैं. हालांकि इस बार वहां तीन लोग थे, दो एक बाइक पर और एक चोरी की बाइक पर. उन्होंने चोरी की गई बाइक वहीं छोड़ दी, जहां से उन्होंने उसे लिया था और तीनों व्यक्ति एक बाइक पर सवार होकर भाग गए.

धाराओं के तहत मिलती है सजा

भारत में बाइक चोरी एक आपराधिक कृत्य है और भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) के तहत दंडनीय है. आमतौर पर बाइक चोरी को चोरी माना जाता है और इसके लिए निम्नलिखित धाराओं के तहत दंड का प्रावधान है.

बीएनएस धारा 302: चोरी यदि कोई व्यक्ति किसी दूसरे की संपत्ति पर उसकी सहमति के बिना कब्जा कर लेता है, तो इसे चोरी माना जाता है. सजा: तीन वर्ष तक का कारावास, जुर्माना या दोनों.

बीएनएस धारा 303: चोरी के लिए सजा सजा: बीएनएस धारा 302 के तहत चोरी के लिए सजा तीन साल तक कारावास, जुर्माना या दोनों है.

बीएनएस धारा 311: चोरी का माल रखने पर सजा सजा: यदि कोई व्यक्ति जानबूझकर चोरी का सामान अपने पास रखता है, तो उसे तीन साल तक की कैद, जुर्माना या दोनों हो सकते हैं.

बीएनएस धारा 320: डकैती सजा: यदि चोरी के दौरान बल या हिंसा का प्रयोग किया जाता है, तो इसे डकैती माना जाएगा और इसके लिए 10 वर्ष तक की जेल और जुर्माना का प्रावधान है.

Related Articles

Back to top button