ब्रेकिंग
ईरान संकट: युद्ध की आशंका के बीच भारतीयों की निकासी की तैयारी, जानें क्या है सरकार का मास्टर प्लान जयपुर में गूंजी भारतीय सेना की हुंकार: आर्मी डे परेड में 'ऑपरेशन सिंदूर' के पराक्रम से थर्राया दुश्म... वोटर लिस्ट से नाम हटाने पर सुप्रीम कोर्ट सख्त: कहा- 'हटाए गए नाम सार्वजनिक करें और आपत्ति दर्ज करने ... दिल्ली vs गुरुग्राम vs नोएडा: किसके बैंक खाते हैं ज्यादा भारी? RBI की रिपोर्ट ने साफ की तस्वीर खगड़िया में खूनी इश्क: साढू के साथ मिलकर पत्नी ने रची साजिश, ससुराल आए पति की गोली मारकर हत्या दिल्ली ऑटो फेस्टिवल को राहत: हाईकोर्ट ने प्रदूषण की दलील नकारी, सुनवाई से इनकार की जानें बड़ी वजह वीजा स्कैम केस: दिल्ली HC में आज क्यों नहीं हो सकी सुनवाई? कार्ति चिदंबरम की याचिका पर अब सबकी नजर सावधान! गुजरात में मौत का जाल बुन रहा मांझा: 48 घंटे में 6 ने गंवाई जान, 800 से ज्यादा पहुंचे इमरजें... "महाराष्ट्र का 'महाराज' कौन? एग्जिट पोल के नतीजों ने चौंकाया, बहुमत के करीब पहुंची BJP श्री अकाल तख्त साहिब में पेशी के बाद सामने आई CM भगवंत मान की पहली तस्वीर
पंजाब

20 एकड़ जमीन एक्वायर के बाद मजबूर हुआ पीड़ित परिवार, दी ये चेतावनी

जालंधर: जालंधर इम्प्रूवमेंट ट्रस्ट की लगातार बिगड़ती वित्तीय हालत और बढ़ती देनदारियों के बीच अब कानूनी दबाव भी बढ़ने लगा है। कोर्ट द्वारा ट्रस्ट कार्यालय की नीलामी संबंधी आदेशों की संख्या में लगातार इजाफा हो रहा है। इसी बीच गत दिन एक जमींदार परिवार ने ट्रस्ट कार्यालय में पहुंचकर अपना रोष जाहिर किया और चेतावनी दी कि यदि जल्द उनका मुआवजा नहीं दिया गया तो वे ट्रैक्टर-ट्रॉलियों के साथ पक्का धरना देने को मजबूर होंगे।

इस मामले में करनैल सिंह और लखविंदर सिंह के नेतृत्व में प्रभावित जमींदार परिवार के सदस्य ट्रस्ट कार्यालय पहुंचे। इनका कहना है कि उनके कुल 8 भाइयों के परिवार की लगभग 20 एकड़ जमीन को इम्प्रूवमैंट ट्रस्ट ने वर्ष 2007 में एक्वायर कर लिया था। इस एक्वायर जमीन पर ट्रस्ट द्वारा ‘महाराजा रणजीत सिंह एवेन्यू’ स्कीम शुरू की गई, लेकिन 18 साल बीत जाने के बाद भी उन्हें उनका बनता मुआवजा नहीं दिया गया है।

करनैल सिंह ने बताया कि तीन पीढ़ियों से वे परिवार अपने हक के लिए संघर्ष कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि ट्रस्ट प्रशासन की बेरुखी से वह बेहद आहत हैं। उन्होंने कहा कि आज सुबह 10 बजे हम परिवार सहित ट्रस्ट कार्यालय पहुंचे, लेकिन न तो चेयरपर्सन और न ही एग्जीक्यूटिव ऑफिसर हमसे मिलने को तैयार हैं। हम यहां न्याय की उम्मीद लेकर आए थे, लेकिन हमें लगातार नजरअंदाज किया जा रहा है।

प्रभावित परिवार के अनुसार इम्प्रूवमैंट ट्रस्ट में मुआवजे संबंधी उनकी 18 फाइलें पेंडिंग पड़ी हैं, जिनमें कुल मुआवजा राशि करीब 30 करोड़ रुपए बनती है। हमें सालों से सिर्फ आश्वासन मिलते आ रहे हैं। कई बार ट्रस्ट द्वारा मात्र 50 से 60 हजार रुपए देकर हमें शांत किया गया है, लेकिन यह हमारे नुकसान के सामने कुछ भी नहीं है। लखविंदर सिंह ने बताया कि अब तक उन्हें जो भी मामूली मुआवजा दिया गया है, उससे ज्यादा रकम वे अदालती लड़ाई में खर्च कर चुके हैं। हमें कोर्ट में पेश होने, वकीलों की फीस और दस्तावेज़ों की प्रक्रिया में लाखों रुपये खर्च करने पड़े हैं।

Related Articles

Back to top button