ब्रेकिंग
अजित पवार के निधन के बाद एनसीपी में सियासी घमासान, छह वरिष्ठ नेताओं ने दिल्ली में केंद्रीय गृह मंत्र... जम्मू-कश्मीर की राजनीति में बड़ा भूचाल, सांसद आगा सैयद रुहुल्लाह मेहदी के इस्तीफे से उमर अब्दुल्ला क... दक्षिण ब्लॉक होगा पूरी तरह खाली, थलसेना प्रमुख जनरल धीरज सेठ और डीजीएमओ का कार्यालय नए शौर्य भवन में... अजित पवार के निधन के बाद एनसीपी में सियासी हलचल तेज, कोर कमेटी की बैठक में पार्थ पवार के फैसलों पर ज... आगरा के कमला नगर में पीवीसी कारोबारी के घर बड़ी चोरी, तीन नकाबपोश बदमाश 70 लाख के जेवर ले उड़े गोवंश तस्करी मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट का बड़ा फैसला, वाहन जब्ती को अवैध करार देकर सरकार पर लगाया ... बिहार में नदियों की गाद से बनेंगे नेशनल हाईवे, NHAI और राज्य सरकार के बीच हुआ बड़ा समझौता Health and Nutrition Tips Protein Products Market: बाजार में बिकने वाले प्रोटीन प्रोडक्ट्स खरीदने से... मध्य प्रदेश हाईकोर्ट की बीमा कंपनी को कड़ी फटकार, फर्जी तर्क देने पर ठोका 20 हजार रुपये का जुर्माना जबलपुर हाईकोर्ट में पीजी मेडिकल काउंसलिंग की मेरिट लिस्ट के खिलाफ याचिका, इन सर्विस कोटे को दी गई चु...
देश

EWS कोटा विवाद: सुप्रीम कोर्ट महाराष्ट्र के छात्रों की याचिका पर सुनवाई के लिए तैयार

 सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को महाराष्ट्र में पीजी मेडिकल प्रवेश से संबंधित छात्रों की याचिका पर सुनवाई के लिए सहमति व्यक्त की है।

याचिकाकर्ता छात्र दावा कर रहे हैं कि राज्य में 10 प्रतिशत आर्थिक रूप से कम’जोर वर्ग (EWS) कोटे के कार्यान्वयन पर रोक लगाने के बाद, वे निजी मेडिकल कॉलेजों में पोस्ट-ग्रेजुएट मेडिकल प्रवेश लेने के लिए बाध्य हैं।

न्यायमूर्ति इंदिरा बनर्जी की अध्यक्षता वाली पीठ ने कहा कि यह उन छात्रों की याचिका पर सुनवाई करेगी जो सरकारी कॉलेजों में प्रवेश के लिए इच्छुक हैं।

ANI

✔@ANI

Supreme Court agrees to hear plea of students from Maharashtra stating they are compelled to seek post-graduate medical admission in private medical colleges, after SC scrapped implementation of 10% Economically Weaker Section quota in the state.

See ANI’s other Tweets
सुप्रीम कोर्ट ने लगाई थी EWS के तहत दाखिले पर रोक-

सुप्रीम कोर्ट ने इस साल राज्य में पीजी मेडिकल प्रवेश में आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (Economically Weaker Section) श्रेणी के छात्रों को 10% आरक्षण पर महाराष्ट्र सरकार के आदेश पर रो’क लगा दी थी।

सुप्रीम कोर्ट का कहना है कि इस स्तर पर राज्य सक्षम प्रावधानों के तहत कार्य कर सकते हैं और आरक्षण लागू कर सकते हैं। लेकिन जब तक मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया (MCI) द्वारा अतिरिक्त सीटें नहीं बनाई जाती हैं तब तक इस स्तर पर राज्य सक्षम प्रावधानों के तहत कार्य कर आरक्षण लागू नही कर सकते हैं। मौजूदा सीटों को EWS (Economically Weaker Section) आरक्षण संशोधन के अधी’न नहीं किया जा सकता है।

शीर्ष अदालत में एक या’चिका डाली गई थी जिसमें कहा गया था कि राज्य को वर्तमान शैक्षणिक साल के लिए मेडिकल और डेन्टल पोस्ट ग्रेजुएट कोर्सेज में EWS के तहत 10% आरक्षण लागू नहीं करने का निर्देश दिया जाए जिसपर सुन’वाई करते हुए को’र्ट ने यह फैसला लिया।

Chief Justice Ranjan Gogoi और न्यायमूर्ति Justice Aniruddha Bose की एक अवकाश पीठ ने राज्य सरकार से एडमिशन की स्तिथि के बारे में सूचित करने के लिए कहा था।

केंद्र ने एक संवै’धानिक संशोधन विधेयक पेश किया था जिसमें नौकरियों और एडमिशनों में सभी वर्गों के EWS (Economically Weaker Section) उम्मीदवारों को 10 प्रतिशत आरक्षण दिया गया था। बिल को संसद के दोनों सदनों द्वारा मंजूरी दे दी गई थी और राष्ट्रपति द्वारा का’नून पर हस्ताक्षर किए गए थे।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button