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दिल्ली/NCR

ग्रेटर नोएडा डीपीएस में 3 साल की बच्ची से रेप केस में कर्मचारी को उम्रकैद, स्कूल पर 10 लाख का जुर्माना

 गौतम बुद्ध नगर जिले के डीपीएस स्कूल में साढ़े तीन साल की बच्ची से डिजिटल रेप करने वाले दोषी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है. सूरजपुर जिला कोर्ट ने ये फैसला सुनाया है. दरिंदगी की इस वारदात को साल 2018 में अंजाम दिया गया था. कोर्ट ने स्कूल में बच्ची से डिजिटल रेप करने वाले चंडीदास को उम्रकैद के साथ-साथ 24 हजार का जुर्माना भी लगाया है. चंडीदास मूल रूप से पश्चिम बंगाल का रहने वाला है.

कोर्ट ने डीपीएस स्कूल पर भी 10 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है. जिला सहायक शासकीय अधिवक्ता चवनपाल सिंह ने बताया कि ग्रेटर नोएडा के डीपीएस स्कूल में 12 जुलाई 2018 को साढ़े तीन साल की मासूम के साथ डिजिटल रेप की घटना हुई थी. घटना के समय बच्ची स्वीमिंग पूल के समीप मौजूद थी.

इसी बीच स्वीमिंग पूल का लाइफ गार्ड चंडीदास बच्ची को दीवार के पास ले गया और बच्ची के साथ घिनौना काम किया. कोर्ट ने चंडीदास को दोषी मानते हुए आजीवन कारावास और जुर्मान की की सजा सुनाई. कोर्ट ने कहा कि जुर्माना राशि जमा नहीं करने पर छह महीने का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा. यह फैसला पॉस्को कोर्ट न्यायाधीश मनोज कुमार हिमांशु ने सुनाया.

स्कूल पर क्या थे आरोप?

पूरे घटनाक्रम में स्कूल मैनेजमेंट पर आरोप लगा था कि उसे इस घिनौनी वारदात के बारे में जानकारी थी लेकिन स्कूल की तरफ कोई कार्रवाई नहीं की गई. यहां तक कि दो दिन तक मामले को दबाए रखा. यही नहीं, बच्ची के मां-बाप पर इस मामले को रफादफा करने के लिए दबाव भी डाला था.

विशेष लोक अभियोजन अधिकारी जेपी भाटी के मुताबिक, चंडीदास तब बतौर लाइफ गार्ड स्वीमिंग पूल के पास ड्यूटी पर था. घटनाक्रम के बाद पुलिस ने आरोपी को कोर्ट में पेश किया था. इसके बाद कोर्ट ने उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया था.

सुनवाई के दौरान सभी पक्षों की बातें सुनने के बाद कोर्ट ने चंडीदास को दोषी पाया और उसे आजीवन कारावास की सजा सुनाई. उस पर 24 हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया. साथ ही स्कूल को भी घोर लापरवाही के लिए उत्तरदायी मानते हुए उसे एक महीने में 10 लाख रुपये का भुगतान करने का आदेश दिया. कोर्ट ने कहा कि स्कूल से मिलने वाले पैसे को पीड़ित बच्ची और उसके परिवार को दिया जाएगा.

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