ब्रेकिंग
अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा चोरी विवाद: कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय नजरबंद, दर्शन करने जा रहे नेताओं को रो... अहमदाबाद: टीचर के जोरदार थप्पड़ से 10वीं के छात्र का कान का पर्दा फटा, स्कूल में हंगामा केतन अग्रवाल हत्याकांड: मुख्य आरोपी सिया गोयल के भाई को 10 करोड़ का मानहानि नोटिस Ram Mandir Donation Scam: चंपत राय ने पुलिस पूछताछ में क्या कहा? चढ़ावा चोरी मामले में दी सफाई Ayodhya News: राम मंदिर चंदा चोरी मामले में बड़ा अपडेट; आरोपियों के घर से हुई ज्वेलरी और कैश की रिकवर... Maharashtra Monsoon Session: विधानसभा में गूंजा पेपर लीक का मुद्दा; विपक्ष का बड़ा हमला, सरकार पर उठा... Ayatollah Ali Khamenei Funeral: ईरान के दिवंगत सुप्रीम लीडर का 4 जुलाई को होगा अंतिम संस्कार; भारत भ... Ram Mandir Donation Scam: 'चढ़ावा चोरों' का सामाजिक बहिष्कार शुरू; अयोध्या बार एसोसिएशन ने केस लड़ने ... Himachal Pradesh Model Panchayat: टिहरी पंचायत का बड़ा फैसला; पशु क्रूरता पर जुर्माना और पर्यावरण संर... West Bengal UCC Update: पश्चिम बंगाल में यूनिफॉर्म सिविल कोड लागू करने की तैयारी; ड्राफ्ट कमेटी का ह...
धार्मिक

जीवन में चाहिए अपार सफलता? आज से ही ब्रह्म मुहूर्त में उठना शुरू करें, जानिए 3 काम जो आपकी किस्मत बदल देंगे

 हिंदू धर्म शास्त्रों में ब्रह्म मुहूर्त का समय बहुत विशेष माना जाता है. प्रात: काल तीन से पांच बजे के बीच का समय ब्रह्म मुहूर्त का माना जाता है. ये दिन का सबसे शांत समय होता है. माना जाता है कि इस समय पर प्रकृति की उर्जा अपने चरम पर होती है. इस समय मन पूरी तरह से शांत होता है. इन्हीं सब वजहों से ये समय ध्यान, योग, पूजा-पाठ के लिए सबसे शुभ कहा गया है. ब्रह्म मुहूर्त को अक्षय मुहूर्त के नाम से भी कहते हैं.

जो कोई भी ब्रह्म मुहूर्त में अपने काम की शुरुआत करता है. उसका मस्तिष्क ज्यादा साफ रहता है. सोचने-समझने की ताकत बढ़ती है और दिन भर शरीर उर्जावान रहता है. इस समय में की गई साधना का असर जल्दी दिखाई देता है, क्योंकि ब्रह्म मुहूर्त में मन उलझनों से मुक्त होता है, तो चलिए जानते हैं कि बह्म मुहूर्त में कौन से काम या कहें कि उपाय करने चाहिए?

हथेलियों के दर्शन करें

ब्रह्म मुहूर्त का समय बड़ा ही चमत्कारी माना गया है, इसलिए इस दौरान आंख खुलने पर लोगों को अपनी हथेलियों को अवश्य देखना चाहिए, क्योंकि ऐसा माना जाता है कि हथेलियों में त्रीदेव निवास करते हैं. ऐसे में ब्रह्म मुहूर्त में उठते ही अपनी हथेलियों के दर्शन अवश्य करें.

गायत्री मंत्र का जाप करें

ब्रह्म मुहूर्त में जागने के बाद अपने इष्टदेव का स्मरण करना चाहिए. फिर ऊं भूर्भुवः स्वः तत्सवितुर्वरेण्यम् भर्गो देवस्य धीमहि धियो यो नः प्रचोदयात्’ का उच्चारण करना चाहिए. इस शुभ समय गायत्री मंत्र का जाप करने से पुण्य फल प्राप्त होते हैं.

भगवान शिव का स्मरण करें

मंत्रोच्चारण के बाद कुछ देर ध्यान लगाना चाहिए और भगवान शिव का स्मरण करना चाहिए. ‘ऊं’ का जप करना चाहिए. इस साधना से मन और आत्मा दोनों शुद्ध होती है. साथ ही मां लक्ष्मी का आशीर्वाद प्राप्त होता है और जीवन की हर परेशानी दूर होती है.

Related Articles

Back to top button