Sahayata App: झारखंड कोरोना ‘सहायता’ मोबाइल एप से 1.11 लाख मजदूरों के खाते में भेजे पैसे LIST

रांची। Corona Sahayata App Jharkhand मुख्यमंत्री विशेष सहायता योजना के तहत शुक्रवार को विभिन्न राज्यों में फंसे झारखंड के 1,11,568 श्रमिकों के खाते में ऑनलाइन डीबीटी के माध्यम से राशि भेजी गई। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने मोबाइल एप के जरिए श्रमिकों के खाते में एक हजार रुपये भेजने की योजना का शुभारंभ किया। इस मौके पर मुख्यमंत्री ने कहा कि मुश्किल वक्त में प्रवासी श्रमिकों की आर्थिक रूप से उन्हें मदद पहुंचाना सरकार का ध्येय है
उन्होंने कहा कि कोरोना संक्रमण (कोविड-19) की वजह से देश के विभिन्न राज्यों में झारखंड के मजदूर बड़ी संख्या में फंसे हैं। लॉकडाउन के शुरुआती चरण से ही राज्य सरकार ने देश के विभिन्न राज्यों के साथ समन्वय स्थापित कर प्रवासी मजदूरों के लिए राशन अथवा खाद्यान्न उपलब्ध कराने का काम किया था। इसी कड़ी में मुख्यमंत्री विशेष सहायता योजना मोबाइल एप के जरिए 1000 रुपये की सहायता राशि उपलब्ध कराए जाने का शुभारंभ हुआ है। लॉकडाउन के इस संकट के समय में दूसरे राज्यों में फंसे सभी निबंधित मजदूरों और झारखंडवासियों को मुख्यमंत्री विशेष सहायता एप योजना के तहत आर्थिक सहयोग मिले, यह राज्य सरकार का लक्ष्य है।
इस अवसर पर योजना सह वित्त विभाग मंत्री रामेश्वर उरांव, श्रम नियोजन एवं प्रशिक्षण विभाग के मंत्री सत्यानंद भोक्ता, अनुसूचित जनजाति अनुसूचित जाति एवं पिछड़ा वर्ग कल्याण मंत्री चंपाई सोरेन, स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा एवं परिवार कल्याण मंत्री बन्ना गुप्ता, मुख्य सचिव सुखदेव सिंह, अपर मुख्य सचिव अरुण कुमार सिंह, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव राजीव अरुण एक्का, प्रधान सचिव एपी सिंह, सचिव विनय चौबे सहित अन्य उपस्थित थे।
कोरोना सहायता एप से भेजे जा रहे पैसे
- मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने मोबाइल ऐप के माध्यम से सहायता राशि भेज किया योजना का शुभारंभ
- विशेष सहायता योजना के तहत डीबीटी के जरिए भेजी गई एक हजार की सहायता राशि
- अब तक राज्य के 2.47 मजदूरों ने कराया है निबंधन
- बोले सीएम, सभी निबंधित प्रवासी मजदूरों को मदद पहुंचाना सरकार की प्राथमिकता
- राज्य के वैसे परिवार जिनके पास राशन कार्ड नहीं उन्हें नजदीकी पीडीएस डीलरों से उपलब्ध होगा राशन
2.47 लाख से अधिक श्रमिकों ने कराया है निबंधन
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि अब तक राज्य के 2,47,025 प्रवासी मजदूरों ने मुख्यमंत्री विशेष सहायता मोबाइल एप के जरिए आर्थिक मदद के लिए निबंधन कराया है। झारखंड के विभिन्न जिलों ने अब तक 2 लाख 10 हजार 464 मजदूरों के निबंधन को अनुमोदित किया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि जल्द ही सभी सत्यापित किए गए लाभुकों को आर्थिक सहयोग राशि उपलब्ध करा दी जाएगी। इंटरनेट बैंकिंग सिस्टम के तहत बैंकों और खातों की जांच प्रक्रिया में दो-तीन दिन का समय लगता है। राज्य सरकार का तंत्र पूरी प्रतिबद्धता के साथ इन कार्यों को करने में जुटा है। जैसे-जैसे लाभुकों के खाते का वेरिफिकेशन पूरा होगा, आर्थिक सहयोग की राशि तत्काल खाते में भेज दी जाएगी।
बिना कार्डधारी परिवारों को भी नजदीकी पीडीएस डीलरों से मिलेगा राशन
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि राज्य के वैसे परिवार जिनके पास राशन कार्ड नहीं है उन्हें भी सरकार द्वारा राशन उपलब्ध कराने का प्रावधान किया गया है। राशन उपलब्ध कराने की पहले की प्रक्रिया में आज परिवर्तन किया गया है। अब वैसे परिवार जिनके पास राशन कार्ड नहीं है वे नजदीकी पीडीएस डीलर से अब सीधे राशन ले सकेंगे। नजदीकी डीलर ऐसे परिवारों की व्यक्तिगत पहचान करते हुए राशन उपलब्ध कराएंगे।
शिकायतों पर भी सरकार ने लिया है संज्ञान
मुख्यमंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री दीदी किचन, अनाज वितरण इत्यादि को लेकर राज्य के कुछ विधायकों, जनप्रतिनिधियों अथवा मीडिया के माध्यम से कुछ गड़बडिय़ों एवं शिकायतों का भी पता चला है। सरकार इन सभी गड़बडिय़ों और शिकायतों पर संज्ञान ले रही है। झारखंड में सामाजिक सुरक्षा को लेकर राज्य सरकार लोगों के बीच राहत सामग्री पहुंचाने का कार्य कोविड-19 संक्रमण के प्रारंभिक समय से ही कर रही है। राज्य वासियों को लॉकडाउन की अवधि में भोजन की समस्या उत्पन्न ना हो, इसके लिए राज्य सरकार पूर्ण रूप से गंभीर है। राज्य में कोई भी व्यक्ति भूखा न सोए यह सरकार की प्राथमिकता है।





