घर पहुंचने की खुशी में छलकी मजदूरों की आंखें, बोले- अब यहीं रोजगार की इच्छा

रांची। सोमवार को चार स्पेशल ट्रेनों से केरल, राजस्थान और कर्नाटक में फंसे 4517 मजदूर व छात्र झारखंड पहुंचे। केरल के कोझिकोड से 1158 मजदूरों को लेकर धनबाद, तिरुअनंतपुरम से 1129 लोगों को लेकर जसीडीह और राजस्थान के नागौर से 905 श्रमिकों व छात्रों को लेकर स्पेशल ट्रेन बरकाकाना स्टेशन पहुंची। वहीं रात करीब 12 बजे बेंगलुरू से भी 1225 यात्रियों को लेकर एक स्पेशल ट्रेन हटिया स्टेशन पहुंची। कई दिनों से अपने घर आने का इंतजार कर रहे लोग जब अपने स्टेशन पर उतरे तो उनकी आंखों से खुशी साफ झलक रही थी।
मजदूरों ने अपनी कहानी बयां की। कैसे मुश्किल से दिन काटे। भूखे रहकर तो बीमारी होने का खौफ लिए। ट्रेनों के टिकट के पैसे भी जुगाड़ किए। खैर, अब कोई शिकायत नहीं। बस यह इच्छा है कि यहीं कोई रोजगार मिल जाए तो पलायन न करना पड़े। स्टेशन पर उनका खूब गर्मजोशी से स्वागत किया गया। बाद में मजदूर स्टेशन के बाहर खड़ी बसों से अपने घरों के लिए रवाना हो गए। ट्रेन से आए सभी मजदूरों को होम क्वारंटाइन किया जाएगा।
स्वागत में गुलाब का फूल
केरल के कोझिकोड से 1175 श्रमिकों को लेकर श्रमिक स्पेशल ट्रेन सोमवार को दोपहर 12 बजे धनबाद रेलवे स्टेशन पहुंची। इन श्रमिकों का स्टेशन पर गुलाब का फूल देकर स्वागत किया गया। पानी की बोतल और लंच पैकेट दिए गए। सभी की थर्मल स्क्रीनिंग के बाद स्टेशन परिसर में खड़ी बसों से गोल्फ ग्राउंड भेज दिया गया। वहां से इन्हें उनके जिलों में बस से भेजा गया। इस ट्रेन से साहिबगंज, पाकुड़, जामताड़ा, दुमका, गोड्डा, देवघर, गिरिडीह, बोकारो, रांची, रामगढ़, लोहरदगा, सिमडेगा समेत झारखंड के 20 जिलों के मजदूर आए थे।
बजाए गए ढोल-बाजे
लॉकडाउन में संताल परगना समेत राज्य के अन्य जिलों के केरल में फंसे 1129 मजदूरों स्पेशल ट्रेन से जसीडीह रेलवे स्टेशन लाया गया। ये ट्रेन केरल के तिरुअनंतपुरम से जसीडीह स्टेशन 3.45 बजे आई। उपायुक्त नैंसी सहाय के नेतृत्व में अधिकारी यहां मुस्तैद थे। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने थर्मल स्क्रीनिंग के बाद मजदूरों को होम क्वारंटाइन की मोहर लगाकर उनके जिले की बस में भेजा। मजदूरों का ढोल-बाजे के साथ स्वागत कर फूल बरसाए गए। उपायुक्त व जिला प्रशासन के अन्य पदाधिकारियों ने मजदूरों को पुष्प देकर सम्मान दिया। भोजन का पैकेट, पानी की बोतल व सैनिटाइजर दिया। मजदूरों ने भी ताली बजाकर जिला प्रशासन का आभार जताया।
सीधे बसों से भेजे गए गृह जिला
राजस्थान के नागौर से राज्य के 23 जिलों के 905 श्रमिकों का जत्था विशेष ट्रेन से रामगढ़ स्थित बरकाकाना रेलवे स्टेशन पहुंचा। ट्रेन से आए सभी प्रवासियों को बिना थर्मल स्क्रीनिंग किए ही सीधे बस पर सवार कर अपने-अपने जिले के लिए रवाना कर दिया गया। श्रमिकों को काउंटर से मास्क, सैनिटाइजर लेने को कहा गया। साथ ही बस में नोडल पदाधिकारी के माध्यम से नाश्ते का पैकेट सौंपा गया। जांच नहीं होने के संबंध में बताया गया कि श्रमिकों की जांच उनके गृह जिले में की जाएगी। ट्रेन में बैठने से पूर्व उनकी जांच की गई थी। हालांकि जांच न होना एक सवाल खड़ा कर रहा है।





