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Where is Mojtaba Khamenei? मुज्तबा खामेनेई को क्यों नहीं ढूंढ पा रहा अमेरिका? कोमा और सर्जरी की खबरों के बीच ईरान ने चली ये चाल

ईरान के सुप्रीम लीडर नियुक्त होने के 10 दिन बाद भी अमेरिका को मुज्तबा खामेनेई का सुराग नहीं मिल पाया है. मुज्तबा को खोजने के लिए जहां अमेरिकी खुफिया एजेंसियों ने इनाम का दांव रखा है. वहीं राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मुज्तबा को लेकर कुछ अफवाहों का जिक्र किया है. ट्रंप ने कहा- हो सकता है, मुज्तबा मर गया हो. हालांकि, ईरान ने इसे सिरे से खारिज किया है. ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची का कहना है कि वे पूरी तरह स्वस्थ हैं और बड़े फैसले ले रहे हैं.

8 मार्च को सुप्रीम लीडर नियुक्त हुए थे

मुज्तबा खामेनेई 6 मार्च को ईरान के सुप्रीम लीडर नियुक्त हुए थे. 8 मार्च को इसकी जानकारी बाहर आई थी. उन्हें ईरान की गार्जियन काउंसिल ने इस पद पर नियुक्त किया था. मुज्तबा तब से बाहर नहीं आए हैं. इजराइल डिफेंस फोर्स ने मुज्तबा को लेकर 4 दिन पहले बड़ा दावा किया था. इजराइल डिफेंस फोर्स के मुताबिक 9 मार्च को एक स्ट्राइक में मुज्तबा घायल हो गए, जिसके कारण उन्हें किसी गुप्त ठिकाने पर ले जाया गया.

अमेरिका ने मुज्तबा पर इनाम रखा है. सेंटकॉम ने मुज्तबा को अपने हिटलिस्ट में शामिल किया है. अमेरिका की कोशिश सीनियर खामेनेई की तरह ही मुज्तबा को मारने की है.

क्यों नहीं मिल रहा मुज्तबा का सुराग, 2 फैक्ट्स

1. मुज्तबा के बारे में जानकारी सीमित- 8 मार्च को सुप्रीम लीडर नियुक्त हुए मुज्तबा खामेनेई के बारे में जानकारी सीमित है. मुज्तबा के आसपास कौन लोग हैं? इसके बारे में भी अमेरिकी खुफिया एजेंसी को कोई जानकारी नहीं है. यही वजह है कि अमेरिकी खुफिया एजेंसी मुज्तबा की खोज में जुटी है. उनके बारे में जानकारी देने वाले को इनाम देने की घोषणा की है.

इसके उलट सीनियर खामेनेई के बारे में सभी जानकारियां पब्लिक डोमेन में थीं. खामेनेई हमले के बाद भी बंकर में नहीं गए, जिसके कारण उन्हें आसानी से टारगेट बना लिया गया.

2. मुज्तबा को रूस ले जाने का दावा- कुवैती अखबार अल-जरीदा ने एक रिपोर्ट की है. इसमें कहा गया है कि मुज्तबा को इलाज के लिए मॉस्को ले जाया गया है. वहीं पर उनका इलाज कराया जा रहा है. मुज्तबा रूस के मिलिट्री प्लेन से मॉस्को गए. मुज्तबा के पैर में फ्रैक्चर की रिपोर्ट है.

रूस ने इसका खंडन नहीं किया है. न ही ईरान के सुप्रीम लीडर कार्यालय से इसको लेकर कुछ नहीं कहा गया है. रूस और ईरान के संबंध काफी गहरे हैं. ऐसे में इस बात की संभावनाओं से इनकार नहीं किया जा सकता है.

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