ब्रेकिंग
Ujjain Collector Appeal: सड़क चौड़ीकरण के लिए सभी धर्म-समुदाय के लोग दे रहे हैं सहयोग, शांति व्यवस्थ... Chirag Paswan on Competitive Exams: परीक्षा रद्द होने पर विभाग उठाए अभ्यर्थियों का खर्च, प्रयागराज म... JDU Entry in UP Assembly Election 2027: बिहार के बाद अब उत्तर प्रदेश चुनाव लड़ेगी जेडीयू, मंत्री निश... UP Sweets Use By Date Mandatory: उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य को लेकर खाद्य विभाग सख्त, जानिए उत्तर प्रदे... Divyanshi Yadav Case KGMU: डेंगू इलाज में लापरवाही और छात्राओं से जबरन ड्यूटी कराने के आरोपों पर घिर... Actress Arrested in Thane Prostitution Case: महाराष्ट्र के ठाणे में पुलिस की रेड, कस्टमर से 25 हजार ... Hyderabad Cyber Fraud Case: हैदराबाद में डॉक्टर से 14.61 करोड़ की ऑनलाइन ठगी, फेसबुक पर दोस्ती कर फर... Kedarnath Route Landslide: चिरबासा के पास फंसे 1,500 तीर्थयात्रियों को SDRF और NDRF की टीमों ने सुरक... Muzaffarpur News: मनियारी थाना क्षेत्र में दलित नाबालिग छात्रा से छेड़छाड़, वार्ड सदस्य पर जबरन झाड़... MP Nagar Bhopal Incident: स्ट्रीट लाइट के खुले तार की चपेट में आए दिव्यऋषि तिवारी, ट्रैफिक पुलिस ने ...
मध्यप्रदेश

Jabalpur Crime: प्रॉपर्टी विवाद में पिता को बनाया बंदी, नशा मुक्ति केंद्र की आड़ में बेटे का खौफनाक खेल; जबलपुर पुलिस की बड़ी कार्रवाई

जबलपुर : सम्पति विवाद के कारण पिता को नशा मुक्ति केन्द्र में बंधक बनाकर रखे जाने का आरोप लगाते हुए मध्य प्रदेश हाई कोर्ट में बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका दायर की गयी. हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस संजीव सचदेवा तथा जस्टिस विनय सराफ की युगलपीठ ने याचिका की सुनवाई करते हुए वृद्ध को मेडिकल रिपोर्ट के साथ पेश किये जाने के आदेश जारी किये हैं. याचिका पर अगली सुनवाई 25 मार्च को निर्धारित की गयी है.

बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका पर सुनवाई

जबलपुर निवासी अक्षय चौधरी की तरफ से दायर बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका में कहा गया है “वह दुर्गेश पटेल के पास काम करता है. सम्पति विवाद के कारण दुर्गेश पटेल को उनके पुत्र रूपेश पटेल ने जबरन नशा मुक्ति केंद्र में बंधक बनाकर रखा है.” हाई कोर्ट के आदेश पुलिस द्वारा पेश किये गये वृद्ध ने न्यायालय को बताया था “वह कोई साइकोट्रोपिक सब्सटेंस नहीं लेते. प्रॉपर्टी के झगड़े की वजह से उसे नशा मुक्ति केंद्र में रखा गया है.”

बेटे ने पिता पर जताया शक

कोर्ट में वृद्ध की पत्नी, बेटा और बेटी ने बताया “वह साइकोट्रोपिक सब्सटेंस लेते हैं. वह भू-माफिया के प्रभाव में हैं, जो प्रॉपर्टी पर कब्ज़ा करना चाहते हैं.” युगलपीठ ने पुलिस जांच अधिकारी को वृद्ध की मेडिकल जांच नेताजी सुभाष चंद्र बोस मेडिकल कॉलेज के मेडिकल बोर्ड से करवाने के आदेश जारी किये. पिछली सुनवाई के दौरान वृद्ध की मेडिकल रिपोर्ट पेश करते हुए बताया गया था “वह गंभीर बीमार हैं और उसकी विस्तृत जांच आवश्यक है.”

सिफारिश पर वृद्ध को भर्ती करने के आदेश

रिपोर्ट में कहा गया “हॉस्पिटल में एक नशा मुक्ति मेडिकल ट्रीटमेंट फैसिलिटी सेंटर है, जो नई दिल्ली में ऑल इंडिया इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस के साथ कोऑर्डिनेशन में चलाया जाता है. रिपोर्ट में सिफारिश की गई वृद्ध को उसी हॉस्पिटल में भर्ती कराया जाए.” युगलपीठ ने सभी पक्षों की सहमति के बाद मेडिकल बोर्ड की सिफारिशों के अनुसार वृद्ध को सेंटर में भर्ती किये जाने के आदेश जारी किये.

बुजुर्ग बीमार हैं पर मानसिक रूप से स्वस्थ

याचिका पर सोमवार को हुई सुनवाई के दौरान युगलपीठ को बताया गया “वृद्ध मानसिक रूप से ठीक हैं परंतु कई बीमारियों से ग्रसित हैं.” वद्ध के पुत्र, पत्नी व बेटी की तरफ से बताया गया “पिता को नशे की लत है.” युगलपीठ ने सुनवाई के बाद आदेश जारी किये. याचिकाकर्ता की तरफ से अधिवक्ता आलोक बागरेजा, अधिवक्ता विशाल बघेल ने पैरवी की.

Related Articles

Back to top button