Bittu Barona Case: गैंगस्टर बिट्टू बरोना की मौत के बाद सोनीपत पुलिस अलर्ट; भाई दिनेश ने की हमलावरों पर सख्त कार्रवाई की मांग

सोनीपत: हरियाणा के सोनीपत जिले से अंडरवर्ल्ड और क्राइम जगत से जुड़ी एक बहुत बड़ी खबर सामने आई है। यहाँ के कुख्यात गैंगस्टर अजय उर्फ बिट्टू बरोना ने जिंदगी और मौत के बीच एक लंबी लड़ाई लड़ने और पिछले 5 साल तक लगातार कोमा (Coma) में रहने के बाद आखिरकार दम तोड़ दिया है। अजय उर्फ बिट्टू बरोना पर 18 मार्च 2021 को सोनीपत कोर्ट परिसर के भीतर कैदियों की वैन (गाड़ी) में ही ड्यूटी पर तैनात सिपाही महेश ने अंधाधुंध फायरिंग कर दी थी। इस हमले में एक गोली बिट्टू के सिर में जा धंसी थी, जिसके बाद से उसका दिमागी संतुलन पूरी तरह चला गया था और वह लगातार अचेत अवस्था में था। फिलहाल, उसकी मौत की आधिकारिक पुष्टि के बाद खरखौदा थाना पुलिस इस पूरे मामले में नए सिरे से कानूनी जांच और आगे की कार्रवाई कर रही है।
🔫 हत्या और लूट जैसे दर्जनों मामलों में नामजद था बिट्टू बरोना: हमले के कुछ ही मिनटों बाद पिता कृष्ण की भी कर दी गई थी हत्या
उल्लेखनीय है कि सोनीपत के खरखौदा क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले गांव बरोना का मूल निवासी अजय उर्फ बिट्टू बरोना हरियाणा और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के क्राइम नेटवर्क का एक कुख्यात चेहरा था। उसके खिलाफ अलग-अलग राज्यों में हत्या, रंगदारी, लूट और हत्या के प्रयास जैसे दर्जनों संगीन और गैर-जमानती आपराधिक मामले दर्ज थे। 18 मार्च 2021 का दिन सोनीपत के इतिहास में गैंगवार और खूनी रंजिश का गवाह बना था। जब कोर्ट परिसर में कैदियों की गाड़ी के भीतर सिपाही महेश ने बिट्टू बरोना को निशाना बनाकर सिर में गोली मारी थी, ठीक उसी हमले के कुछ ही मिनटों बाद उसके पैतृक गांव बरोना में घात लगाए बैठे विरोधी गैंग के बदमाशों ने बिट्टू के पिता कृष्ण को भी गोलियों से भूनकर मौत के घाट उतार दिया था। इस दोहरे हत्याकांड और हमले से तब पूरा हरियाणा दहल उठा था।
🏥 रोहतक जेल से पैरोल पर बाहर आया था गैंगस्टर: सोनीपत सिविल अस्पताल में भारी सुरक्षा के बीच किया जा रहा पोस्टमार्टम
प्राप्त आधिकारिक जानकारी के अनुसार, कुख्यात गैंगस्टर अजय उर्फ बिट्टू बरोना को उसकी बेहद नाजुक चिकित्सीय स्थिति और कोर्ट की अनुमति के बाद पिछले शनिवार को ही रोहतक जेल से विशेष पैरोल (Parole) पर इलाज और देखभाल के लिए बाहर लाया गया था। घर पर रहते हुए ही उसकी तबीयत अचानक ज्यादा बिगड़ गई और उसने दम तोड़ दिया। उसकी मौत की खबर फैलते ही पुलिस महकमा तुरंत अलर्ट मोड पर आ गया है। किसी भी संभावित गैंगवार या तनाव की स्थिति से निपटने के लिए सोनीपत सिविल अस्पताल (Civil Hospital) के मर्च्युरी हाउस के बाहर भारी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया है, जहां डॉक्टरों के विशेष पैनल द्वारा शव का पोस्टमार्टम किया जा रहा है।
⚖️ “सिर में फंसी रह गई थी हमलावर सिपाही की गोली”—भाई दिनेश की प्रशासन से अपील, दोषियों को मिले कड़ी से कड़ी सजा
गैंगस्टर अजय उर्फ बिट्टू बरोना के सगे भाई दिनेश ने अस्पताल परिसर में मीडिया से बात करते हुए बताया कि, “मेरे भाई बिट्टू बरोना पर कोर्ट परिसर जैसी सुरक्षित जगह पर कानून के रखवाले महेश नाम के सिपाही ने ही पिस्टल से जानलेवा हमला किया था। उस वक्त गोली सीधे भाई के सिर के पिछले हिस्से में जा घुसी थी और काफी जटिल जगह होने के कारण डॉक्टरों के कई ऑपरेशनों के बाद भी वह गोली सिर के भीतर ही फंसी रह गई थी। इसी वजह से वह पिछले 5 वर्षों से बेजान होकर कोमा में पड़ा रहा और आज उसकी सांसें थम गईं।” बिट्टू बरोना के परिजनों और समर्थकों ने जिला प्रशासन और राज्य सरकार से गुहार लगाई है कि इस साजिश के पीछे शामिल सिपाही महेश और अन्य साजिशकर्ताओं के खिलाफ कोर्ट में सख्त कानूनी पैरवी की जाए ताकि पीड़ित परिवार को पूर्ण न्याय मिल सके।






