ब्रेकिंग
Mahakaleshwar Temple Ujjain: बाबा महाकाल के दर्शनों का नया रिकॉर्ड; 3 दिनों में 7 लाख से ज्यादा भक्त... Bhopal Crime News: रानी कमलापति स्टेशन से आईएसबीटी जा रही महिला का बैग ऑटो में छूटा; पुलिस ने सीसीटी... Ujjain News: महामंडलेश्वर सुमिनानंद महाराज को मिली जान से मारने की धमकी; पत्र में कन्हैया लाल हत्याक... Ujjain Suicide Case: UPSC एस्पिरेंट राहुल ने की आत्महत्या; 6 पन्नों के सुसाइड नोट में ससुराल वालों प... Agar Malwa Police Controversy: फर्जी ड्रग्स केस में घिरे 90 पुलिसकर्मी; कोर्ट के आदेश पर तत्कालीन था... MP High Court: दागदार अधिकारी को नहीं मिल सकता चीफ इंजीनियर का प्रभार; हाईकोर्ट ने PWD को दिए सख्त न... Indore Crime News: कार का शीशा खटखटाकर मोबाइल लूटने वाला गिरोह गिरफ्तार; यूपी के 5 शातिर ठग चढ़े पुलि... Sagar University News: पूर्व कुलपति प्रो. नीलिमा गुप्ता पर बेशकीमती फर्नीचर और किताबें ले जाने के गं... Sheopur Land Dispute: श्योपुर में मंदिर की दान दी गई जमीन पर दबंगों का कब्जा; स्थानीय निवासियों ने प... Neymar News: ब्राजील के स्टार फुटबॉलर नेमार 5वीं बार बनने जा रहे हैं पिता; गर्लफ्रेंड ब्रुना ने वीडि...
महाराष्ट्र

Mumbai Infrastructure: मुंबई के घनसोली शाफ्ट में उतरा 350 टन का विशाल TBM कटरहेड; जुलाई 2026 में शुरू होगी खुदाई

मुंबई: महाराष्ट्र में देश के सबसे महत्वाकांक्षी हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर प्रोजेक्ट (High-Speed Rail Corridor Project) को लेकर एक बड़ी तकनीकी कामयाबी सामने आई है। मुंबई के पास सावली (घनसोली) शाफ्ट में दूसरी विशालकाय टनल बोरिंग मशीन (TBM) का मुख्य कटरहेड सफलतापूर्वक नीचे उतार दिया गया है। 13.6 मीटर के विशाल व्यास (डायमीटर) और लगभग 350 टन के भारी-भरकम वजन वाला यह मुख्य घटक टीबीएम के मुख्य शील्ड की प्राथमिक असेंबली का अंतिम और सबसे महत्वपूर्ण चरण है। यह दूसरी टीबीएम मशीन सावली (घनसोली) शाफ्ट के भीतर से अपनी टनलिंग यात्रा शुरू करेगी और विक्रोली (Vikhroli) दिशा की ओर आगे बढ़ेगी।

ज्ञात हो कि पहली टीबीएम का कटरहेड इसी हफ्ते की शुरुआत में विक्रोली में उतारा जा चुका है। अब ये दोनों मेगा टीबीएम मशीनें टनल के भीतर अंतिम असेंबली और तकनीकी कमीशनिंग ट्रायल (Commissioning Trial) से गुजरेंगी। इन सभी परीक्षणों के सफल होने के तुरंत बाद, जुलाई 2026 के पहले हफ्ते में इनकी प्रारंभिक ड्राइव (खुदाई का मुख्य कार्य) आधिकारिक तौर पर शुरू कर दी जाएगी।

🏗️ इंजीनियरिंग का अद्भुत और बेजोड़ उदाहरण: सिंगल टनल में ही समाहित होंगी अप और डाउन दोनों हाई-स्पीड लाइनें

यह टनलिंग प्रोजेक्ट आधुनिक सिविल इंजीनियरिंग का एक बेहतरीन और नायाब नमूना पेश करता है। इस मशीन में प्रयुक्त 13.6 मीटर व्यास वाले कटरहेड को विशेष रूप से एक ऐसी ‘एकल सुरंग’ (Single Tunnel) की खुदाई के लिए डिजाइन और निर्मित किया गया है, जिसमें हाई-स्पीड कॉरिडोर की अप (Up) और डाउन (Down) दोनों रेल लाइनें एक साथ समाहित हो सकेंगी। इससे अलग-अलग दो सुरंगें बनाने का खर्च और समय दोनों बचेगा।

तकनीकी विशिष्टताओं की बात करें तो यह अत्याधुनिक यूनिट 84 कटर डिस्क, 124 हैवी-ड्यूटी स्क्रैपर और 16 बकेट लिप्स से पूरी तरह सुसज्जित है। यह उन्नत सिस्टम भूमिगत खुदाई के दौरान सामने आने वाली कठिन और कठोर से कठोर चट्टानों को आसानी से काटने और कटे हुए मलबे को सुरंग से बाहर हटाने का कार्य बेहद कुशलतापूर्वक और तीव्र गति से करता है।

📊 टनल बोरिंग मशीन (TBM) से जुड़ी महत्वपूर्ण तकनीकी जानकारी और आंकड़े

इस प्रोजेक्ट में इस्तेमाल की जा रही दोनों मशीनों के मुख्य तकनीकी पैरामीटर्स नीचे दी गई तालिका के माध्यम से समझे जा सकते हैं:

मुख्य तकनीकी मानक (Parameters) मशीन की विशिष्टता (Specifications)
प्रोजेक्ट में शामिल कुल TBM की संख्या 2
पहली टीबीएम (TBM 1) का कुल वजन 3080 टन
दूसरी टीबीएम (TBM 2) का कुल वजन 3184 टन
कटरहेड का वास्तविक व्यास (Diameter) 13.6 मीटर
टीबीएम का मुख्य प्रकार (Type) मिक्स शील्ड / स्लरी आधारित (Slurry Based)
प्रत्येक टीबीएम की कुल लंबाई 95.32 मीटर

प्रत्येक टीबीएम की कुल लंबाई 95.32 मीटर है और इसमें सुरंग निर्माण से जुड़े कई अत्यंत महत्वपूर्ण घटक शामिल हैं। इनमें मुख्य रूप से कटर व्हील, हैवी-ड्यूटी मेन बेयरिंग, जॉ क्रशर, रिंग इरेक्टर, मेन शील्ड, टेल शील्ड तथा टनलिंग कार्यों को निरंतर बैकअप और समर्थन देने वाले चार विशेष गैन्ट्री शामिल हैं।

ये दोनों विशालकाय मशीनें अधिकतम 4 RPM (रिवोल्यूशन प्रति मिनट) की कटरहेड रोटेशन गति और अधिकतम 49 मिलीमीटर प्रति मिनट की त्वरित खुदाई क्षमता के साथ जमीन के नीचे सुचारू रूप से कार्य कर सकती हैं। इन मापदंडों के कारण घनी आबादी वाले शहरी क्षेत्रों के नीचे भी उच्च वैश्विक सुरक्षा मानकों को बनाए रखते हुए पूरी तरह नियंत्रित और सुरक्षित सुरंग निर्माण सुनिश्चित होता है।

Related Articles

Back to top button