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उत्तरप्रदेश

Ghaziabad Murder Case: सूर्या चौहान हत्याकांड में सनसनीखेज खुलासा; मामूली बाइक विवाद नहीं, ‘प्रेम प्रसंग’ बनी हत्या की असली वजह

गाजियाबाद के खोड़ा थाना क्षेत्र में हुए चर्चित सूर्या चौहान हत्याकांड में पुलिस की जांच के बाद एक चौंकाने वाला मोड़ सामने आया है। पहले जो घटना महज आधे घंटे पहले हुए बाइक विवाद की रंजिश लग रही थी, अब वह ‘प्रेम प्रसंग’ और इज्जत के नाम पर की गई नृशंस हत्या में तब्दील हो गई है। मुख्य आरोपी असद को पुलिस मुठभेड़ में ढेर किया जा चुका है, जबकि साजिश में शामिल उसके पिता और अन्य साथियों को जेल भेज दिया गया है।

⚔️ क्या था बाइक विवाद का सच?

वारदात वाले दिन 28 मई (ईद) को दोपहर 3:00 बजे बाइक हटाने को लेकर असद और सूर्या के बीच गाली-गलौज हुई थी। लोगों ने सुलह करा दी, लेकिन 3:30 बजे असद ने साथियों के साथ मिलकर सूर्या को घेर लिया। पुलिस जांच में पता चला है कि दोस्त फरहान ने असद को चाकू थमाया और पिता नवाब ने उकसाते हुए चिल्लाकर कहा- “आज इसकी कहानी खत्म कर दे।” इसके बाद असद ने सूर्या की हत्या कर दी।

🕵️ प्रेम प्रसंग की पुरानी रंजिश

असली जड़ सूर्या और असद की सगी बहन के बीच कथित संबंध थे। सूत्रों और सपा प्रवक्ता अमित जमाई के खुलासे के अनुसार, इस विवाद के कारण असद का परिवार 8 महीने पहले अपनी गली छोड़कर दूसरी जगह रहने चला गया था। इसके बावजूद सूर्या वहां भी सक्रिय था, जिसे लेकर परिवार ने इसे अपनी ‘इज्जत’ का सवाल बना लिया था। बाइक का विवाद केवल एक बारूद में चिंगारी का काम कर गया।

⚖️ पीड़ित परिवार की मांग: ‘बुलडोजर कार्रवाई’

अपने इकलौते बेटे को खोने वाली सूर्या की मां सरोज का आक्रोश सातवें आसमान पर है। उन्होंने मांग की है कि जिस तरह से सात लोगों ने मिलकर उनके बेटे की जान ली है, बाकी बचे आरोपियों का भी एनकाउंटर होना चाहिए और उनके घरों पर बुलडोजर चलना चाहिए। वहीं, एनकाउंटर में मारे गए असद के शव को पुलिस की मौजूदगी में बेहद गोपनीय तरीके से दफनाया गया।

🚨 पुलिस की अगली कार्रवाई

पुलिस अब इस मामले में शामिल अन्य आरोपियों की भूमिका की सघनता से जांच कर रही है। क्षेत्रीय निवासियों ने भी प्रशासन से आरोपियों की संपत्ति जब्त करने और उनके घरों को जमींदोज करने की मांग की है ताकि समाज में कड़ा संदेश जाए।

संपादकीय टिप्पणी: क्या आपको लगता है कि इस तरह के अपराधों में, जहां ‘इज्जत’ के नाम पर हत्या की जाती है, वहां बुलडोजर जैसी सख्त कार्रवाई और भी आवश्यक हो जाती है? अपने विचार नीचे साझा करें।

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