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उत्तराखंड

Uttarakhand Border Tension: निहंगों के उत्तराखंड कूच पर हाई अलर्ट; कुल्हाल बॉर्डर पर भारी पुलिस बल तैनात

देहरादून: कर्णप्रयाग और नगरासू गुरुद्वारा विवाद के बाद पंजाब से आए निहंगों के उत्तराखंड कूच के ऐलान ने पुलिस-प्रशासन की नींद उड़ा दी है। हिमाचल प्रदेश-उत्तराखंड सीमा स्थित कुल्हाल चौकी पर स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है। पुलिस ने सीमा को छावनी में बदल दिया है और किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए वाहनों की सघन तलाशी ली जा रही है।

🚧 बैरिकेड्स तोड़े जाने के बाद बढ़ा तनाव

देहरादून के SSP प्रमेन्द्र डोभाल ने बताया कि कुल्हाल बैरियर पर पुलिस पूरी सतर्कता के साथ तैनात है। हालांकि, प्रशासन के समझाने के बावजूद निहंगों के एक समूह ने बैरिकेड्स तोड़ दिए और आगे बढ़ने की कोशिश की। इसके बाद पूरे क्षेत्र में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर दिया गया है और स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि कानून-व्यवस्था भंग करने वालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।

📢 क्या है निहंगों की मुख्य मांग?

निहंगों का कहना है कि उनका मुख्य उद्देश्य हेमकुंड साहिब की यात्रा करना है। उनकी प्रमुख मांगें निम्नलिखित हैं:

  • कर्णप्रयाग विवाद में गिरफ्तार किए गए चार निहंग साथियों की बिना शर्त रिहाई।

  • गिरफ्तार साथियों को वापस पंजाब भेजा जाए।

  • जब तक उनकी मांग पूरी नहीं होती, तब तक वे वापस नहीं लौटेंगे।

📜 कर्णप्रयाग विवाद की पृष्ठभूमि

यह तनाव 16 जून को कर्णप्रयाग में हुई निहंगों और स्थानीय लोगों के बीच झड़प से शुरू हुआ था, जिसमें चार स्थानीय लोग घायल हो गए थे। नगरासू गुरुद्वारे पर कब्जे का मामला पहले सुलझा लिया गया था, लेकिन अब इसने एक गंभीर रूप ले लिया है। इस मुद्दे पर अब राजनीति भी गरमा गई है, जहां राजनीतिक दल एक-दूसरे पर माहौल बिगाड़ने के आरोप लगा रहे हैं। फिलहाल प्रशासन स्थिति पर कड़ी नजर बनाए हुए है।

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