ब्रेकिंग
US Stance on India Internal Matters: भारत के आंतरिक मामलों में दखल देने से अमेरिका का इनकार, अमेरिकी... Delhi High Court Observation: 'आप लोग जेन-जी नहीं हैं...' कॉकरोच जनता पार्टी के प्रवक्ताओं पर कोर्ट ... Tiger Shroff Attack Case Update: टाइगर श्रॉफ पर हमले की साजिश का बड़ा खुलासा, लॉरेंस बिश्नोई गैंग के... Smriti Irani Attacks Rahul Gandhi: स्मृति ईरानी का राहुल गांधी पर तीखा हमला, महिला पुलिस अफसर के साथ... Mallikarjun Kharge Letter to PM Modi: परिसीमन और संविधान संशोधन को लेकर मल्लिकार्जुन खरगे ने पीएम मो... UP Congress Press Conference: यूपी कांग्रेस ने चुनाव आयोग पर बोला बड़ा हमला, एसआईआर प्रक्रिया में गड... Akhilesh Yadav Warning to Officers: राजनीतिक कार्यकर्ता बनकर काम करने वाले अधिकारियों को जेल जाने की... Supaul News: बिहार के सुपौल में 9 दिनों तक छाती पर कलश रखकर मां दुर्गा की आराधना करने वाली महिला की ... Haridwar Ganga Canal Cleaning News: हरिद्वार में हर की पैड़ी पर सूखी गंगा की धारा, मरम्मत और सफाई के... मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन ने दिए आवासीय विद्यालयों की व्यवस्था सुधारने के निर्देश, सोसाइटी के माध्यम ...
उत्तरप्रदेश

Ram Mandir Trust Meeting: चढ़ावा विवाद के बीच विहिप और ट्रस्ट की अहम बैठक; चंपत राय पर टिकी सबकी नजरें

अयोध्या: राम मंदिर में दान और चढ़ावे के प्रबंधन को लेकर उठे विवादों के बीच विश्व हिंदू परिषद (VHP) और श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की एक बेहद गोपनीय और अहम बैठक हुई है। इस बैठक में ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय सहित विहिप के शीर्ष पदाधिकारी मौजूद रहे। राजनीतिक गलियारों में इस बैठक को विहिप की साख बचाने और संगठन के भीतर बड़ी रणनीतिक बदलावों के संकेत के रूप में देखा जा रहा है।

📉 इस्तीफे की चर्चा और संगठन की साख

पूरे दिन रामनगरी में इस बात की चर्चा रही कि ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्र अपने पदों से इस्तीफा दे सकते हैं। हालांकि, देर शाम तक किसी भी पक्ष ने इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। जानकारों का कहना है कि संगठन इस बात को लेकर बेहद चिंतित है कि इस विवाद की आंच कहीं सीधे विहिप की छवि पर न पड़ जाए, जिसके चलते जवाबदेही तय करने का दबाव बढ़ रहा है।

🔍 अवैध संपत्तियों पर होगी कार्रवाई

जांच एजेंसियों का शिकंजा अब और कसता जा रहा है। एसआईटी (SIT) उन सभी आरोपियों की संपत्तियों की जांच कर रही है जिनकी आर्थिक स्थिति में पिछले कुछ वर्षों में अचानक भारी उछाल आया है। पुलिस के अनुसार, यदि जांच में यह सिद्ध होता है कि ये संपत्तियां अवैध तरीके से अर्जित की गई हैं, तो उनका चिह्नीकरण कर उन्हें जब्त करने की कठोर कार्रवाई की जाएगी।

🤔 शुरुआती जांच पर भी खड़े हुए सवाल

यह मामला इसलिए भी चर्चा में है क्योंकि शुरुआत के 6-7 दिनों तक ट्रस्ट ने स्वयं आंतरिक जांच की थी। अब सवाल यह उठ रहा है कि क्या उस दौरान साक्ष्यों के साथ कोई छेड़छाड़ हुई? यदि मामले को पहले ही दिन स्वतंत्र एजेंसी को सौंपा जाता, तो शायद अब तक कई और बड़े चेहरे बेनकाब हो चुके होते। फिलहाल एसआईटी पूरे मामले की बारीकी से पड़ताल कर रही है।

Related Articles

Back to top button