राम मंदिर चढ़ावा चोरी पर राज ठाकरे का बड़ा हमला, सरकार की चुप्पी पर उठाए सवाल

राम मंदिर चढ़ावा चोरी के मामले में पूरा विपक्ष राज्य और केंद्र सरकार पर लगातार निशाना साध रहा है। इस बीच महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (MNS) प्रमुख राज ठाकरे का बयान सामने आया है। उन्होंने इस घोटाले की निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। इसके साथ ही उन्होंने सरकार की चुप्पी पर सवाल उठाए और कहा कि भगवान राम के नाम पर राजनीति करने वालों को अब जवाब देना चाहिए।
राज ठाकरे ने सोशल मीडिया पर एक लंबी पोस्ट शेयर की है, जिसमें उन्होंने श्रद्धालुओं के दान और आभूषणों का पूरा हिसाब सार्वजनिक करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि यह घोटाला जनता की आस्था को चोट पहुँचाने वाला है।
💰 ‘दान का हिसाब-किताब नहीं रखा जा रहा’
अपनी पोस्ट में MNS प्रमुख ने कहा, “अयोध्या के श्रीराम मंदिर की हुंडी में जमा होने वाले दान, श्रद्धालुओं द्वारा दी जाने वाली नकद राशि, आभूषण और अन्य मूल्यवान वस्तुओं का कोई ठोस हिसाब नहीं है। इसमें गबन की स्पष्ट आशंका है, जिसकी पुष्टि जांच कर रही एसआईटी (SIT) की प्रारंभिक रिपोर्ट में भी हुई है।”
🤐 सरकार की चुप्पी पर तीखे सवाल
सत्ता पक्ष की चुप्पी पर निशाना साधते हुए राज ठाकरे ने कहा, “प्रभु श्रीराम का नाम लेकर सत्ता तक पहुंचने वालों को इस गबन का दर्द महसूस नहीं होता? क्या उन्हें विपक्ष को तोड़ने की इतनी आदत हो गई है कि श्रद्धालुओं की लूट भी उन्हें विचलित नहीं करती?” उन्होंने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि राम मंदिर आंदोलन किसी एक पार्टी का नहीं, बल्कि करोड़ों हिंदुओं और कारसेवकों की आस्था का प्रतीक है।
⚖️ ‘दोषियों को मिले कड़ी से कड़ी सजा’
राज ठाकरे ने जोर देकर कहा कि केवल इरादे साफ होने से काम नहीं चलेगा, कार्रवाई भी दिखनी चाहिए। उन्होंने भक्तों से अपील की कि वे देवी-देवताओं की पूजा करें, लेकिन ट्रस्टियों और राजनीति करने वालों की पूजा न करें। उन्होंने कहा कि इस मामले में लापरवाही बरतने वाले हर व्यक्ति को कड़ी से कड़ी सजा मिलनी चाहिए ताकि जनता का विश्वास बना रहे।






