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मध्यप्रदेश

MPSC पेपर लीक में फिल्मी ट्विस्ट: गर्लफ्रेंड को ड्रग इंस्पेक्टर बनाने के लिए लीक किया पेपर, 7वीं रैंक आते ही शादी से मुकरी तो प्रेमी ने खोला राज

नासिक (महाराष्ट्र): महाराष्ट्र लोक सेवा आयोग (MPSC) द्वारा आयोजित अन्न एवं औषधि प्रशासन (FDA) ड्रग इंस्पेक्टर (ग्रुप B) भर्ती परीक्षा में सामने आया पेपर लीक का मामला किसी सस्पेंस-थ्रिलर फिल्म की पटकथा जैसा साबित हुआ है।

इस पूरे फर्जीवाड़े के केंद्र में प्रेम, बेवफाई और बदले की वह कहानी है जिसने राज्य के एक बड़े प्रशासनिक घोटाले की कलई खोलकर रख दी। मालेगांव की एक दवा कंपनी में कार्यरत गौरव नामक युवक ने अपनी प्रेमिका ऋतुजा को राजपत्रित अधिकारी बनाने के लिए 22 मार्च को आयोजित परीक्षा से ठीक दो दिन पहले ही लीक हुआ मूल प्रश्नपत्र उपलब्ध करा दिया था।

📜 सगे भाई को छोड़ गर्लफ्रेंड को दिया पेपर, ऋतुजा ने हासिल की महाराष्ट्र में 7वीं रैंक

परीक्षा और फर्जीवाड़े की पृष्ठभूमि:

  • सगे भाई की अनदेखी: हैरानी की बात यह रही कि गौरव का अपना सगा भाई भी इसी प्रतियोगी परीक्षा में शामिल हो रहा था, लेकिन उसने भाई की मदद करने के बजाय केवल अपनी प्रेमिका ऋतुजा को प्रश्नपत्र सौंपा।

  • राज्य स्तर पर 7वीं रैंक: लीक प्रश्नपत्र की मदद से ऋतुजा ने परीक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया और संपूर्ण महाराष्ट्र में 7वीं रैंक प्राप्त कर चयन सूची में अपना स्थान सुरक्षित कर लिया।

  • विवाद की शुरुआत: असली ड्रामा परिणाम घोषित होने के उपरांत शुरू हुआ, जब दोनों के रिश्तों में अचानक कड़वाहट आ गई।

⚡ अफसर बनते ही शादी से किया इनकार, बदले की आग में प्रेमी ने खोल दिया कच्चा चिट्ठा

ईमेल से हुआ घोटाले का भंडाफोड़:

  • ब्रेकअप का झटका: चयन होते ही ऋतुजा ने गौरव से विवाह करने से साफ मना कर दिया। प्रेमिका की इस बेवफाई और टीस ने गौरव के भीतर बदले की आग भड़का दी।

  • MPSC को गोपनीय ईमेल: प्रतिशोध में गौरव ने MPSC मुख्यालय को एक गोपनीय ईमेल भेजकर पूरे पेपर लीक रैकेट का सिलसिलेवार ब्योरा साझा कर दिया।

  • डरकर बदलने की कोशिश: बाद में पुलिस कार्रवाई और कारावास के भय से उसने 26 जुलाई को दूसरा ईमेल भेजकर इसे ‘मजाक’ बताने का प्रयास किया, लेकिन तब तक कानून के हाथ हरकत में आ चुके थे।

🕵️ पार्किंग से लेकर कोचिंग अकादमी तक नेटवर्क: 4 लाख रुपये में बिका था प्रश्नपत्र

मुंबई क्राइम ब्रांच की पड़ताल और सिंडिकेट का खुलासा:

  • MPSC अधिकारियों की संलिप्तता: क्राइम ब्रांच की जांच में पता चला कि MPSC के समन्वय अधिकारी विश्वेश्वर नकाते ने आयोग के कार्यालय की पार्किंग में प्रश्नपत्र की प्रति लेंडवे नामक व्यक्ति को दी थी।

  • कौटिल्य अकादमी का कनेक्शन: वहां से यह पेपर नंदुरबार के मराठे और कौटिल्य अकादमी के संचालक प्रवीण पाटील से होता हुआ अमृत पाटील के जरिए गौरव तक पहुंचा था।

  • लाखों की डील: प्राथमिक जांच में इस गोपनीय पेपर को लीक करने के लिए 4 लाख रुपये के वित्तीय लेन-देन की पुष्टि हुई है।

👮 प्रेमी, प्रेमिका और MPSC अधिकारियों समेत 6 आरोपी गिरफ्तार, सघन जांच जारी

कानूनी कार्रवाई और आगे की जांच:

  • गिरफ्तारियां: मुंबई पुलिस और क्राइम ब्रांच ने MPSC के तीन अधिकारियों, कोचिंग संचालक, स्कूल के मुख्याध्यापक और आरोपी प्रेमी गौरव सहित कुल छह मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।

  • जांच का दायरा: जांच एजेंसियां अब इस पहलू की गहन पड़ताल कर रही हैं कि क्या यह लीक प्रश्नपत्र केवल ऋतुजा तक ही सीमित था या इस सिंडिकेट ने इसे अन्य अभ्यर्थियों को भी भारी रकम लेकर बेचा था।

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