Bandhavgarh Tiger Reserve: बांधवगढ़ में अब गाइड बोलेंगे फर्राटेदार अंग्रेजी, ईको टूरिज्म बोर्ड ने शुरू की ट्रेनिंग

उमरिया। मध्य प्रदेश के विश्व प्रसिद्ध बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में देश के साथ-साथ विदेशों से भी हर साल बड़ी संख्या में पर्यटक पहुंचते हैं। विदेशी सैलानियों की लगातार बढ़ती संख्या को देखते हुए टाइगर रिजर्व की जैव विविधता, बाघों और जंगल की खूबियों को सहज व प्रभावी ढंग से समझाने वाले गाइड्स की भूमिका बेहद अहम हो जाती है।
इसी उद्देश्य से बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व प्रबंधन अब अपने स्थानीय गाइड्स को अधिक प्रोफेशनल और दक्ष बनाने के लिए ट्रेंड कर रहा है। बांधवगढ़ को वैश्विक स्तर पर एक नई पहचान दिलाने की दिशा में काम करते हुए गाइड्स के लिए विशेष इंग्लिश स्पीकिंग ट्रेनिंग (English Speaking Training) आयोजित की जा रही है, जिसके पहले बैच का प्रशिक्षण सफलतापूर्वक पूरा हो चुका है।
🌲 ईको टूरिज्म बोर्ड की अनूठी पहल: 105 गाइड्स को तीन बैच में दी जा रही है 21 दिवसीय ट्रेनिंग
बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में पर्यटन को अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप प्रोफेशनल बनाने के लिए मध्य प्रदेश ईको टूरिज्म बोर्ड के मार्गदर्शन में 21 दिवसीय ‘इंग्लिश स्पीकिंग गाइड प्रशिक्षण’ की शुरुआत की गई है।
इस विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम के पहले चरण में 35 गाइड्स ने 7 दिनों का गहन प्रशिक्षण प्राप्त किया। बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व प्रबंधन के इस प्रशिक्षण शिविर के तहत कुल 105 गाइड्स एवं पर्यटन कार्यालय स्टाफ को 35-35 के तीन अलग-अलग बैचों में प्रशिक्षित किया जाना है।
🌍 पिछले साल आए 31 हजार से अधिक विदेशी पर्यटक: क्षेत्र संचालक अनुपम सहाय ने बढ़ाया गाइड्स का उत्साह
पहले बैच के समापन सत्र में शामिल हुए बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के क्षेत्र संचालक अनुपम सहाय ने प्रशिक्षित गाइड्स को प्रमाण पत्र देकर प्रोत्साहित किया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा, “पिछले पर्यटन सत्र में 31,000 से अधिक विदेशी पर्यटकों ने बांधवगढ़ का भ्रमण किया था। ऐसे में गाइड्स का अंग्रेजी भाषा में आत्मविश्वास के साथ संवाद करना बांधवगढ़ की वैश्विक छवि को और अधिक मजबूत बनाएगा। गाइड केवल एक अनुवादक नहीं, बल्कि बांधवगढ़ की कहानी और उसकी प्राकृतिक विरासत के असली ब्रांड एम्बेसडर हैं। इसके लिए संवाद के दौरान भाषा की झिझक को समाप्त करना बेहद जरूरी है।”
📱 डिजिटल कंटेंट और मोबाइल ऐप से मिला स्टडी मटीरियल: उच्चारण और प्रेजेंटेशन पर विशेष जोर
प्रशिक्षण में शामिल गाइड्स ने इस लर्निंग मॉड्यूल को बेहद व्यावहारिक और उपयोगी बताया। इस ट्रेनिंग के दौरान पर्यटकों से बेहतर संवाद स्थापित करने, वन्यजीवों के व्यवहार की जानकारी अंग्रेजी में प्रस्तुत करने, सही उच्चारण (Pronunciation) और इंटरप्रिटेशन स्किल्स पर विशेष ध्यान केंद्रित किया गया।
गाइड्स को कक्षाओं के बाद भी अभ्यास जारी रखने के लिए डिजिटल कंटेंट एक्सेस, मोबाइल ऐप और अध्ययन सामग्री (Study Material) उपलब्ध कराई गई है, ताकि वे अपने खाली समय में भी अंग्रेजी का नियमित अभ्यास कर सकें।
🎓 ‘जंगल का ज्ञान अद्भुत, अब अंग्रेजी में बयां करने की सीखी कला’: ट्रैनर तेजस्विनी रायजादा
अहमदाबाद से आई मुख्य प्रशिक्षक तेजस्विनी रायजादा ने ट्रेनिंग के अनुभव साझा करते हुए कहा, “प्रथम बैच के सभी गाइड्स सीखने के प्रति बेहद उत्साही और समर्पित रहे। इन गाइड्स का जंगल, वन्यजीवों और प्रकृति के प्रति व्यावहारिक ज्ञान वाकई अद्भुत है। अब उन्होंने उसी जमीनी ज्ञान को अंग्रेजी भाषा में और अधिक आकर्षक तथा प्रभावी अंदाज में बयां करने की कला सीख ली है।”

