ब्रेकिंग
Delhi High Court News: केंद्र सरकार की मंजूरी के बाद नए जजों की नियुक्ति, जानिए किन-किन चेहरों को मि... DTC Bus Vandalism Delhi: डीटीसी बस हड़ताल के दौरान तोड़फोड़ और हिंसा मामले में 12 गिरफ्तार, साजिशकर्... Delhi Prison Crime News: अति-सुरक्षित रोहिणी जेल के वार्ड 3 में खूनी संघर्ष, आर्म्स एक्ट के बंदी की ... Vidisha News: गांवों को गरीबी मुक्त बनाने के लिए शिवराज सिंह चौहान की बड़ी पहल; विदिशा से 'जिला समृद... Ujjain News: युवाओं को परिपक्व न मानकर अलग न करें; AI और नई सोच देश को देगी दिशा— स्वामी अवधेशानंद ग... Delhi Crime News: रोहिणी जेल में आर्म्स एक्ट के आरोपी कैदी की निर्मम हत्या, दोपहर 12 बजे हुई वारदात ... Madhya Pradesh Rain Alert: भोपाल, जबलपुर समेत कई जिलों में तूफानी बारिश; 22 से 24 सितंबर तक जारी रहे... Chandra Shekhar Azad in Basti: आजाद समाज पार्टी प्रमुख चंद्रशेखर ने भरी हुंकार, 2027 के यूपी चुनाव म... Bhopal RTO Officer Death: भोपाल में RTO इंस्पेक्टर मीनाक्षी गोखले की हथौड़े से हत्या; प्रेमी ने घर क... Indore MP Politics: इंदौर में कैलाश विजयवर्गीय का नया विवाद; कांग्रेस का पलटवार— कहा 'BJP ने हमेशा म...
छत्तीसगढ़

Chhattisgarh Cow Death Case: चारा-पानी के अभाव में 30 मवेशियों ने तोड़ा दम! सूरजपुरा गोठान में भुखमरी से मौत का आरोप

भाटापारा। शहर से लगे निकटवर्ती ग्राम सूरजपुरा स्थित गोठान में करीब 30 गायों की संदिग्ध मौत की दुखद खबर सामने आने के बाद पूरे क्षेत्र में सनसनी और हड़कंप मच गया है। इतनी बड़ी संख्या में बेजुबान मवेशियों की अकाल मौत ने गोठान की प्रशासनिक व्यवस्था, रखरखाव और देखभाल के दावों की पोल खोलकर रख दी है। हालांकि, गायों की मौत का वास्तविक और आधिकारिक कारण अभी तक पूरी तरह स्पष्ट नहीं हो सका है। पशु चिकित्सा विभाग की जांच और विसरा रिपोर्ट आने के बाद ही मौतों की असली वजह उजागर हो पाएगी। घटना की सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में गोसेवक तत्काल मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया।

🏚️ ‘दो महीने से बंधक जैसी स्थिति में थीं गायें’: भूख और प्यास से तड़पकर दम तोड़ने का दावा

घटनास्थल का निरीक्षण करने के बाद गोसेवकों ने आरोप लगाया है कि गोठान में पिछले करीब दो महीनों से गायों को कथित रूप से बंधक जैसी स्थिति में रखा गया था।

गोसेवकों का कहना है कि मवेशियों को समय पर पर्याप्त चारा और पीने का साफ पानी उपलब्ध नहीं कराया जा रहा था। भुखमरी और कुपोषण के कारण पशुओं की स्थिति दिन-ब-दिन बिगड़ती चली गई और अंततः तड़प-तड़पकर कई गायों की मौत हो गई। आक्रोशित गोसेवकों ने पूरे मामले की निष्पक्ष प्रशासनिक जांच कराने और दोषियों पर सख्त से सख्त कार्रवाई की मांग की है।

⚖️ सरपंच और सचिव की भूमिका पर उठे सवाल: ग्रामीणों पर दोष मढ़ने से आक्रोश बढ़ा

गायों की इस दर्दनाक मौत को लेकर ग्राम पंचायत के सरपंच और पंचायत सचिव की कार्यप्रणाली पर भी गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।

दूसरी ओर, यह बात भी सामने आई है कि ग्राम सचिव द्वारा इस घटना के लिए अप्रत्यक्ष रूप से ग्रामीणों को जिम्मेदार ठहराने की कोशिश की जा रही है। पंचायत प्रशासन द्वारा अपनी जवाबदेही से पल्ला झाड़ने की कोशिशों से स्थानीय निवासियों और गोसेवकों में भारी आक्रोश है। अब मामले की उच्चस्तरीय जांच कराकर वास्तविक जिम्मेदारों की भूमिका तय करने और कड़ी कानूनी कार्रवाई करने की मांग तेज हो गई है।

Related Articles

Back to top button