ब्रेकिंग
Jamaica Reparations UK King Charles: जमैका ने ब्रिटेन के सामने रखी गुलामी के मुआवजे की मांग, जानिए क... Tarang Shakti and Submarine Deal: भारत-जर्मनी रक्षा सहयोग को मिलेगी नई रफ्तार, तरंग शक्ति एक्सरसाइज ... Canada Deportation Bishnoi Gang: कनाडा ने लॉरेंस बिश्नोई गैंग के खिलाफ बढ़ाई सख्ती, छात्र बनकर गए भा... Bank Strike September 2026 Update: देशव्यापी बैंक हड़ताल से पहले राहत, 27 सितंबर यानी रविवार को खुले... ICRA Report On OMCs: सरकारी तेल कंपनियों को रोज ₹530 करोड़ का नुकसान; इक्रा की रिपोर्ट में बड़ा खुला... Angiography vs Angioplasty: एंजियोग्राफी और एंजियोप्लास्टी में क्या है अंतर? कार्डियोलॉजिस्ट से समझे... Bhopal News: 50 टन कचरा और कैडमियम-सीसा जैसी धातुएं; गणेश उत्सव के बाद भोपाल के झीलों पर बढ़ा पर्याव... MP High Court On POCSO Act: 'लंबित हैं 14,531 मामले'; मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने पॉक्सो केसों में बढ़ोत... Ujjain Bairwa Samaj Dol Samaroh: 24 अखाड़े, 16 झांकियां और रासलीला; उज्जैन में बैरवा समाज ने भव्यता ... Shahdol Elephant Threat: बाणसागर के 25 हाथियों के आतंक से ग्रामीणों को बचाएगी DFO तरुणा वर्मा की नई ...
विदेश

Jamaica Reparations UK King Charles: जमैका ने ब्रिटेन के सामने रखी गुलामी के मुआवजे की मांग, जानिए क्या है पूरा मामला

कैरेबियाई देश जमैका ने ब्रिटेन के किंग चार्ल्स के सामने एक ऐतिहासिक याचिका रखी है, जो पुराने इतिहास और आज की कानूनी जिम्मेदारी के बीच एक बड़ा सवाल खड़ा करती है. जमैका जानना चाहता है कि उसके यहां अफ्रीकी लोगों को जबरन गुलाम बनाकर ले जाना और उनका शोषण करना क्या ब्रिटिश कानून के तहत कभी वैध था या नहीं. करीब 300 साल तक ब्रिटेन के कब्जे में रहा जमैका अब अपने इस काले इतिहास का कानूनी हिसाब और मुआवजा मांग रहा है.

🏛️ 2. किंग चार्ल्स ने याचिका को ब्रिटेन की प्रिवी काउंसिल के पास भेजा, जमैका ने पूछे तीन अहम कानूनी सवाल

यह मामला अब ब्रिटेन के राजा किंग चार्ल्स तक पहुंच चुका है, जिन्होंने इस याचिका को ब्रिटेन की ‘जुडिशियल कमेटी ऑफ द प्रिवी काउंसिल’ के पास भेज दिया है. जमैका की संस्कृति मंत्री ओलिविया ग्रेंज ने 7 सितंबर 2026 को यह याचिका दाखिल की थी, जिसमें तीन मुख्य सवाल उठाए गए हैं—क्या अफ्रीकी लोगों को गुलाम बनाना ब्रिटिश कानून के तहत वैध था? क्या यह मानवता के खिलाफ अपराध था? और क्या ब्रिटेन पर इसके लिए मुआवजा देने की कानूनी जिम्मेदारी बनती है? हालांकि, इसे प्रिवी काउंसिल में भेजने का यह मतलब नहीं है कि ब्रिटेन ने मुआवजा देना स्वीकार कर लिया है.

💰 3. यूनाइटेड किंगडम पर बकाया है 9.5 ट्रिलियन डॉलर यानी 909 लाख करोड़ रुपये का भारी-भरकम हर्जाना

ऐतिहासिक दस्तावेजों के अनुसार, ब्रिटेन ने 1655 में जमैका पर कब्जा किया था और लगभग तीन सदियों तक वहां शासन किया. इस दौरान अफ्रीकी लोगों को जबरन गुलाम बनाकर गन्ने के खेतों में काम कराया गया, जिससे ब्रिटिश साम्राज्य को भारी आर्थिक फायदा हुआ. अब गुलामी से हुए इसी आर्थिक नुकसान का आकलन करते हुए एक रिपोर्ट में सामने आया है कि ब्रिटेन पर जमैका का 9.5 ट्रिलियन अमेरिकी डॉलर (भारतीय मुद्रा में करीब 909 लाख करोड़ रुपये) का हर्जाना बकाया है.

Related Articles

Back to top button