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उत्तरप्रदेश

अखिलेश यादव संग दिखे योगी के मंत्री राकेश सचान: राज्यसभा चुनाव के बीच तस्वीर ने बढ़ाई सियासी सरगर्मी

उत्तर प्रदेश में राज्यसभा की 10 सीटों पर होने वाले चुनाव के बीच सामने आई एक तस्वीर ने प्रदेश के राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज कर दी है।

योगी सरकार में कैबिनेट मंत्री और भाजपा नेता राकेश सचान, समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव, सपा के राज्यसभा प्रत्याशी धनराज परिमल नथवानी और अन्य वरिष्ठ सपा नेताओं के साथ नजर आए।

यह तस्वीर सामने आते ही राजनीतिक हलकों में भाजपा के भीतर संभावित क्रॉस वोटिंग और नए सियासी समीकरण बनने की अटकलें शुरू हो गईं। हालांकि, अखिलेश यादव ने ऐसी अटकलों को खारिज करते हुए इसे सामान्य मुलाकात करार दिया है।

🏛️ विधानसभा अध्यक्ष से मुलाकात के दौरान सामने आई तस्वीर: मार्शल द्वारा रोके जाने का वीडियो भी वायरल

घटनाक्रम का समय और वायरल वीडियो का ब्योरा:

  • नामांकन के बाद की मुलाकात: यह तस्वीर उस समय की बताई जा रही है जब सपा के राज्यसभा उम्मीदवार धनराज परिमल नथवानी अपना नामांकन पत्र दाखिल करने के बाद उत्तर प्रदेश विधानसभा के अध्यक्ष सतीश महाना से शिष्टाचार भेंट करने पहुंचे थे।

  • सपा नेताओं के साथ मंत्री की मौजूदगी: उसी दौरान स्पीकर के कक्ष के पास अखिलेश यादव और सपा के अन्य वरिष्ठ नेताओं के साथ कैबिनेट मंत्री राकेश सचान भी फ्रेम में दिखाई दिए।

  • गेट पर रोके जाने का वीडियो: इसी बीच समाजवादी पार्टी के कुछ नेताओं ने एक वीडियो भी साझा किया, जिसमें मंत्री राकेश सचान दरवाजे पर खड़े होकर अंदर जाने का प्रयास करते दिख रहे हैं और कुछ देर बाद वहां तैनात मार्शलों ने उन्हें भीतर जाने दिया।

🎙️ ‘मैं भी तो स्पीकर से मिला हूं, तो क्या सरकार बदल रही है?’: अखिलेश यादव ने अटकलों पर दिया जवाब

तस्वीर को लेकर उठे सवालों पर सपा सुप्रीमो का रुख:

  • अटकलों पर सीधा पलटवार: जब पत्रकारों ने अखिलेश यादव से कैबिनेट मंत्री राकेश सचान की सपा नेताओं के साथ मौजूदगी और इसके संभावित सियासी निहितार्थों को लेकर सवाल किया, तो उन्होंने इसे तूल देने से मना कर दिया।

  • अखिलेश की दो-टूक टिप्पणी: अखिलेश यादव ने सवाल के जवाब में तंज कसते हुए कहा, “मैं भी तो विधानसभा अध्यक्ष से मिलने गया था, तो क्या सरकार बदलने जा रही है?”

  • जनता के बीच जाने का समय: उन्होंने कहा कि इस तरह के घटनाक्रमों पर राजनीतिक अटकलबाजी में समय व्यर्थ करने के बजाय अब सभी दलों के लिए जनता के बीच जाकर काम करने का समय है।

🔢 10वीं सीट को लेकर फंसा नंबर गेम: पुराने सपा कनेक्शन और मंत्रालय बदलने से तेज हुई चर्चा

राकेश सचान की राजनीतिक पृष्ठभूमि और 10वीं सीट का पेच:

  • 10वीं सीट पर कड़ा मुकाबला: उत्तर प्रदेश में राज्यसभा की 10 सीटों के लिए चुनाव होना है, जिसमें 10वीं सीट को लेकर भाजपा और सपा के बीच संख्या बल का मुकाबला बेहद दिलचस्प बना हुआ है।

  • सपा के उम्मीदवार: सपा ने रामगोपाल यादव और धनराज परिमल नथवानी को अपना प्रत्याशी बनाया है, जबकि पार्टी ने तीसरे उम्मीदवार को भी मैदान में उतारने का संकेत दिया है। अखिलेश यादव ने दावा किया है कि कई विधायक संपर्क में हैं, लेकिन सभी को साध पाना एक चुनौती है।

  • सचान का राजनीतिक सफर: राकेश सचान पूर्व में समाजवादी पार्टी के टिकट पर सांसद और विधायक रह चुके हैं। बाद में वह कांग्रेस और फिर भाजपा में शामिल हुए। उनके पुराने सपा संबंधों के चलते भी इस मुलाकात को लेकर चर्चाएं तेज हो गईं।

  • मंत्रालय बदले जाने की पृष्ठभूमि: हाल ही में मंत्रिमंडल फेरबदल के दौरान उनसे एमएसएमई (MSME) विभाग वापस लेकर खादी एवं ग्रामोद्योग, रेशम उद्योग, हथकरघा और वस्त्रोद्योग विभाग की जिम्मेदारी दी गई थी, जिसे लेकर राजनीतिक गलियारों में उनके असंतोष की अटकलें चलती रही हैं।

⚖️ राज्यसभा चुनाव में हर एक वोट की अहमियत: विधायकों की गतिविधियों पर दोनों खेमों की नजर

संख्या बल का गणित और रणनीतिक दांव-पेंच:

  • नामांकन फॉर्म की स्थिति: राज्यसभा चुनाव के लिए भाजपा खेमे की तरफ से आठ और सपा की ओर से तीन नामांकन पत्र लिए गए हैं, जिससे अतिरिक्त सीट के लिए मुकाबला सीधे तौर पर वोटों के जोड़-तोड़ पर टिक गया है।

  • क्रॉस वोटिंग का डर: सपा के तीसरे उम्मीदवार की जीत के लिए जरूरी अतिरिक्त संख्या बल जुटाने और क्रॉस वोटिंग की आशंका को देखते हुए सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों ही अपने-अपने विधायकों की हर गतिविधि पर बारीक नजर बनाए हुए हैं।

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