ब्रेकिंग
ED Officers SC ST Act Case Ranchi: हाईकोर्ट ने जवाब दाखिल करने के लिए मांगा समय, 2 नवंबर को होगी अगल... Jharkhand Food Department Guidelines: अवैध एलपीजी उपयोग रोकने के लिए जिला प्रशासन और तेल कंपनियों मे... Charged for Impact Event Dhanbad: इंडस्ट्री और एकेडमिक सहयोग पर विशेष चर्चा, कई दिग्गज हुए शामिल 174 यात्रियों की जान बचाने वाले जांबाज कैप्टन: स्मित मछार को 'गुजरात गरिमा पुरस्कार' से नवाजेगी सरका... Ranchi News: नामकुम में स्वच्छता ही सेवा-2026 अभियान के तहत विशेष कार्यक्रम, मंत्री योगेंद्र प्रसाद ... चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका: संवैधानिक और कानूनी प्रक्रियाओं पर उठे... Dhamtari Snake Bite News: घर में सो रही मां और मासूम बेटी को करैत सांप ने डसा, डेढ़ साल की बच्ची की द... INDIA गठबंधन के साथ हैं, लेकिन राहुल गांधी की पीएम उम्मीदवारी पर साधी चुप्पी: मध्यावधि चुनाव के संके... CGPSC and UPSC Success Story: कैंसर को मात देकर अधिकारी बने संजय डहरिया की कहानी से युवाओं को मिली प... Chhattisgrah Politics Update: विकसित भारत के संकल्प के साथ आगे बढ़ रही यात्रा, 7 अक्टूबर को पहुंचेगी...
देश

एयरपोर्ट सुरक्षा में ऐतिहासिक बदलाव: BCAS की सभी सेवाएं होंगी डिजिटल, 8 प्रमुख हवाई अड्डों पर लगेंगे फुल बॉडी स्कैनर

हवाई अड्डों पर यात्रियों की लगातार बढ़ती संख्या के बीच सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ व आधुनिक बनाने के लिए ब्यूरो ऑफ सिविल एविएशन सिक्योरिटी (BCAS) ने बड़े नीतिगत बदलावों का फैसला किया है।

ब्यूरो अब सुरक्षा से जुड़ी तमाम नियामक (Regulatory) प्रक्रियाओं को पूरी तरह डिजिटल प्लेटफॉर्म पर स्थानांतरित कर रहा है।

इसके साथ ही सुरक्षा जांच की गति बढ़ाने और उच्च स्तरीय निगरानी सुनिश्चित करने के उद्देश्य से देश के 8 प्रमुख अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डों पर आधुनिक फुल बॉडी स्कैनर (Full Body Scanner) लगाने की औपचारिक मंजूरी प्रदान कर दी गई है।

💻 सुरक्षा क्लीयरेंस और नियामक सेवाएं होंगी ऑनलाइन: आवेदन से लेकर निपटारे तक पारदर्शी व्यवस्था

नागरिक उड्डयन मंत्रालय द्वारा घोषित डिजिटल सुधारों की रूपरेखा:

  • पूर्ण डिजिटलीकरण का लक्ष्य: BCAS की सभी नियामक एवं प्रशासनिक सेवाओं को एक एकीकृत डिजिटल प्लेटफॉर्म पर लाया जाएगा।

  • ऑनलाइन सुरक्षा क्लीयरेंस: अब सिक्योरिटी क्लीयरेंस के लिए कागजी फाइलों के बजाय पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन माध्यम से संपन्न होगी।

  • एकल खिड़की समाधान: नागरिक उड्डयन सचिव समीर सिन्हा ने स्पष्ट किया कि एयरपोर्ट से संबंधित विभिन्न मंजूरियों के आवेदन से लेकर अंतिम निस्तारण तक समूची व्यवस्था पारदर्शी और डिजिटल होगी।

📄 एयरोड्रोम एंट्री परमिट अब पूरी तरह कॉन्टैक्टलेस व पेपरलेस: ऑनलाइन दर्ज होंगे फेशियल बायोमेट्रिक्स

हवाई अड्डा परिसर में प्रवेश प्रक्रिया का आधुनिकीकरण:

  • इसी महीने से पोर्टल की शुरुआत: नागरिक उड्डयन सचिव के अनुसार, नया डिजिटल पोर्टल इसी माह से क्रियान्वित होने की संभावना है।

  • कागजी प्रक्रियाओं से मुक्ति: एयरोड्रोम एंट्री परमिट (AEP) की प्रणाली अब पूरी तरह कॉन्टैक्टलेस और पेपरलेस बनाई जा रही है।

  • व्यक्तिगत उपस्थिति की आवश्यकता खत्म: पहले आवेदकों को फिंगरप्रिंट और पहचान सत्यापन के लिए व्यक्तिगत तौर पर उपस्थित होना पड़ता था, लेकिन अब नई व्यवस्था के तहत फेशियल बायोमेट्रिक्स (Facial Biometrics) सीधे ऑनलाइन रिकॉर्ड किए जा सकेंगे, जिससे समय की भारी बचत होगी।

🏢 दिल्ली, मुंबई और हैदराबाद समेत 8 हवाई अड्डों पर फुल बॉडी स्कैनर: सांस्कृतिक मान्यताओं का रखा जाएगा ध्यान

स्कैनर प्रणाली के तकनीकी विस्तार और एल्गोरिदम में सुधार:

  • मंजूर किए गए 8 हवाई अड्डे: प्रथम चरण में दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु, चेन्नई, कोलकाता, हैदराबाद, कोच्चि और अहमदाबाद एयरपोर्ट को फुल बॉडी स्कैनर के लिए चयनित किया गया है।

  • एल्गोरिदम में विशेष बदलाव: स्कैनर के सॉफ्टवेयर एल्गोरिदम को भारतीय जनजीवन व संस्कृति के अनुरूप री-कैलिब्रेट किया जा रहा है।

  • धार्मिक प्रतीकों की पहचान: पारंपरिक आभूषणों जैसे मंगलसूत्र, कड़ा या धार्मिक धागों (मौली/जनेऊ) को सुरक्षा अलार्म में व्यवधान बनने से रोकने के लिए सिस्टम में इन्हें पहले से ‘स्वीकार्य वस्तुओं’ (Permissible Items) के रूप में पहचानने की तकनीक जोड़ी जा रही है।

🧳 3D बैगेज स्कैनिंग के लिए CTX मशीनें: बिना बैग खोले पकड़े जाएंगे विस्फोटक

सामान की अत्याधुनिक सुरक्षा जांच:

  • कंप्यूटेड टोमोग्राफी (CT) तकनीक: हवाई अड्डों पर आधुनिक सीटीएक्स (CTX) मशीनों की स्थापना पर तेजी से कार्य चल रहा है, जो उन्नत कंप्यूटेड टोमोग्राफी तकनीक पर आधारित हैं।

  • 3D इमेजिंग और विस्फोटक पहचान: यह प्रणाली यात्रियों के बैग और सूटकेस को खोले बिना उनकी संपूर्ण 3-डायमेंशनल (3D) इमेजिंग करती है, जिससे किसी भी प्रकार के संदिग्ध या विस्फोटक तत्वों की तत्काल पहचान संभव हो सकेगी।

  • तकनीकी मानक अंतिम चरण में: सुरक्षा विशेषज्ञों और एविएशन इंडस्ट्री के प्रतिनिधियों के साथ विचार-विमर्श के बाद इसके परिचालन मानकों को अंतिम रूप दिया जा रहा है।

🛡️ फ्लाईदुबई घटना पर नया सुरक्षा फ्रेमवर्क: कैप्टन स्मित मछार के अदम्य साहस को सलाम

विमानन सुरक्षा दिशा-निर्देश और हालिया संकट पर बयान:

  • नया सुरक्षा प्रोटोकॉल: फ्लाईदुबई की फ्लाइट में सह-पायलट द्वारा की गई संदिग्ध घटना को दृष्टिगत रखते हुए उड्डयन सचिव समीर सिन्हा ने बताया कि मंत्रालय एयरलाइंस सुरक्षा के लिए एक कड़ा फ्रेमवर्क तैयार कर रहा है।

  • कैप्टन स्मित मछार पर राष्ट्र को गर्व: इजराइल जा रहे विमान में यात्रियों की जान बचाने वाले भारतीय पायलट कैप्टन स्मित मछार की सूझबूझ और बहादुरी की वैश्विक स्तर पर सराहना हो रही है, जिस पर पूरे देश को गर्व है।

  • जांच जारी: घटना में शामिल ओमानी मूल के सह-पायलट के हमले के सटीक कारणों और पृष्ठभूमि की अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों द्वारा गहन जांच की जा रही है।

Related Articles

Back to top button