जंगल सफारी में शेर और बाघ की दहाड़ पर्यटक आज से फिर सुन सकेंगे, सरकार ने दी खोलने की हरी झंडी

रायपुर। कोरोना के खौफ के बीच धीरे-धीरे जिंदगी गाड़ी पटरी पर वापल लौट रही है। राज्य सरकार ने जंगल सफारी और नंदनवन को पर्यटकों के लिए खोलने की हरी झंडी दे दी है। बुधवार से एक बार फिर जंगल सफारी में शेर और बाघ की दहाड़ पर्यटक सुन सकेंगे, नंदनवन में विदेशी पक्षियों का कलरव सुन सकेंगे।
सफारी में एसी बस नहीं चलेगी, गाड़ी को प्रत्येक चक्कर के बाद सैनिटाइज किया जाएगा
कोरोना के चलते सफारी प्रबंधन द्वारा बनाए गए नियमों के मुताबिक ही पर्यटकों को प्रवेश की अनुमति मिलेगी। सफारी में एसी बस नहीं चलेगी, 24 सीटर बस में सिर्फ 12 पर्यटकों को ही घुमाया जाएगा। प्रत्येक गाड़ी को प्रत्येक चक्कर के बाद सैनिटाइज किया जाएगा। वन विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों ने मंगलवार को जंगल सफारी का जायजा लिया। जंगल सफारी प्रबंधन ने किस तरह पर्यटक आएंगे, कैसे उनको घुमया जाएगा, वाहन को कैसे सैनिटाइज किया जाएगा आदि का मॉकड्रिल कर अधिकारियों को दिखाया।
पर्यटकों के लिए बनाए गए नियमों का कड़ाई से पालन कराने के निर्देश
सफारी प्रबंधन का कहना है कि शासन से हरी झंडी मिल गई है, अधिकारियों ने दौरा करके पर्यटकों के लिए बनाए गए नियमों का कड़ाई से पालन कराने के निर्देश दिए। जंगल सफारी में मंगलवार को प्रमुख सचिव वन मनोज कुमार पिंगुआ, पीसीसीएफ वन्यजीव एवं वन्यप्राणी अभिरक्षण पीवी नरसिंह राव, जंगल सफारी डीएफओ एम. मर्शीवेला, एसडीओ विनोद सिंह ठाकुर मौजूद थे।
105 दिन बाद जंगल सफारी में लौटेगी रौनक, पर्यटकों के हाथों को सैनिटाइज किया जाएगा
ज्ञात हो कि कोरोना के खौफ के चलते जंगल सफारी में पर्यटकों की आवा-जाही बंद कर दी गई थी। अब 105 दिन बाद बुधवार को रौनक लौटेगी। मंगलवार को अधिकारियों के सामने सफारी प्रबंधन ने मॉकड्रिल करके दिखाया कि पर्यटकों के सफारी आने के बाद सबके हाथों को सैनिटाइज किया जाएगा, फिर थर्मल स्क्रीनिंग होगी। फिर नाम, पता, मोबाइल नंबर दर्ज करने के बाद ही पर्यटकों को काउंटर से टिकट दिया जाएगा।
सफारी के अंदर प्रवेश करने वालों को सैनिटाइजर टनल से गुजरना पड़ेगा
सफारी के अंदर प्रवेश करने वालों को सैनिटाइजर टनल से होकर गुजरना पड़ेगा। जंगल सफारी में 65 साल से अधिक के लोगों, गर्भवती महिलाओं तथा 10 वर्ष से कम के बच्चों को प्रवेश नहीं मिलेगा।
बुधवार से जंगल सफारी को खोलने का निर्णय लिया गया है। अधिकारियों ने जंगल सफारी का दौरा किया, जो दिशा-निर्देश दिए हैं उनका पालन किया जाएगा– एम. मर्शीवेला, डीएफओ जंगल सफारी।






